हरियाणा के जिला फतेहाबाद के बोस्ती गांव से एक ऐसा हृदय विदारक मामला सामने आया है, जिसने आधुनिक समाज की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। लेकिन जहां सारी उम्मीदें दम तोड़ देती हैं, वहां जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत एक नई किरण बनकर पहुंचते हैं। अपनी करुणा और दूरदर्शिता से संत जी ने इस परिवार को न केवल भुखमरी से बचाया, बल्कि उन्हें एक गरिमापूर्ण जीवन जीने का संबल भी प्रदान किया है।
दो साल से बंद दरवाजा और 25 साल की मानसिक पीड़ा
गांव बोस्ती के रहने वाले संदीप का परिवार आज भीषण संकट के दौर से गुजर रहा है। परिवार की स्थिति इतनी दयनीय है कि उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है:
- संदीप का बड़ा भाई: पिछले 2 साल से एक कमरे में खुद को बंद किए हुए है। वह न किसी से बात करता है और न ही दरवाजा खोलता है।
- माता जी: पिछले 25 वर्षों से गंभीर मानसिक पीड़ा और बीमारी से जूझ रही हैं।
- संदीप: स्वयं पथरी की बीमारी से ग्रस्त है, फिर भी टूटी-फूटी दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पेट पालने की कोशिश करता है।
- दुखों का पहाड़: परिवार के मुखिया बलवान सिंह, जो अपनी मेहनत और ईमानदारी के लिए पूरे गांव में जाने जाते थे, उनकी मृत्यु के बाद परिवार पूरी तरह बिखर गया। घर में न रोजगार का कोई स्थायी साधन बचा और न ही दो वक्त की रोटी का ठिकाना।
इन सभी परेशानियों के बीच जब संदीप जी को समाजसेवी संस्थाओं और सरकार की ओर से भी मदद नहीं मिली, तब संत रामपाल जी महाराज जी ने आगे बढ़कर उनका हाथ थामा और उन्हें नया जीवन दिया।
मानवता के सजग प्रहरी: त्रेतायुग जैसी कर्तव्यनिष्ठा

जिस प्रकार त्रेतायुग में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम रात्रि के अंधकार में स्वयं अपनी नगरी की गलियों में घूमकर प्रजा के दुःख-दर्द और उनकी चीख-पुकार का पता लगाते थे ताकि कोई भी दुखी न रहे, ठीक वही उत्तरदायित्व आज संत रामपाल जी महाराज निभा रहे हैं। एक कुशल संरक्षक की भांति, संत रामपाल जी महाराज ने पूरे विश्व को सुखी करने का बीड़ा उठाया है।
वे अपने शिष्यों को माध्यम बनाकर गली-गली और मोहल्ले-मोहल्ले में छिपी दरिद्रता और लाचारी को खोज निकालते हैं। जहां प्रशासन और समाज की नजर नहीं पहुंचती, वहां संत रामपाल जी महाराज स्वयं पहुंचकर असहायों के अश्रु पोंछ रहे हैं और मानवता की सेवा का एक नया अध्याय लिख रहे हैं।
अन्नपूर्णा मुहिम: सिर्फ राशन नहीं, बल्कि जीवन का आधार
जब संत रामपाल जी महाराज को इस परिवार की लाचारी का पता चला, तो उन्होंने तुरंत सहायता भेजने के निर्देश दिए। मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट के माध्यम से संदीप के घर राशन की वह सामग्री पहुंचाई गई, जिससे अब उन्हें भोजन के लिए किसी के आगे हाथ फैलाने की आवश्यकता नहीं होगी।
प्रदान की गई सामग्री की सूची:
| क्र.सं. | सामग्री का नाम | मात्रा |
| 1 | आटा | 20 किलो |
| 2 | चावल | 5 किलो |
| 3 | चीनी | 2 किलो |
| 4 | अचार | 1 किलो |
| 5 | पीली मूंग दाल | 1 किलो |
| 6 | हरी मूंग दाल | 1 किलो |
| 7 | कपड़े धोने का साबुन | 1 किलो |
| 8 | आलू | 5 किलो |
| 9 | प्याज | 5 किलो |
| 10 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 11 | जीरा | 150 ग्राम |
| 12 | लाल मिर्च | 100 ग्राम |
| 13 | टाटा नमक | 1 किलो |
| 14 | टाटा चाय | 250 ग्राम |
| 15 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 16 | सूखा दूध (Milk Powder) | ½ किलो |
| 17 | कपड़े धोने का सर्फ | ½ किलो |
| 18 | सरसों तेल | 1 लीटर |
संदीप जी ने भावुक होकर कहा,
“संत रामपाल जी महाराज जी गरीबों के लिए बहुत ही बढ़िया कार्य कर रहे हैं। अब मुझे राशन की कोई समस्या नहीं है। मैं संत रामपाल जी महाराज को ही अपना भगवान मानता हूँ, जिन्होंने हमारी सुध ली।”
दहेज रहित विवाह: समाज सुधार की एक अनोखी पहल
