खिडवाली (रोहतक), हरियाणा: रोहतक जिले के खिडवाली गाँव से एक बेहद भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ प्रमोद जी नाम के एक व्यक्ति पिछले 3 साल से गंभीर हृदय रोग (Heart Disease) से जूझ रहे थे। बीमारी के कारण डॉक्टरों ने उन्हें भारी काम करने से मना किया था, जिससे घर की आमदनी पूरी तरह बंद हो गई थी। उनकी पत्नी कभी-कभार मजदूरी करके किसी तरह घर चला रही थीं, लेकिन कई बार परिवार को भूखा भी रहना पड़ता था। इस कठिन समय में उनके लिए जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज भगवान बनकर आए और उनकी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ संजीवनी।
परिवार की दयनीय स्थिति का विवरण
प्रमोद जी का परिवार एक छोटे से कच्चे मकान में रहता है, जहाँ बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है:
- मुखिया: प्रमोद जी, जो 3 साल से दिल की बीमारी के कारण काम करने में असमर्थ हैं। उन्हें दिन में तीन बार नेबुलाइज़र (मशीन) लेनी पड़ती है, वरना सांस रुकने लगती है।
- परिवार: घर में तीन सदस्य हैं – प्रमोद जी, उनकी पत्नी और एक बच्चा।
- आर्थिक तंगी: बीमारी के कारण आय का कोई साधन नहीं बचा था। पत्नी की कभी-कभार की मज़दूरी से ही घर चल रहा था।
- आवास: घर में लकड़ी का टूटा दरवाज़ा है और बाथरूम के नाम पर सिर्फ पर्दा लगा हुआ है।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा मिली राहत
जब इस परिवार की दयनीय स्थिति की सूचना संत रामपाल जी महाराज के संज्ञान में आई, तो उन्होंने तुरंत इस परिवार को ‘गोद लेने’ का निर्णय लिया। संत रामपाल जी महाराज का संकल्प है, “रोटी, कपड़ा, चिकित्सा शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान।”
इसी संकल्प को पूरा करने के लिए संत रामपाल जी महाराज ने प्रमोद जी के घर राशन का पूरा भंडार भिजवाया।
राहत सामग्री का विवरण
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सामग्री की सूची निम्न प्रकार है:
| क्रम संख्या | सामग्री का नाम | मात्रा/विवरण |
| 1 | आटा | 15 किलोग्राम |
| 2 | चावल | 5 किलोग्राम |
| 3 | आलू | 5 किलोग्राम |
| 4 | प्याज़ | 5 किलोग्राम |
| 5 | चीनी | 2 किलोग्राम |
| 6 | दालें (दो प्रकार की) | आवश्यकतानुसार |
| 7 | सूखा दूध | 1 पैकेट |
| 8 | सरसों तेल | 1 लीटर |
| 9 | चाय पत्ती | 1 पैकेट |
| 10 | नमक | 1 पैकेट |
| 11 | मसाले (जीरा, हल्दी, मिर्च) | 1-1 पैकेट |
| 12 | आचार | 1 डब्बा |
| 13 | स्वच्छता किट | नहाने का साबुन, कपड़े धोने का साबुन, सर्फ |
| 14 | विशेष सहायता | आजीवन राशन कार्ड और गैस सिलेंडर की सुविधा |
प्रतिक्रियाएं
प्रमोद जी (लाभार्थी):
“मैं सांस भी मशीन के सहारे लेता हूँ। काम न कर पाने से मैं लाचार था। मुझे लगा था कोई सुनने वाला नहीं है, लेकिन आज लगता है भगवान ने मेरी सुन ली। संत रामपाल जी महाराज स्वयं भगवान स्वरूप ने मेरे परिवार को बचा लिया।”
नरेंद्र दास (सेवादार):
“संत रामपाल जी महाराज जी का आदेश है कि जब तक इनके हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक मदद जारी रहेगी। इन्हें एक कार्ड दिया गया है, जिस पर फोन करते ही राशन, गैस या दवा तुरंत पहुँच जाएगी।”
पड़ोसी (माताजी):
“संत रामपाल जी महाराज को कोटि-कोटि प्रणाम इस परिवार की हालत बहुत खराब थी। किसी ने मदद नहीं की, लेकिन महाराज जी ने इनकी सुन ली। अब इनका गुज़ारा हो जाएगा।”
विशेष सूचना एवं नियम
इस सेवा का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए परिवार को पूर्णतः नशा मुक्त और शाकाहारी जीवन जीना अनिवार्य है।
- नशा मुक्ति: लाभार्थी परिवार को पूर्ण रूप से नशा मुक्त जीवन जीना होगा।
- सात्विक आहार: मांस, अंडा या किसी भी प्रकार का मांसाहार पूरी तरह वर्जित है।
चेतावनी: यदि सहायता प्राप्त करने के बाद कोई व्यक्ति नशा या मांसाहार करता पाया गया, तो उसकी मदद तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।

