उड़ीसा के बरगढ़ में संत रामपाल जी महाराज की 'अन्नपूर्णा मुहिम' बनी कुश परिवार का सहारा: छत, राशन और नई ज़िंदगी की उम्मीद

उड़ीसा के बरगढ़ में संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ बनी कुश परिवार का सहारा: छत, राशन और नई ज़िंदगी की उम्मीद

कुश परिवार की सहायता: उड़ीसा के बरगढ़ जिले के गुदेरपाली गांव में करुणा और मानवता का एक प्रेरक अध्याय सामने आया है। यह कहानी है कुश जी के परिवार की, जो घोर गरीबी, शारीरिक असमर्थता और अभाव के दर्द में जी रहा था। उनके जीवन में तब आशा की किरण जगी, जब संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें सहायता पहुंचाई। यह देशव्यापी मुहिम है।

कुश परिवार: त्रासदी और अभाव का जीवन

कुश का मकान टूटी हुई दीवारों और बिना छत के जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, जहाँ बारिश में पानी अंदर टपकता है। परिवार में तीन सदस्य हैं: कुश, उनकी 90 वर्षीय दादी, और उनकी बहन। कुश के माता-पिता का निधन हो चुका है। दुर्भाग्यवश, उनका लगभग 50% चेहरा जल चुका है। इस गंभीर चोट और पैर में आई सूजन के कारण वे चलने-फिरने या कोई काम करने में भी असमर्थ हैं।

परिवार का कोई भी सदस्य कमाता नहीं है, जिससे उन्हें भूखा रहना पड़ता था। शारीरिक असमर्थता के कारण मांगकर गुजारा करना भी अब संभव नहीं है। तमाम सरकारी योजनाओं के बावजूद, इस परिवार को न तो घर बनाने के लिए सहायता मिली, न ही उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी हुई थी।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा तत्काल सहायता

संत रामपाल जी महाराज को एक समाचार पत्र के माध्यम से इस परिवार की दयनीय स्थिति के बारे में पता चला। तुरंत, उनके आदेश पर ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत एक टीम गुदेरपाली गांव पहुंची।

इस मुहिम का मकसद

‘रोटी, कपड़ा, शिक्षा, और मकान। हर गरीब को देगा कबीर भगवान’

के संकल्प पर आधारित है। टीम ने पाया कि परिवार की आर्थिक स्थिति एकदम कमजोर है और खाने-पीने का घोर अभाव है।

तत्काल सहायता के रूप में, संत रामपाल जी महाराज ने परिवार को एक महीने का आवश्यक राशन किट (चावल, दाल, आटा, आलू, प्याज) प्रदान किया। टपकती छत को देखते हुए, उन्होंने तुरंत एक बड़ी प्लास्टिक की शीट की व्यवस्था की। परिवार ने बताया कि इससे पहले कई लोग सिर्फ फोटो खींचकर चले गए, लेकिन किसी ने सहायता नहीं की।

अन्नपूर्णा मुहिम राशन सामग्री सूची – बरगढ़ गाँव

क्रमसामग्रीमात्रा
1गेहूं का आटा15 किलो
2चावल5 किलो
3मूंग दाल½ किलो
4चना दाल½ किलो
5सरसों का तेल1 लीटर
6चीनी2 किलो
7टाटा नमक1 किलो
8हल्दी150 ग्राम
9जीरा150 ग्राम
10लाल मिर्च100 ग्राम
11टाटा चायपत्ती250 ग्राम
12नहाने का साबुन4 पीस
13कपड़े धोने का साबुन1 किलो
14मिक्स अचार1 किलो
15सूखा दूध½ किलो
16गैस सिलेंडर1 भरा हुआ सिलेंडर
17गैस कनेक्शननया चूल्हा और रेगुलेटर

निरंतर सहयोग और दीर्घकालिक योजना

यह सहयोग केवल एक बार का नहीं है, बल्कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा निरंतर सहायता का वादा है। कुश के परिवार को एक विशेष कार्ड दिया गया है, जिस पर संपर्क नंबर अंकित हैं। इस कार्ड के माध्यम से, राशन सामग्री खत्म होने से दो दिन पहले संपर्क करने पर, तुरंत नई सामग्री पहुँचाने की व्यवस्था की जाएगी। यह सहयोग निरंतर जारी रहेगा। संत रामपाल जी महाराज ने परिवार की अन्य मूलभूत समस्याओं का भी संज्ञान लिया है।

90 वर्षीय दादी के लिए शौचालय और स्नानघर की सुविधा न होना एक बड़ी समस्या है। कुश की बहन यदि पढ़ाई जारी रखना चाहती है, तो उसकी शिक्षा, किताबें और स्कूल सामग्री का पूरा खर्च भी संत रामपाल जी द्वारा वहन किया जाएगा।

मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट: सेवा के नियम

लाभार्थी को सहायता प्राप्त करने से पूर्व इन बुराइयों को त्यागना अनिवार्य है। यदि कोई लाभार्थी सामग्री प्राप्त करने के बाद नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसकी सहायता तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाती है। इस मुहिम के तहत स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को भी स्कूल ड्रेस और किताबें निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि वे शिक्षा से वंचित न रहे।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *