संत रामपाल जी महाराज की रहमत बरसी पटियाला की रंजीत कौर पर

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम पटियाला की रंजीत कौर के लिए बनी एकमात्र सहारा

निरंतर बढ़ती महंगाई और बदलते सामाजिक नज़रिए के कारण कई परिवार अकेले संघर्ष करने को मजबूर हैं। ऐसे हालातों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से संत रामपाल जी महाराज ने जरूरतमंदों की मदद का जिम्मा लिया है। पटियाला शहर में रहने वाली रंजीत कौर और उनकी बेटी को पिछले 5 वर्षों से जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने लगातार सहयोग प्रदान कर संबल दिया। यह सहायता भोजन मात्र तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा, किराया और दैनिक जरूरतों तक को पूरा करती है। आइए जानते पूरी कहानी विस्तार से।

संघर्ष से संबल तक: रंजीत कौर की कहानी और संत रामपाल जी महाराज का मानवीय सहयोग

पटियाला की एक छोटी कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाली रंजीत कौर अपनी 15 वर्षीय बेटी के साथ निर्वाह के लिए संघर्षरत हैं। उनके पति पिछले 8–9 वर्षों से शराब की बुरी लत और घरेलू विवादों के कारण परिवार से अलग रह रहे हैं। आय का कोई स्थायी साधन न होने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय थी।

संत रामपाल जी महाराज की रहमत बरसी पटियाला की रंजीत कौर पर

रंजीत कौर ने बताया कि एक समय ऐसा था जब न तो घर में राशन के लिए पैसे थे और न ही बेटी को पढ़ाने का कोई साधन। रिश्तेदार, समाज या अन्य संस्थाओं से उन्हें किसी भी तरह की कोई मदद नहीं मिली। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज ने थामा बहन रंजीत कौर का हाथ और उन तक हर संभव मदद पहुँचाई तथा अन्नपूर्णा मुहिम के तहत नियमित सहयोग देने का आश्वासन दिया।

पिछले 5 वर्षों से लगातार मिल रही सहायता

रंजीत कौर ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज की दया से उनके घर में मूलभूत आवश्यकताओं की कभी कमी नहीं रही। संत रामपाल जी महाराज के निर्देश पर अन्नपूर्णा मुहिम पूरे भारतवर्ष में चलाई जा रही है। इसी के अंतर्गत पिछले 5 से 6 वर्षों से उनके घर हर महीने पूरा राशन और जरूरी सामान पहुँचाया जा रहा है।

इस सहायता में केवल खाद्य सामग्री ही नहीं, बल्कि बेटी की शिक्षा और घर के किराए के लिए आर्थिक सहयोग भी शामिल है।

अन्नपूर्णा मुहिम के तहत मिलने वाली सहायता

संत रामपाल जी महाराज की रहमत बरसी पटियाला की रंजीत कौर पर

संत रामपाल जी महाराज के आदेश पर दिया जाने वाला राशन परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। राशन किट में निम्नलिखित सामग्री शामिल होती है:

क्रम सं सामग्रीमात्रा 
1.आटा 15 किलोग्राम 
2.चावल 5 किलोग्राम 
3.चीनी 2 किलोग्राम 
4.सूखा दूध 1 डिब्बा
5.सरसों तेल 1 लीटर 
6.चना दाल 500 ग्राम 
7.हरी मूंग दाल 500 ग्राम 
8.आचार 1 पैकेट
9.हल्दी पाउडर 150 ग्राम 
10.लाल मिर्च पाउडर 100 ग्राम 
11.जीरा 150 ग्राम 
12.नमक 1 किलोग्राम 
13.चायपत्ती 1 पैकेट 
14.आलू 5 किलोग्राम 
15.प्याज़ 5 किलोग्राम 
16.नहाने का साबुन 1 सेट 
17.कपड़ा धोने का साबुन 1 पैकेट 
18.सर्फ 500 ग्राम 

