लुधियाना के गुरपाल नगर में बेसहारा परिवार का सहारा बने संत रामपाल जी महाराज: घर तक पहुंची अन्नपूर्णा मुहिम

लुधियाना के गुरपाल नगर में बेसहारा परिवार का सहारा बने संत रामपाल जी महाराज: घर तक पहुंची अन्नपूर्णा मुहिम

पंजाब के लुधियाना स्थित गुरपाल नगर की यह घटना समाज के लिए एक आईना है। एक गरीब परिवार, जो बीमारी और मुफलिसी से घुट-घुट कर जी रहा था, उसकी चीखें किसी को नहीं सुनाई दीं। 

ऐसे विकट समय में तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने इस घर के अंधेरे को दूर किया। संत रामपाल जी महाराज जी के आदेशानुसार मुनिंदर धर्मार्थ ट्रस्ट, कुरुक्षेत्र के द्वारा अन्नपूर्णा मुहिम की टीम ने सीधे परिवार के दरवाजे़ पर पहुंचकर मुफ्त राशन और दैनिक जरूरत का सारा सामान उपलब्ध करवाया।

अन्नपूर्णा मुहिम ने कैसे बदली जिंदगी से जुड़े मुख्य बिंदु:

घर तक राशन: 25 किलो आटा, चावल, दाल, तेल, चीनी, मसाले और आलू-प्याज़ जैसी सब्जियां मुफ्त दी गईं।

गैस और चूल्हा: पैसों के अभाव में खाली पड़े गैस सिलेंडर को 1 घंटे के भीतर भरवाकर देने का जिम्मा उठाया।

इलाज व शिक्षा: मानसिक रूप से बीमार बच्चे का इलाज और बच्ची की फीस, किताबें व ड्रेस का पूरा खर्च ट्रस्ट उठाएगा।

स्थाई मदद: राशन खत्म होने से दो दिन पहले कॉल करने पर अन्नपूर्णा मुहिम के तहत् आश्रम से दोबारा घर तक सामान पहुंचाएंगे।

पिता की मौत, बीमारी और लाचारी का दर्द

परिवार की बुजुर्ग महिला विधाता ने बताया कि दो साल पहले उनके दामाद का निधन हो गया था। बेटी पूनम शारीरिक रूप से कमज़ोर और बीमार रहती हैं, जिसके कारण वह काम करने में असमर्थ हैं। 

किराए के मकान का खर्च पच्चीस सौ रुपये और भारी-भरकम बिजली का बिल चुकाना उनके लिए असंभव था। ऊपर से घर में एक मानसिक रूप से बीमार बच्चा है, जिसके इलाज के लिए एक रुपया भी नहीं था। हालात ऐसे थे कि परिवार भुखमरी की कगार पर था।

प्यासे के पास खुद कुआं चलकर आया है

आमतौर पर लाचार इंसान को मदद के लिए दूसरों के दरवाजे खटखटाने पड़ते हैं। लेकिन यहां संत रामपाल जी महाराज की कृपा से कुआं खुद प्यासे के पास चलकर आया। भावुक होते हुए विधाता ने कहा कि “आज संत जी ने हमारे मां-बाप का फर्ज निभाया है। अब हमारे बच्चे भूखे नहीं सोएंगे। परमात्मा ने हमारी पुकार सुन ली है।” यह एहसास ऐसा था मानो भगवान खुद उनका दुख दूर करने आ गए हों।

उम्र भर का सहारा और नशा मुक्त जीवन की शर्त

यह मदद कोई एक दिन का दिखावा नहीं है। जब तक परिवार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो जाता, यह सहायता निरंतर जारी रहेगी। संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट आदेश है कि शिक्षा में पैसे की कमी आड़े नहीं आनी चाहिए। 

हालांकि, इस मुहिम की एक सख्त शर्त है। राहत केवल नशा मुक्त और शाकाहारी जीवन जीने वालों को मिलती है। यदि लाभार्थी भविष्य में नशा या मांस का सेवन करता पाया गया, तो मदद तुरंत बंद कर दी जाएगी। यह समाज सुधार की दिशा में एक कड़ा और सकारात्मक कदम है।

अधिक जानकारी के लिए विज़िट करें YouTube channel: AnnaPurna Muhim

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *