कोटद्वार, उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले की कोटद्वार तहसील (संभल चौड़ क्षेत्र) में मानवता की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली है। यहाँ एक बेहद गरीब और संघर्षरत परिवार, जो बीमारी और आर्थिक तंगी के कारण दाने-दाने को मोहताज था, उसे जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने ‘अन्नपूर्णा मुहिम‘ के माध्यम से नया जीवन दिया है। मुहिम के तहत इस परिवार को न केवल राशन और घरेलू सामान दिया गया, बल्कि जब तक वे आत्मनिर्भर नहीं हो जाते, तब तक हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया गया।
परिवार की दयनीय स्थिति का विवरण
यह परिवार एक किराए के मकान में रहता है, जहाँ एक ही कमरे में पूरा परिवार गुजर-बसर करने को मजबूर है। परिवार की स्थिति अत्यंत नाजुक है:
- परिवार के मुखिया: इनकी हाल ही में ‘ओपन हार्ट सर्जरी’ हुई है। डॉक्टरों ने इन्हें भारी काम करने और झुकने से मना किया है, जिस कारण ये रोजगार करने में असमर्थ हैं।
- माता जी: मुखिया की माँ लकवाग्रस्त (Paralyzed) हैं और बिस्तर पर हैं।
- आर्थिक बोझ: कमाने वाला कोई नहीं है, जबकि मुखिया की दवाइयों का खर्च ही ₹2,000 प्रति माह है, जो जीवन भर चलना है।
- आवास: किराए के मकान में एक हॉल, छोटा किचन और बाथरूम है। एक ही कमरे में 4-5 लोग और छोटे बच्चे रहते हैं।
- बच्चों की स्थिति: परिवार में छोटे बच्चे हैं जिनकी शिक्षा और पोषण का संकट बना हुआ था।
कोटद्वार में संत रामपाल जी महाराज द्वारा मिली राहत
संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों को सर्वे के दौरान इस परिवार की स्थिति का पता चला। शिष्यों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए, संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना की। उन्होंने परिवार को खाद्य सामग्री और घरेलू उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराईं। शिष्यों ने बताया कि यह मदद “रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान” नारे के साथ संत रामपाल जी महाराज के द्वारा दी जा रही है।
राहत सामग्री का विवरण
संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों द्वारा प्रदान की गई सामग्री की सूची निम्न प्रकार है:
| क्रम संख्या | सामग्री का नाम | मात्रा/विवरण |
| 1 | आटा | 20 किलोग्राम |
| 2 | चावल | 20 किलोग्राम |
| 3 | आलू | 5 किलोग्राम |
| 4 | प्याज | 4 किलोग्राम |
| 5 | नमक | 2 किलोग्राम |
| 6 | चीनी | आवश्यकतानुसार |
| 7 | खाद्य तेल | 2 लीटर |
| 8 | चाय पत्ती | 1 पैकेट |
| 9 | मसाले (हल्दी, धनिया, मिर्च) | 1-1 पैकेट |
| 10 | दाल | आवश्यकतानुसार |
| 11 | नहाने का साबुन | 1 सेट |
| 12 | कपड़े धोने का साबुन | 1 सेट |
| 13 | गैस चूल्हा | 1 पीस |
| 14 | गैस सिलेंडर | भरा हुआ |
लाभार्थियों और सेवादारों की प्रतिक्रिया
पीड़ित परिवार के मुखिया:
उन्होंने भावुक होकर कहा,
“मेरी ओपन हार्ट सर्जरी हुई है और माता जी को लकवा है। उम्मीद नहीं थी कि ऐसी हालत होगी। संत रामपाल जी महाराज की मुहिम बहुत अच्छी है, उन्होंने हमारा खर्चा उठाने की ज़िम्मेदारी ली है। हमें अब खाने और रहने की चिंता नहीं है।”
जिला सेवादार (संत रामपाल जी महाराज के शिष्य):
“परमात्मा का आदेश है कि कोई भी भूखा न सोए। यह सेवा पूरी तरह निशुल्क है। हम दो-तीन दिन के अंदर सर्वे करते है और फिर संत रामपाल जी महाराज मदद पहुंचाते हैं। इस परिवार को यह मदद तब तक मिलती रहेगी जब तक इनके घर में कोई कमाने लायक नहीं हो जाता। बच्चों की पढ़ाई और दवाइयों का खर्च भी संत रामपाल जी महाराज उठाएँगे।”
यह भी पढ़ें: बिहार के दरभंगा में संत रामपाल जी महाराज ने अत्यधिक निर्धन परिवार की मदद की
बच्चों की प्रतिक्रिया
परिवार की बच्चियों ने सामान पाकर खुशी जाहिर की और संत रामपाल जी महाराज का दिल से धन्यवाद किया। संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों ने बताया कि कलयुग में सतयुग जैसा माहौल बनाने के लिए यह मुहिम चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य है कि समाज में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी जाति या धर्म का हो, भूखा न रहे।
मदद की प्रक्रिया
लाभार्थियों को एक कार्ड और संपर्क नंबर दिए गए हैं। राशन खत्म होने से दो दिन पहले सूचित करने पर संस्था द्वारा नया राशन घर पहुँचा दिया जाएगा।
विशेष सूचना एवं नियम
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित इस सेवा का लाभ लेने के लिए कुछ कड़े नियम भी हैं:
- नशा मुक्ति: लाभार्थी का पूर्ण रूप से नशा मुक्त होना अनिवार्य है।
- शुद्ध शाकाहार: मांस, अंडा या किसी भी अभक्ष पदार्थ का सेवन वर्जित है।
- चेतावनी: यदि सहायता प्राप्त करने के बाद कोई व्यक्ति नशा या मांसाहार करता पाया गया, तो उसकी मदद तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।


Pingback: रोहतक के सुनारिया खुर्द में संत रामपाल जी महाराज बने विधवा अंजलि और उनके बच्चों के लिए सहारा