संत रामपाल जी महाराज न केवल अभावग्रस्त परिवारों की आर्थिक सहायता कर रहे हैं, बल्कि समाज से दहेज जैसी कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए भी प्रयासरत हैं। उनके मार्गदर्शन में हज़ारों ‘रमैनी’ (दहेज रहित विवाह) संपन्न हो रहे हैं, जहां बिना किसी लेन-देन के मात्र 17 मिनट में विवाह संपन्न कराया जाता है। यह पहल गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इससे बेटियों की शादी का आर्थिक बोझ पूरी तरह समाप्त हो गया है। संत जी का लक्ष्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जहां बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि सम्मान की दृष्टि से देखा जाए।
स्वार्थ के इस युग में साक्षात मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज
आज के इस दौर में जहां स्वार्थ चरम पर है, जहां एक भाई दूसरे भाई को देखकर खुश नहीं है और इंसान ही इंसान का हक़ छीनने में लगा है, ऐसे विकट समय में संत रामपाल जी महाराज ही एकमात्र सच्ची आस बनकर उभरे हैं। नफरत और स्वार्थ की इस धधकती आग के बीच, संत रामपाल जी महाराज स्वयं उन अत्यंत जरूरतमंद और बेबस लोगों को खोज रहे हैं, जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं है। जहां समाज और प्रशासन की नजरें नहीं पहुंचतीं, वहां संत रामपाल जी महाराज साक्षात मसीहा के रूप में प्रकट होकर अपने भक्तों के माध्यम से लाचारों के आँसू पोंछ रहे हैं।
आजीवन सहायता और स्वास्थ्य सेवा का संकल्प
संत रामपाल जी महाराज का मिशन केवल एक बार की मदद तक सीमित नहीं है। संत जी ने इस परिवार के लिए निम्नलिखित स्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं:
- निरंतर राशन सेवा: संदीप को एक संपर्क कार्ड दिया गया है। राशन खत्म होने से दो दिन पहले फोन करने पर नया राशन सीधा उनके घर पहुँचा दिया जाएगा।
- मुफ्त चिकित्सा उपचार: परिवार में मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार सदस्यों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी संत जी ने उठाई है। उन्हें अस्पताल ले जाने और दवाइयों का पूरा खर्च ट्रस्ट वहन करेगा।
- शिक्षा और आवास: यदि परिवार को पक्के मकान या शिक्षा के लिए सामग्री की आवश्यकता होगी, तो वह भी संत जी द्वारा प्रदान की जाएगी।
ग्रामीणों की राय: “कलयुग में साक्षात भगवान का कार्य”
रणजीत रंगा जी ने इस पुनीत कार्य का बखान करते हुए कहा: “वास्तव में, मानवता की भलाई से बढ़कर संसार में कोई दूसरा धर्म नहीं है। किसी भूखे व्यक्ति को भरपेट भोजन कराना ही सबसे श्रेष्ठ पुण्य है। संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा किए गए ये कार्य अत्यंत प्रशंसनीय हैं।”
ग्रामीण रणजीत राणा जी ने परिवार की पृष्ठभूमि और विवशता को स्पष्ट करते हुए कहा: “इन बच्चों के पिता और हमारे साथी बलवान सिंह अत्यंत ईमानदार, निष्ठावान और मेहनती व्यक्ति थे। किंतु मस्तिष्क संबंधी बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हो गई। अब परिवार में केवल संदीप ही थोड़ा-बहुत कमा पाता है, जबकि शेष सदस्य मानसिक रूप से पीड़ित हैं। संदीप उनकी देखभाल में इतना उलझा रहता है कि यदि वह मजदूरी करने बाहर जाए, तो पीछे से कोई न कोई घर छोड़कर भाग जाता है। यह परिवार अत्यंत कष्ट में था।
पूरे गांव में संत रामपाल जी महाराज की टीम ही पहली ऐसी संस्था है, जो इस परिवार की सुध लेने और सहायता करने आई है। हम पूरे गांव की ओर से संत जी का कोटि-कोटि धन्यवाद करते हैं।”
महत्वपूर्ण सूचना:
संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट संदेश है कि सहायता केवल उन्हीं को दी जाती है जो नशा और मांसाहार का पूर्ण त्याग करते हैं। लाभार्थी को लाभ लेने से पहले इन सभी बुराइयों को त्यागना अनिवार्य होगा। यदि आप की जानकारी या पहचान में कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे इस मुहिम से सहायता की आवश्यकता है तो कृपया नीचे दिए नंबरों पर संपर्क करें: 9992800455, 9992600771, 9992600161, 9992600162
