संत रामपाल जी महाराज ने अपनी परोपकारी पहल “अन्नपूर्णा मुहिम” के माध्यम से हरियाणा के भिवानी (नई बस्ती) में एक ऐसे परिवार को सहारा दिया है, जो घोर दरिद्रता और बीमारियों से जूझ रहा था। इस सहायता ने यह साबित कर दिया कि जब इंसान के पास कोई रास्ता नहीं बचता, तब गुरु की दया ही राह दिखाती है।
बीमारी और तंगहाली की दोहरी मार
भिवानी की नई बस्ती का यह परिवार चार सदस्यों का है, जिनकी स्थिति अत्यंत दयनीय थी:
- आय का अभाव: परिवार के मुखिया (बुजुर्ग) बीमार होकर बिस्तर पर हैं। घर का गुज़ारा मात्र ₹3000 की सरकारी पेंशन से हो रहा था, जो आज की महंगाई के दौर में बहुत कम है।
- पारिवारिक संकट: घर की महिला पर पूरे परिवार का बोझ है, क्योंकि उनके पति उनका साथ नहीं देते और न ही परिवार की कोई सुध लेते हैं।
- दिव्यांगता की चुनौती: परिवार की एक बेटी जन्म से ही शारीरिक रूप से दिव्यांग है, जिसके इलाज या पेंशन के लिए परिवार के पास कोई साधन नहीं था।
- शिक्षा का संकट: दो बेटियाँ पढ़ रही हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई और भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे थे।
संत रामपाल जी महाराज ने पहुँचाया तत्काल राशन
जब इस परिवार की दयनीय स्थिति के बारे में संत रामपाल जी महाराज को पता चला, तो उनके आदेश से मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट की टीम ‘सहायता सामग्री’ लेकर उनके घर पहुँची। परिवार को न केवल राशन मिला, बल्कि जीने की नई उम्मीद भी मिली।
प्रदान की गई राशन सामग्री की सूची:
| क्रम | सामग्री | मात्रा |
| 1 | आटा | 15 किलो |
| 2 | चावल | 5 किलो चावल |
| 3 | चीनी | 2 किलो |
| 4 | सरसों तेल | 2 लीटर |
| 5 | चना दाल | ½ किलो |
| 6 | काले चने | ½ किलो |
| 7 | हरी मूंग दाल | ½ किलो |
| 8 | पीली मूंग दाल | ½ किलो |
| 9 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 10 | जीरा | 150 ग्राम |
| 11 | लाल मिर्च | 100 ग्राम |
| 12 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 13 | कपड़े धोने का साबुन | 1 किलो |
| 14 | टाटा नमक | 1 किलो |
| 15 | टाटा चाय | 250 ग्राम |
| 16 | सूखा दूध | ½ किलो |
| 17 | आलू | 5 किलो |
| 18 | प्याज | 5 किलो |
| 19 | अचार | 1 किलो |
| 20 | कपड़े धोने का सर्फ | ½ किलो |
| 21 | धनिया पाउडर | 100 ग्राम |
| 22 | बेसन | ½ किलो |
| 23 | दलिया | 1 किलो |
आर्थिक और शैक्षणिक सहायता का आश्वासन
राशन के अलावा, संत रामपाल जी महाराज की ओर से निम्नलिखित सहायता का भी आश्वासन दिया गया:
- शिक्षा का खर्च: जो बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं, उनकी ड्रेस, किताबें और शिक्षा सामग्री का पूरा खर्च ट्रस्ट द्वारा निःशुल्क वहन किया जाएगा।
- निरंतर सहायता: यह राशन केवल एक बार के लिए नहीं है। संत जी के निर्देशानुसार, राशन खत्म होने से 2 दिन पहले सूचित करने पर नई सामग्री तुरंत घर पहुँचा दी जाएगी।
- दिव्यांग बच्चों को सहारा: बच्चों के भविष्य और उनकी ज़रूरतों के लिए भी आश्रम द्वारा निरंतर देखरेख का आश्वासन दिया गया।
नशामुक्त जीवन का संकल्प
संत रामपाल जी महाराज की यह मुहिम केवल सहायता ही नहीं करती, बल्कि समाज को सुधारने का कार्य भी करती है। सहायता प्राप्त करने के लिए परिवार का नशामुक्त और मांसाहार मुक्त होना अनिवार्य है, ताकि वे एक स्वस्थ और मर्यादित जीवन जी सकें।
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परिवार की महिला ने भावुक होते हुए कहा, “आप हमारे लिए भगवान बनकर आए हो, अब हमें कहीं और माँगने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।” यह सहायता संत रामपाल जी महाराज के इस महान कार्य को सिद्ध करती है कि जिसका कोई नहीं होता, उसका भगवान होता है।
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने लाभार्थी परिवार से निवेदन किया कि राशन या गैस सिलेंडर समाप्त होने से दो दिन पूर्व निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क करें ताकि बिना देरी के सामग्री घर यक पहुंचाई जा सके।
9992804555, 9992607711


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