हरियाणा के पंचशील कॉलोनी में संत रामपाल जी महाराज द्वारा सहायता

​हरियाणा/सोनीपत: पंचशील कॉलोनी में संत रामपाल जी महाराज की दया से रोशन हुआ अभावों में घिरा एक परिवार

सोनीपत: आधुनिकता की चकाचौंध के बीच समाज में आज भी ऐसे कई परिवार हैं जो दो वक्त की रोटी के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे हैं। ऐसी ही एक हकीकत हरियाणा के सोनीपत जिले की पंचशील कॉलोनी में देखने को मिली। यहां किराए के एक छोटे से मकान में रहने वाला एक परिवार घोर आर्थिक संकट से जूझ रहा था। 

परिवार में पति, पत्नी और तीन छोटे बच्चे शामिल हैं। पति गाड़ियां धोकर जो थोड़ी बहुत मजदूरी कमाते हैं, उससे घर का किराया और राशन का खर्च चलाना असंभव हो रहा था। स्थिति इतनी दयनीय थी कि बच्चों के स्कूल जाने का सपना तो बहुत दूर की बात है, उनके पैरों में पहनने के लिए चप्पलें तक नहीं थीं। सरकारी राशन कार्ड से मिलने वाली सहायता भी नाकाफी साबित हो रही थी। लेकिन इस अंधकारमय जीवन में उम्मीद की किरण बनकर आई संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’

​ग्रामीणों द्वारा संत रामपाल जी महाराज से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया

​इस परिवार की दयनीय स्थिति की जानकारी मुनिंदर धर्मार्थ ट्रस्ट तक एक जागरूक पड़ोसी के माध्यम से पहुंची। पड़ोस में रहने वाले एक सरदार जी ने देखा कि यह परिवार मुसीबत में है और मुखिया की कमाई न के बराबर है। उन्होंने तुरंत अपने मित्र से संपर्क किया जो संत रामपाल जी महाराज के आश्रम से जुड़े हुए थे। उन्होंने आश्रम में सूचना दी कि एक परिवार को तत्काल सहायता की आवश्यकता है। 

सूचना मिलते ही संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार सेवादारों की एक टीम तुरंत पंचशील कॉलोनी पहुंची। सेवादारों ने बताया कि वे कॉलोनी-कॉलोनी जाकर लोगों से पूछताछ करते हैं कि क्या आस-पास कोई ऐसा जरूरतमंद है जिसे मदद की दरकार है। जानकारी सत्यापित होते ही गुरु जी के आदेश से सहायता सामग्री उन तक पहुंचा दी जाती है।

​संत रामपाल जी महाराज द्वारा परिवार की आवश्यकतानुसार विशेष सहायता

​मुनिंदर धर्मार्थ ट्रस्ट के सेवादार ने पीड़ित परिवार की जरूरतों का बारीकी से आकलन किया। संत रामपाल जी महाराज का स्पष्ट आदेश है कि परिवार को जिस चीज का अभाव है, वही उपलब्ध करवाया जाए। परिवार की महिला ने बताया कि उनके पास न तो पर्याप्त राशन है और न ही पहनने को सही कपड़े। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रस्ट द्वारा निम्नलिखित सामग्री उपलब्ध कराई गई:

क्र.सं.सामग्री का नाममात्रा/विवरण
1आटा25 किलोग्राम
2चावल5 किलोग्राम
3आलू5 किलोग्राम
4प्याज5 किलोग्राम
5खाद्य तेल1 लीटर
6दाल (चना)1 किलोग्राम
7दाल (मूंग)1 किलोग्राम
8टाटा नमक1 किलोग्राम
9टाटा चाय1 पैकेट
10जीरा150 ग्राम
11लाल मिर्च पाउडर100 ग्राम
12हल्दी पाउडर150 ग्राम
13अचार1 पैक
14कपड़े धोने का साबुनखादी साबुन
15डिटर्जेंट पाउडरघड़ी डिटर्जेंट
16कपड़े (बच्चों के लिए)तीनों बच्चों के लिए एक-एक जोड़ी
17कपड़े (महिला के लिए)एक लेडीज सूट
18चप्पलेंपूरे परिवार के लिए नई चप्पलें

संत रामपाल जी महाराज का आजीवन सहयोग और संरक्षण का वचन

​संत रामपाल जी महाराज की यह मुहिम केवल एक बार सहायता देकर समाप्त नहीं होती। इस मुहिम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी निरंतरता है। सेवादारों ने परिवार को एक विशेष कार्ड प्रदान किया जिस पर आश्रम के संपर्क सूत्र लिखे हैं। परिवार को निर्देश दिया गया है कि जैसे ही राशन खत्म होने वाला हो, वे दो दिन पहले दिए गए नंबरों पर कॉल कर दें। कॉल करते ही नया राशन उनके घर पहुंचा दिया जाएगा। यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक परिवार को इसकी आवश्यकता है। यह सुनिश्चित करता है कि संत रामपाल जी महाराज की शरण में आने के बाद कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए।

Also Read: देवभूमि में मानवता की नई मिसाल: टिहरी गढ़वाल के कातक सिंह के परिवार के लिए मसीहा बने संत रामपाल जी महाराज

​नशामुक्त और सात्विक जीवन की अनिवार्यता

​अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत दी जाने वाली सहायता के साथ एक महत्वपूर्ण शर्त जुड़ी हुई है जो समाज सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह सहायता केवल उन्हीं परिवारों को दी जाती है जो पूर्ण रूप से नशामुक्त हैं और मांसाहार का सेवन नहीं करते। संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य केवल पेट भरना नहीं, बल्कि समाज को बुराइयों से मुक्त करना भी है। यदि कोई लाभार्थी सहायता प्राप्त करने के बाद नशा या मांसाहार करता पाया जाता है, तो उसकी सहायता तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाती है। इस परिवार ने भी इन नियमों का पालन करने का संकल्प लिया है।

​संत रामपाल जी महाराज: मानवता के सच्चे मसीहा और तारणहार

​निष्कर्षतः यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि संत रामपाल जी महाराज कलयुग में मानवता के सच्चे रक्षक बनकर उभरे हैं। जहाँ एक ओर सरकारी योजनाएँ सीमाओं और नियमों में बंधी होती हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज की दया की कोई सीमा नहीं है। भले ही वे वर्तमान में जेल में हैं, लेकिन उनकी ‘शब्द शक्ति’ और प्रेरणा से लाखों शिष्य समाज सेवा में दिन-रात जुटे हुए हैं। 

जैसा कि वीडियो में उल्लेख किया गया है, जिस प्रकार एक टॉवर से जुड़े लाखों मोबाइल कार्य करते हैं, उसी प्रकार संत रामपाल जी महाराज दीन-दुखियों की सेवा कर रहे हैं। वे झोपड़ी से लेकर मकान तक की सहायता दे रहे हैं और अपने हर जरूरतमंद बच्चे का ख्याल रख रहे हैं। यह निस्वार्थ सेवा भाव सिद्ध करता है कि संत रामपाल जी महाराज ही वह पूर्ण संत हैं जो समाज को एक नई दिशा और सतयुग जैसा वातावरण प्रदान कर रहे हैं।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *