फरीदाबाद, हरियाणा: आधुनिकता की चकाचौंध के बीच आज भी समाज का एक बड़ा वर्ग बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। हरियाणा के फरीदाबाद जिले के मुजेसर गांव में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ एक बुजुर्ग दंपत्ति अत्यंत दयनीय परिस्थितियों में जीवन व्यतीत करने को विवश था। इस असहाय परिवार के लिए जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज एक मसीहा बनकर सामने आए हैं। संत रामपाल जी महाराज ने अपनी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के अंतर्गत इस बुजुर्ग दंपत्ति की सुध ली और उन्हें न केवल तात्कालिक राहत पहुंचाई, बल्कि भविष्य के लिए भी पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया है।
मुजेसर गांव में घोर अभावों के बीच गुजर-बसर कर रहा था परिवार
मुजेसर गांव के निवासी रणबीर और उनकी पत्नी एक ऐसे घर में रह रहे थे, जिसे केवल दीवारों का ढांचा कहना उचित होगा। इस बुजुर्ग दंपत्ति के घर की स्थिति इतनी खराब थी कि वहां बुनियादी मानवाधिकारों का भी अभाव था। घर में न तो बिजली का कनेक्शन था और न ही पंखे जैसी न्यूनतम सुविधा। भीषण गर्मी के मौसम में यह बुजुर्ग दंपत्ति बिना पंखे के रहने को मजबूर था। घर की भौतिक स्थिति का जायजा लेने पर पता चला कि दीवारों पर प्लास्टर तक नहीं है और मुख्य द्वार भी टूटा हुआ है।
सबसे विचलित करने वाली बात यह थी कि घर में शौचालय और स्नानघर की भी समुचित व्यवस्था नहीं थी। रणबीर ने बताया कि वे मजदूरी करके अपना पेट पालने की कोशिश करते हैं, लेकिन बढ़ती उम्र और शारीरिक अक्षमता के कारण नियमित काम मिलना मुश्किल होता है। कई बार ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं जब उन्हें भूखे पेट ही सोना पड़ता है।
संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत पहुँचाई राहत सामग्री की सूची:
इस परिवार की व्यथा जब संत रामपाल जी महाराज के संज्ञान में आई, तो उन्होंने अविलंब अपनी टीम और मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट के माध्यम से सहायता भेजने के निर्देश दिए। संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से रणबीर के परिवार के लिए संपूर्ण घरेलू राशन और रसोई की व्यवस्था सुनिश्चित की।
| क्रम | सामग्री | मात्रा |
| 1 | आटा | 25 किलो |
| 2 | चावल | 5 किलो |
| 3 | चीनी | 2 किलो |
| 4 | सरसों तेल | 1 लीटर |
| 5 | चने की दाल | 1 किलो |
| 6 | मूंग दाल | 1 किलो |
| 7 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 8 | जीरा | 150 ग्राम |
| 9 | लाल मिर्च | 100 ग्राम |
| 10 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 11 | कपड़े धोने का साबुन | 1 पैकेट |
| 12 | टाटा नमक | 1 पैकेट |
| 13 | सूखा दूध | 1 किलो |
| 14 | आलू | 5 किलो |
| 15 | प्याज | 5 किलो |
| 16 | अचार | 1 पैकेट |
| 17 | कपड़े धोने का सर्फ | 1 पैकेट |
| 18 | टाटा अग्नि चाय पत्ती | 1 पैकेट |
आजीवन सहायता और आवास सुधार का संकल्प
संत रामपाल जी महाराज की यह सेवा केवल एक बार की सहायता तक सीमित नहीं है। सेवादारों ने स्पष्ट किया कि संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार, इस बुजुर्ग दंपत्ति को आजीवन राशन और अन्य आवश्यक वस्तुएं निशुल्क प्रदान की जाएंगी।
इसके लिए परिवार को संपर्क नंबरों वाला एक विशेष कार्ड दिया गया है, ताकि राशन समाप्त होने से दो दिन पूर्व वे सूचित कर सकें। सेवादारों ने यह भी बताया कि घर की जर्जर स्थिति को देखते हुए, संत रामपाल जी महाराज ने आवास के जीर्णोद्धार का भी निर्णय लिया है। इसमें बिजली की व्यवस्था, टूटे हुए दरवाजों की मरम्मत और शौचालय के निर्माण जैसी सुविधाएं शामिल होंगी, ताकि यह बुजुर्ग दंपत्ति गरिमापूर्ण जीवन जी सके।
नशा मुक्ति और सदाचार की अनिवार्य शर्त
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित यह अन्नपूर्णा मुहिम सामाजिक सुधार के एक व्यापक ढांचे पर आधारित है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी को पूर्णतः नशा मुक्त होना और मांसाहार का त्याग करना अनिवार्य है। संत रामपाल जी महाराज का मानना है कि केवल आर्थिक सहायता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यक्ति को नैतिक और आत्मिक रूप से भी उन्नत होना चाहिए। रणबीर और उनके परिवार ने इन नियमों का पालन करने और सात्विक जीवन जीने का संकल्प लिया है। मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट के सेवादार समय-समय पर इसकी निगरानी भी करते हैं ताकि सहायता का वास्तविक उद्देश्य सफल हो सके।
जेल में रहते हुए भी मानवता की निरंतर सेवा
यह तथ्य अत्यंत प्रेरणादायक है कि संत रामपाल जी महाराज स्वयं विषम परिस्थितियों में होने के बावजूद, बाहर समाज के दीन-दुखियों की चिंता कर रहे हैं। मुजेसर गांव के निवासियों और रणबीर के पड़ोसियों ने इस पर आश्चर्य और श्रद्धा व्यक्त की कि एक संत जो स्वयं जेल में है, वह कैसे देश के कोने-कोने में गरीबों तक सहायता पहुँचा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आज के दौर में जहाँ सगे संबंधी भी विपत्ति में साथ छोड़ देते हैं, वहां संत रामपाल जी महाराज का यह परोपकारी कार्य उन्हें एक परम संत और कबीर साहिब के वास्तविक स्वरूप के रूप में स्थापित करता है।
विस्तृत सामाजिक सरोकार और भविष्य की योजनाएं
अन्नपूर्णा मुहिम के अतिरिक्त, संत रामपाल जी महाराज द्वारा कई अन्य जनकल्याणकारी कार्य भी किए जा रहे हैं। इनमें दहेज मुक्त सामूहिक विवाह, निशुल्क चिकित्सा शिविर (आंखों और दांतों की जांच), और गरीब बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा सामग्री वितरण शामिल है।
मुजेसर में रणबीर के परिवार की सहायता करते समय सेवादारों ने दोहराया कि महाराज जी का लक्ष्य पूरे भारत को ‘सोने की चिड़िया’ बनाना और “रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान, सबको देगा कबीर भगवान” के नारे को चरितार्थ करना है।
मानवीय संवेदनाओं का पुनर्जागरण
संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम मात्र एक दान प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह समाज की सोई हुई संवेदनाओं को जगाने का एक प्रयास है। फरीदाबाद के मुजेसर गांव में रणबीर जैसे असहाय व्यक्ति को मिला सहारा इस बात का प्रमाण है कि यदि इच्छाशक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा हो, तो कोई भी व्यक्ति भूखा या बेसहारा नहीं रहेगा। संत रामपाल जी महाराज की यह पहल वर्तमान समय में मानवता के लिए एक नई आशा की किरण बनकर उभरी है, जो जाति, धर्म और संप्रदाय से ऊपर उठकर केवल ‘मानव सेवा’ को ही सर्वोपरि धर्म मानती है।

