आसन गांव (रोहतक): हरियाणा के जिला रोहतक के गाँव आसन में मानवता की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली जिसने सभी का दिल जीत लिया। यहाँ एक परिवार, जो भूख और बेबसी के अंधेरे में जी रहा था, उसके लिए संत रामपाल जी महाराज एक किरण बनकर आए। परिवार की मुखिया पूजा, जो सात सदस्यों के परिवार का पालन-पोषण अकेले दम पर कर रही थीं, उनके जीवन में संत रामपाल जी महाराज ने खुशियों का संचार किया। पूजा का पति पिछले 16-17 सालों से शराब के नशे में डूबा रहता है और घर की कोई सुध नहीं लेता, ऐसे में संत रामपाल जी महाराज ही इस परिवार के लिए तारणहार बने।
ग्रामीण मदद के लिए संत रामपाल जी महाराज तक कैसे पहुँचते हैं
अक्सर देखा जाता है कि जब कोई व्यक्ति चारों तरफ से मुसीबतों से घिर जाता है और समाज या रिश्तेदार भी साथ छोड़ देते हैं, तब उसे भगवान का आसरा मिलता है। आसन गाँव में भी ऐसा ही हुआ। संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी, जो गुरु जी के आदेशानुसार समाज में जरूरतमंदों को ढूंढकर उनकी मदद करते हैं, इस परिवार तक पहुँचे।
संत रामपाल जी महाराज की व्यवस्था इतनी सुदृढ़ है कि जरूरतमंदों को मदद माँगने के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ता, बल्कि उनके सेवादार स्वयं राशन और सहायता सामग्री लेकर उनके द्वार तक पहुँचते हैं। भविष्य में भी सहायता जारी रखने के लिए परिवार को संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि राशन खत्म होने से पहले ही वे सूचित कर सकें।
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समाचार मुख्य अंश:
- संत रामपाल जी महाराज ने आसन गाँव के 7 सदस्यीय परिवार को लिया गोद।
- शराबी पति और टूटती छत के नीचे जी रहे परिवार को मिला महीने भर का राशन।
- बच्चों की स्कूल ड्रेस, फीस, किताबें और इलाज का जिम्मा भी संत रामपाल जी महाराज ने उठाया।
- महज 10-15 मिनट के अंदर खाली गैस सिलेंडर भरवाकर दी गई त्वरित राहत।
- पड़ोसियों ने कहा – पहली बार ऐसा संत देखा जो सिर्फ देता है, कुछ लेता नहीं।
बेबसी और लाचारी का जीवन जी रहा था परिवार
पूजा का जीवन काँटों से भरा था। घर में चार बच्चे, पति और ससुर समेत कुल सात सदस्य हैं, लेकिन जिम्मेदारी का सारा बोझ पूजा के कंधों पर था। पति को शराब की ऐसी लत है कि वह कई-कई दिनों तक घर नहीं आता और जो थोड़ा बहुत कमाता है, वह भी नशे में उड़ा देता है। घर की छत बारिश में टपकती है, जिससे हमेशा यह डर बना रहता है कि कहीं छत गिर न जाए और बच्चे मलबे में दब न जाएँ। बच्चों के पास स्कूल जाने के लिए न तो ड्रेस थी और न ही किताबें।
आसन गांव में संत रामपाल जी महाराज द्वारा की गई सहायता
संत रामपाल जी महाराज ने इस परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत राहत पहुँचाई। उनके आदेश से सेवादारों ने न केवल सूखा राशन उपलब्ध कराया बल्कि रोजमर्रा की हर जरूरत का सामान उनके घर तक पहुँचाया। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला आटा, चावल, दालें और मसालों से लेकर साफ-सफाई का सामान तक शामिल था। यह सहायता केवल एक बार के लिए नहीं है, बल्कि संत रामपाल जी महाराज ने वादा किया है कि जब तक यह परिवार आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हो जाता, तब तक उनकी मदद जारी रहेगी।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सामग्री की सूची
| क्र.सं. | सामग्री | मात्रा/विवरण |
| 1 | आटा | 15 किलो |
| 2 | चावल (अच्छी क्वालिटी) | 5 किलो |
| 3 | चीनी | 2 किलो |
| 4 | आलू | 5 किलो |
| 5 | प्याज | 5 किलो |
| 6 | देशी घी/तेल | सरसों तेल की बोतल |
| 7 | दालें | 1 किलो चना दाल, 1 किलो मसूर दाल |
| 8 | मसाले | हल्दी, जीरा, लाल मिर्च, नमक (टाटा) |
| 9 | पेय पदार्थ | चाय पत्ती का पैकेट, सूखा दूध (1 किलो डिब्बा) |
| 10 | अन्य खाद्य सामग्री | आचार का डिब्बा |
| 11 | स्वच्छता सामग्री | नहाने का साबुन, कपड़े धोने का साबुन, सर्फ (पाउडर) |
त्वरित सहायता और भविष्य की सुरक्षा का आश्वासन
राशन वितरण के दौरान जब पता चला कि परिवार का गैस सिलेंडर पिछले एक हफ्ते से खाली पड़ा है और पैसे न होने के कारण भराया नहीं जा सका, तो संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार सेवादारों ने तत्परता दिखाई। महज 10 से 15 मिनट के भीतर उन्होंने भरा हुआ गैस सिलेंडर परिवार को उपलब्ध करवा दिया। इसके अतिरिक्त, संत रामपाल जी महाराज ने आदेश दिया है कि बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च, स्कूल ड्रेस, किताबें, और सर्दियों में गर्म कपड़े भी वही प्रदान करेंगे। यदि परिवार में कोई बीमार पड़ता है, तो उसके इलाज की व्यवस्था भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा की जाएगी।
ग्रामीणों की नजर में भगवान का रूप बने संत रामपाल जी महाराज
पड़ोसियों और ग्रामीणों ने इस नेक कार्य को अपनी आँखों से देखा और वे भावुक हो गए। एक पड़ोसी ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा संत देखा है जो मांगता नहीं बल्कि दोनों हाथों से लुटाता है। उन्होंने कहा, “मंदिरों में तो लोग दान देते हैं, लेकिन संत रामपाल जी महाराज ऐसे हैं जो घर आकर गरीबों की झोली भर रहे हैं।” ग्रामीणों ने माना कि जहाँ सरकारें और समाज नाकाम हो जाते हैं, वहाँ संत रामपाल जी महाराज उम्मीद बनकर आते हैं।

निराश्रितों का अटूट आसरा: संत रामपाल जी महाराज
इस घटना ने यह सिद्ध कर दिया है कि संत रामपाल जी महाराज केवल एक आध्यात्मिक गुरु ही नहीं, बल्कि मानवता के सच्चे रक्षक हैं। उनकी शिक्षाएं सिर्फ प्रवचनों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर उतरकर गरीब और मजलूमों का सहारा बनती हैं। पूजा के परिवार के लिए वे साक्षात भगवान बनकर आए और उनकी डूबती नैया को पार लगाया।

