पंजाब के मोहाली जिले के कुभा हेरी गाँव से सेवा और समर्पण की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने भारी बारिश और तूफ़ान के बीच भी उम्मीद का दीया जलाए रखा। यहाँ एक परिवार गरीबी और जर्जर घर की मार झेल रहा था, जिनके पास न पक्की छत थी और न ही बुनियादी सुविधाएँ।
टीन की छत और बारिश के पानी से भरा आशियाना
इस परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। घर के नाम पर मात्र ईंटों की चारदीवारी और ऊपर टीन के पत्रे थे। भारी बारिश के कारण घर का फर्श पूरी तरह पानी से लबालब भरा हुआ था। गर्मी के दिनों में तपती टीन और बरसात में टपकती छत के बीच यह परिवार एक-एक दिन काट रहा था। बिना किसी स्थायी आय के, दो वक्त की रोटी जुटाना भी इनके लिए एक बड़ा संघर्ष बन गया था।
तूफ़ान में भी नहीं रुके सेवादारों के कदम
जब संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों ने इस परिवार की बेबसी का संत रामपाल जी महाराज को बताया तो इन्होंने परिवार की मदद करने का आदेश दिया, तो उन्होंने खराब मौसम और भारी बारिश की भी परवाह नहीं की। ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत संत रामपाल जी महाराज के सेवादार राशन की सामग्री लेकर सीधे पीड़ित परिवार के घर पहुँचे। उन्होंने दिखाया कि मानवता की सेवा के लिए मौसम की बाधाएँ कभी मायने नहीं रखतीं।
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राशन से लेकर सम्मान तक का मुकम्मल इंतज़ाम

संत रामपाल जी महाराज द्वारा परिवार को वह सब कुछ उपलब्ध कराया गया, जिसकी उन्हें तत्काल आवश्यकता थी
मुहिम के तहत परिवार को प्राप्त सामग्री :
| क्र.सं. | सामग्री का नाम | मात्रा |
| 1 | आशीर्वाद आटा | 25 किलो |
| 2 | बासमती चावल | 5 किलो |
| 3 | आलू | 5 किलो |
| 4 | प्याज | 5 किलो |
| 5 | चीनी | 2 किलो |
| 6 | हरी मूंग दाल | 1 किलो |
| 7 | पीली मूंग दाल | 1 किलो |
| 8 | सरसों का तेल | 1 लीटर |
| 9 | सूखा दूध (Milk Powder) | 1 किलो |
| 11 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 12 | मिर्च | 150 ग्राम |
| 13 | जीरा | 150 ग्राम |
| 14 | चाय पत्ती | 250 ग्राम |
| 15 | नमक | 1 किलो |
| 16 | अचार | 1 किलो |
| 17 | नहाने का साबुन | 4 साबुन का पैक |
| 18 | कपड़े धोने का साबुन | 1 किलो |
| 19 | घड़ी सर्फ | 1 किलो |
| 20 | गैस सिलेंडर | 1 नग (भरा हुआ) |
परिवार को हेल्पलाइन नंबर दिया गया और बताया गया कि राशन खत्म होने से दो दिन पहले केवल एक कॉल करनी होगी, नया स्टॉक तुरंत पहुँचा दिया जाएगा। साथ ही, संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार, ऐसे परिवारों के बच्चों की शिक्षा का खर्च भी ट्रस्ट द्वारा वहन किया जाता है ताकि गरीबी उनके विकास में बाधा न बने।
नशा-मुक्त समाज और सेवा का अद्भुत संगम
संत रामपाल जी महाराज की यह ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ केवल पेट भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ समाज के निर्माण का मार्ग है। सहायता प्राप्त करने वालों के लिए नशा-मुक्त और शाकाहारी जीवन जीना अनिवार्य है। कुभा हेरी गाँव के इस परिवार ने हाथ जोड़कर संत जी का आभार व्यक्त किया और कहा कि जहाँ सगे-संबंधियों ने साथ छोड़ दिया था, वहाँ संत रामपाल जी महाराज एक मसीहा बनकर आए हैं।
सहायता या जानकारी के लिए संपर्क करें: 99926-00518, 99926-00519 (पंजाब क्षेत्र हेतु)

