नई दिल्ली/कटेवड़ा: दिल्ली के औचंदी बॉर्डर के पास स्थित कटेवड़ा गांव में एक हृदयविदारक हादसे के बाद दाने-दाने को मोहताज हुए एक गरीब परिवार के लिए जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज मसीहा बनकर सामने आए हैं। भीषण सड़क दुर्घटना में परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्यों के गंभीर रूप से घायल होने के बाद, संत रामपाल जी महाराज ने उनकी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ ने इस परिवार को गोद लेते हुए उनकी संपूर्ण जिम्मेदारी उठाने का संकल्प लिया है।
भीषण सड़क हादसा और बिखरती उम्मीदें
कटेवड़ा गांव का यह परिवार मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहा था। परिवार में एक बुजुर्ग माता, उनका बेटा, बहू और दो छोटी पोतियां शामिल हैं। बीते 3 जुलाई को जब यह पूरा परिवार बाइक पर सवार होकर पास के ही एक शादी समारोह से लौट रहा था, तभी एक तेज रफ्तार गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
इस भीषण दुर्घटना में परिवार के चारों सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। विशेष रूप से घर के मुख्य कमाऊ बेटे और बहू के दोनों पैर बुरी तरह टूट गए, जिसके कारण वे पूरी तरह बिस्तर पर आ गए।
वर्तमान में बेटा अंबेडकर अस्पताल और बहू राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उपचाराधीन हैं। घर में केवल एक बुजुर्ग मां और दो घायल बच्चियां शेष रह गई थीं, जिनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं बचा था।
अन्नपूर्णा मुहिम: ‘रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान’ का संकल्प
जब सरकारी तंत्र और स्थानीय संस्थाएं इस संकट की घड़ी में पीछे नजर आईं, तब संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट की टीम कटेवड़ा गांव पहुंची। संत जी द्वारा चलाई जा रही ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत इस परिवार को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई।
सेवादारों ने स्पष्ट किया कि संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। इस मुहिम का मूल मंत्र है— “रोटी, कपड़ा, चिकित्सा, शिक्षा और मकान, सबको देगा कबीर भगवान।” ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार का सर्वे कर उनकी दयनीय स्थिति का आकलन किया और उन्हें पूर्णतः नशा मुक्त जीवन जीने की शर्त पर आजीवन सहायता का आश्वासन दिया।
विस्तृत राहत सामग्री और निरंतर सहायता का प्रावधान
संत रामपाल जी महाराज की टीम ने पीड़ित परिवार को एक संपूर्ण घरेलू किट प्रदान की गई है जो इस प्रकार है:-
| क्रम सं | सामग्री | मात्रा |
| 1. | आटा | 25 किलो |
| 2. | चावल | 5 किलो |
| 3. | चीनी | 4 किलो |
| 4. | टाटा चाय | 1 पैकेट |
| 5. | सूखा दूध | 1 किलो |
| 6. | सरसों तेल | 2 लीटर |
| 7. | टाटा नमक | 1 पैकेट |
| 8. | दाल | 2 किलो |
| 9. | हल्दी पाउडर | 1 पैकेट |
| 10. | लाल मिर्च पाउडर | 1 पैकेट |
| 11. | जीरा | 1 पैकेट |
| 12. | कपड़ा धोने का साबुन | 1 पैकेट (4 पीस) |
| 13. | नहाने का साबुन | 1 सेट (4 पीस) |
| 14. | सर्फ | 1 पैकेट |
| 15. | आचार | 1 किलो |
| 16. | आलू | 5 किलोग्राम |
| 17. | प्याज़ | 5 किलो |
| 18. | गैस सिलेंडर | 1 भरा हुआ |
सबसे महत्वपूर्ण सहायता के रूप में परिवार को एक भरा हुआ गैस सिलेंडर प्रदान किया गया है। टीम ने परिवार को एक विशेष संपर्क कार्ड भी सौंपा है, जिसके माध्यम से राशन समाप्त होने से दो दिन पूर्व सूचित करने पर उन्हें पुनः निःशुल्क सामग्री उपलब्ध करा दी जाएगी।
सहायता मिलने के पश्चात परिवार की स्तिथि एवं विचार
हादसे के बाद असहाय महसूस कर रही बुजुर्ग माता ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और राहत की सांस ली। उन्होंने कहा कि जब कमाने वाला कोई नहीं बचा था, तब भगवान स्वरूप संत जी ने उनकी सुध ली जिसकी वजह से उनके हालात अब संभल गए हैं।
उन्होंने बताया कि जो भी ज़रूरत की सामग्री थी वो संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार उनको पहुंचाई गई। साथ ही संत रामपाल जी महाराज के द्वारा यह भी आश्वासन दिया गया कि जब तक उनके बेटा बहु कमाने के लिए सक्षम नहीं होते उनको इसी तरह से राशन सामग्री दी जाएगी।
संत रामपाल जी के लिए पड़ोसियों और ग्रामीणों के विचार
पड़ोसियों और ग्रामीणों, जिनमें सत्यनारायण, मनोज, राहुल और दलवीर शामिल हैं, ने भी इस मानवीय कार्य की काफ़ी सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि जहां अन्य साधु-संत दान-दक्षिणा की बात करते हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज जेल में रहकर भी समाज के उत्थान और गरीबों की सेवा के लिए अद्भुत कार्य कर रहे हैं। उन्होंने इसे एक वास्तविक दैवीय चमत्कार और निस्वार्थ सेवा का आदर्श उदाहरण बताया।
मानवता की मिसाल बने संत रामपाल जी महाराज
संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम ने कटेवड़ा गांव के इस पीड़ित परिवार को न केवल आर्थिक संबल प्रदान किया है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक तरीके से जीने की नई उम्मीद भी दी है। यह पहल सिद्ध करती है कि मानवता की सच्ची सेवा ही धर्म का वास्तविक स्वरूप है। जब तक एक्सीडेंट में घायल दंपति पुनः काम करने के योग्य नहीं हो जाते, तब तक उनकी देखभाल का पूरा जिम्मा संत रामपाल जी महाराज द्वारा उठाया जाएगा।