सेवादारों ने स्पष्ट किया कि यह सब कार्य संत रामपाल जी महाराज के निर्देश पर किया जाता है ताकि परिवार को सम्मान के साथ जीवन यापन करने में किसी चीज की कमी न रहे।

शिक्षा और मकान किराए में मदद

रंजीत कौर की बेटी, जो वर्तमान में नवीं कक्षा में पढ़ रही है, उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च संत रामपाल जी महाराज द्वारा उठाया जा रहा है। इसके अलावा, 5000 रुपये मासिक किराए में से 2000 रुपये की सहायता संत रामपाल जी महाराज की ओर से दी जाती है। शेष राशि रंजीत कौर अपनी सिलाई के काम से जुटाती हैं।

यह सहायता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उनकी आय सीमित है और बढ़ती महंगाई में यह सहयोग परिवार के लिए बड़ा सहारा बना हुआ है।

घर बैठे राशन और गैस सिलेंडर की सुविधा भी करवाई मुहैया

संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार अन्नपूर्णा मुहिम की व्यवस्था पूरी तरह सम्मानजनक है। रंजीत कौर को एक विशेष कार्ड दिया गया है। जब भी राशन या गैस सिलेंडर समाप्त होने वाला होता है, तो एक फोन कॉल पर सेवादार उनके घर सामग्री पहुँचा देते हैं। उन्हें किसी लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ता।

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रंजीत कौर की भावना: संघर्ष से संबल तक की दास्तां 

रंजीत कौर ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज ने बिना मांगे उनकी हर मुमकिन मदद की है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कोई भी संस्था या व्यक्ति मदद के लिए आगे न आया। यह सब संत रामपाल जी महाराज की कृपा और आशीर्वाद से ही संभव हो पाया है, जिन्होंने अपने अनुयायियों को घर-घर जाकर समर्पित भाव से सेवा करने का मार्ग दिखाया। इस महान मुहिम के पीछे अदृश्य संत रामपाल जी महाराज की शक्ति निरंतर काम कर रही है।

सहायता के लिए अनिवार्य शर्तें 

संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत सहायता केवल उन परिवारों को दी जाती है जो पूर्णतः नशा मुक्त जीवन जीते हैं और सात्विक आहार अपनाते हैं। मांस, अंडा या नशे का सेवन करने वालों को यह सहायता नहीं दी जाती। यदि कोई लाभार्थी नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो सहायता तुरंत प्रभाव से रोक दी जाती है। इसका उद्देश्य समाज में अनुशासन, नशा मुक्ति और नैतिक जीवन को बढ़ावा देना है।

संत रामपाल जी महाराज व अन्नपूर्णा मुहिम की सामाजिक भूमिका

संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में जो बड़ा सराहनीय कदम अन्नपूर्णा मुहिम के रूप में उठाया गया है वो समाज के निचले, वंचित वर्ग को हाशिए से पुनः मुख्य धारा में लाने का सफल प्रयास है। यह मुहिम जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा सामग्री, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध करवाकर उनके मौलिक अधिकारों की रक्षा का सार्थक प्रयास है। जाति और भेदभाव से ऊपर उठकर मानव सेवा करना संत रामपाल जी महाराज का मुख्य उद्देश्य है।

सच्ची सेवा ने बदली ज़िंदगी की मिसाल

पटियाला की रंजीत कौर का परिवार इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से जरूरतमंदों को स्थायी सहारा दिया है। यह सेवा दिखाती है कि सही और पूर्ण संत के मार्गदर्शन और अनुशासन के साथ की गई सहायता से ही समाज में सिर्फ सकारात्मक बदलाव ही नहीं बल्कि अपेक्षित परिवर्तन लाया जा सकता है। समाज में परिवर्तन का नया चेहरा, दया और मानवता की मिसाल के साथ, संत रामपाल जी महाराज के रूप में लोगो के सामने आ रहा है। देरी करने वाले लोग बाद में इस पल को याद करके सिर्फ पछता पाएंगे।

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