पंजाब के जिला फिरोजपुर के भारत–पाकिस्तान सीमा के नजदीक बसे गांव राव के ठार में एक असहाय परिवार लंबे समय से कठिन परिस्थितियों से जूझ रहा है। परिवार के मुखिया मलकीत सिंह, जो पहले वाल पुट्टी और पेंट का कार्य कर दिहाड़ी पर जीवनयापन करते थे, गंभीर बीमारी “अल्सरेटिव कोलाइटिस” से पीड़ित होने के कारण पूरी तरह काम करने में असमर्थ हो गए हैं।
बीमारी के चलते लगातार रक्तस्राव और कमजोरी के कारण वे काम करने में असमर्थ हो गए। तीन सदस्यों वाले इस परिवार में वही एकमात्र कमाने वाले थे, जिससे आर्थिक संकट और गहरा गया।
अधूरा घर, बढ़ती जरूरतें
मलकीत सिंह का घर निर्माणाधीन है। रिपोर्टिंग टीम के पहुंचने पर स्पष्ट दिखा कि न दरवाजे लगे हैं, न फर्श पूरा हुआ है, और न ही बाथरूम तैयार हो पाया है। रसोई भी अधूरी पड़ी है। बीमारी और आय के अभाव के कारण निर्माण कार्य रोकना पड़ा। परिवार की प्राथमिक चिंता रोज़मर्रा का भोजन था, ऐसे में घर पूर्ण करना उनके लिए दूर की बात बन गया।
संत रामपाल जी महाराज ने जरूरत की सभी सामग्री भिजवाई
संत रामपाल जी महाराज के आदेश से चल रही “अन्नपूर्णा मुहिम” के तहत आज संत रामपाल जी के अनुयायी गांव राव के ठार पहुंचे। टीम के सदस्य हरीश दास ने बताया कि सतगुरुदेवजी के आदेश अनुसार सतगुरुदेवजी ने इस परिवार के लिए सारा सामान दिया गया है। टीम ने परिवार को विशेष कार्ड भी प्रदान किया जिसके आधार पर राशन समाप्त होने से पूर्व केवल दो दिन पहले सूचना देने पर आगे भी सामग्री मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी।
परिवार को दी गई सामग्री
| क्रमांक | सामग्री का नाम | मात्रा/विवरण |
| 1 | आटा | 15 किलोग्राम |
| 2 | चावल | 5 किलोग्राम |
| 3 | आलू | 5 किलोग्राम |
| 4 | प्याज | 5 किलोग्राम |
| 5 | चीनी | 2 किलोग्राम |
| 6 | सरसों का तेल | 1 लीटर |
| 7 | सूखा दूध | 500 ग्राम |
| 8 | मूंग की दाल | 500 ग्राम |
| 9 | चने की दाल | 500 ग्राम |
| 10 | चना | ½ किलो |
| 11 | चाय पत्ती | 250 ग्राम |
| 12 | नमक | 1 किलो |
| 13 | हल्दी | 1 पैकेट |
| 14 | जीरा | 1 पैकेट |
| 15 | लाल मिर्च | 1 पैकेट |
| 16 | मिर्च का अचार | 500 ग्राम |
| 17 | कपड़े धोने का सर्फ | 500 ग्राम |
| 18 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
लगातार राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था
टीम ने बताया कि अन्नपूर्णा मुहिम में लाभार्थी को एक विशेष कार्ड दिया जाता है, जिस पर आश्रम के संपर्क नंबर लिखे होते हैं। मलकीत सिंह के परिवार को भी यह कार्ड सौंपा गया, ताकि जब उनका राशन समाप्त होने के करीब हो, वे दो दिन पहले सूचना देकर अगली पैकिंग मंगवा सकें। टीम ने स्पष्ट किया कि संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार यह सहायता तब तक जारी रहेगी, जब तक इस परिवार में कोई कमाने ना लग जाए।
बीमारी के इलाज का पूरा खर्च उठाने की जिम्मेदारी
परिवार को सबसे बड़ी राहत उस समय मिली जब टीम ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार मलकीत सिंह के इलाज का संपूर्ण खर्च अब ट्रस्ट वहन करेगा। डॉक्टरों द्वारा बीमारी को दीर्घकालिक बताया गया था और लगातार दवाइयों की लागत परिवार के लिए असंभव हो चुकी थी। टीम ने स्पष्ट किया कि जब तक डॉक्टर यह यह न कह दें कि रोगी कार्य करने योग्य है, तब तक इलाज और दवाइयों का पूरा खर्च ट्रस्ट उठाएगा।
समाज उत्थान के अन्य कार्य
गुरदीप दास ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा देशभर में नि:शुल्क विवाह, नशामुक्ति, और जरूरतमंद बच्चों के लिए ड्रेस व किताबें उपलब्ध कराने जैसी सेवाएं चल रही हैं। उनका कहना था कि संत रामपाल जी के अनुयायी नशा नहीं करते और नशामुक्त समाज के निर्माण में भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहायता हर जरूरतमंद तक पहुंचाई जाती है, यदि वह नशा और मांसाहार से दूर रहे।
परिवार की भावुक प्रतिक्रिया
राशन और चिकित्सा सहायता की घोषणा से परिवार बेहद भावुक हो उठा। मलकीत सिंह ने कहा कि पहले उन्हें रोज़ सोचना पड़ता था कि घर का चूल्हा कैसे जलेगा, पर अब चिंता से राहत मिली है। उनकी पत्नी ने धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक तंगी और बीमारी के बीच मिली संत रामपाल जी महाराज की यह मदद उनके लिए जीवन बदलने वाली है।

