हरियाणा के जिला कुरुक्षेत्र के गांव कंथला (कैथला), जहां एक ऐसा परिवार रहता है, जो लंबे समय से बीमारी, तंगी और अकेलेपन से संघर्ष कर रहा है। इस परिवार के मुखिया बुलदाराम जी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। परिवार में कुल केवल दो सदस्य हैं और उनकी पूरी जिंदगी एकमात्र पेंशन पर निर्भर है।
सरकार की ओर से उन्हें एक छोटा सा मकान तो मिला है, लेकिन रोजमर्रा की आवश्यकताएं, भोजन और दवाइयों का खर्च उनके लिए दिन-ब-दिन असहनीय होता जा रहा था। हालात ऐसे थे कि कई बार दो वक्त की रोटी भी चिंता का विषय बन जाती थी।
जब पीड़ा संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची
जब इस परिवार की वास्तविक स्थिति संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत आदेश दिया कि इस परिवार को अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाए, ताकि कोई भी मजबूर व्यक्ति भूखा न रहे। उनके निर्देश पर आज पहली बार इस परिवार तक निशुल्क राशन और आवश्यक सामग्री पहुंचाई गई।
यह स्पष्ट किया गया कि यह सहायता केवल एक बार की नहीं है, बल्कि आवश्यकता अनुसार आगे भी निरंतर दी जाती रहेगी — यह संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट आदेश है।
कैसी है परिवार की स्थिति?
बुलदाराम जी बीमारी के कारण काम करने में असमर्थ हैं। आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। पेंशन से दवाइयों, बिजली, पानी और भोजन का खर्च निकालना अत्यंत कठिन हो चुका था। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज का यह हस्तक्षेप उनके लिए जीवनरेखा बनकर आया है।
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संत रामपाल जी महाराज के आदेश से कंथला में दी गई सहायता सामग्री
संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से आज इस परिवार को निम्नलिखित सामग्री निशुल्क प्रदान की गई:
| क्रमांक | श्रेणी | सामग्री का नाम | मात्रा / विवरण |
| 1 | खाद्य सामग्री | गेहूं का आटा | 15 किलो |
| 2 | खाद्य सामग्री | चावल | 5 किलो |
| 3 | खाद्य सामग्री | चीनी | 2 किलो |
| 4 | खाद्य सामग्री | आलू | आवश्यक मात्रा |
| 5 | खाद्य सामग्री | प्याज | आवश्यक मात्रा |
| 6 | खाद्य सामग्री | चना दाल | 1 किलो |
| 7 | खाद्य सामग्री | काला चना | आवश्यक मात्रा |
| 8 | खाद्य सामग्री | मूंग दाल (धोई हुई) | 1 किलो |
| 9 | खाद्य सामग्री | सरसों का तेल | 1 लीटर |
| 10 | खाद्य सामग्री | Amul दूध | आवश्यक मात्रा |
| 11 | खाद्य सामग्री | चाय पत्ती (टाटा) | आवश्यक मात्रा |
| 12 | मसाले | नमक (टाटा) | आवश्यक मात्रा |
| 13 | मसाले | हल्दी पाउडर | आवश्यक मात्रा |
| 14 | मसाले | लाल मिर्च पाउडर | आवश्यक मात्रा |
| 15 | मसाले | जीरा | आवश्यक मात्रा |
| 16 | स्वच्छता | कपड़े धोने का सर्फ (घड़ी) | 1 पैक |
| 17 | स्वच्छता | कपड़े धोने का साबुन (खादी) | आवश्यक मात्रा |
| 18 | स्वच्छता | नहाने का साबुन | आवश्यक मात्रा |
| 19 | खाद्य सामग्री | अचार | आवश्यक मात्रा |
यह संपूर्ण सामग्री संत रामपाल जी महाराज के आदेश और कृपा से प्रदान की गई, ताकि परिवार की रसोई में किसी चीज़ की कमी न रहे।
“ऐसे संत पहले कभी नहीं देखे” – बुलदाराम जी
जब बुलदाराम जी से पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी ऐसे संत देखे हैं जो खुद गली-गली जाकर जरूरतमंदों को खोजते हों, तो उनका उत्तर था:
“कभी नहीं देखे। आज पहली बार देखा है कि कोई संत मांगने नहीं, देने आया है।”
भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई सहारा नहीं था, तब संत रामपाल जी महाराज उनके लिए ईश्वर का रूप बनकर आए।
सहायता आगे कैसे मिलेगी?
संत रामपाल जी महाराज के आदेश से परिवार को आश्रम संपर्क कार्ड दिया गया है। निर्देश यह है कि:
- राशन समाप्त होने से 2 दिन पहले संपर्क किया जाए
- आवश्यक सामग्री सीधे घर तक पहुंचाई जाएगी
यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि किसी भी जरूरतमंद को बार-बार दर-दर भटकना न पड़े।
पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
पड़ोसियों ने भी माना कि इस परिवार की स्थिति बेहद दयनीय थी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि:
- आज के समय में कोई 10 रुपये देने को तैयार नहीं
- लेकिन संत रामपाल जी महाराज हजारों रुपये की सहायता बिना किसी स्वार्थ के कर रहे हैं
उनका कहना था कि संत रामपाल जी महाराज का मिशन — रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान — वास्तव में ज़मीनी स्तर पर साकार हो रहा है।
संत रामपाल जी महाराज भूख मिटाकर भविष्य संवारते हैं
गांव कंथला का यह परिवार सिर्फ एक उदाहरण है। ऐसे हजारों असहाय, बीमार और वृद्ध परिवार हैं, जिनके जीवन में संत रामपाल जी महाराज ने आशा, सम्मान और सुरक्षा लौटाई है। जहां दुनिया सवाल पूछती है, वहीं संत रामपाल जी महाराज पहले भूख मिटाते हैं, फिर भविष्य संवारते हैं।

