समर गोपालपुर

समर गोपालपुर: रेनू जी के पति की नस फटने के कारण हुई मृत्यु के बाद, संबल बने संत रामपाल जी महाराज

समर गोपालपुर (रोहतक): जीवन में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं जब इंसान चारों ओर से अंधेरे में घिर जाता है और उसे कोई राह नहीं सूझती। हरियाणा के रोहतक जिले के गांव समर गोपालपुर में एक ऐसा ही भावुक दृश्य देखने को मिला, जहां एक अत्यंत गरीब और बेसहारा परिवार के जीवन में संत रामपाल जी महाराज ने उम्मीद की नई किरण जगाई है।

दुखों का पहाड़ और संघर्षपूर्ण जीवन

यह मार्मिक कहानी समर गोपालपुर गांव में रहने वाली बहन रेनू और उनके परिवार की है। इस परिवार पर दुखों का पहाड़ तब टूटा, जब लगभग सात-आठ महीने पहले रेनू के पति की अचानक मृत्यु हो गई। मात्र 30 वर्ष की आयु में, उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure – 350+) के कारण नस फटने से वे इस दुनिया को छोड़ गए।

पति की मृत्यु के बाद, घर की पूरी जिम्मेदारी रेनू और उनकी बुजुर्ग सास के कंधों पर आ गई। परिवार में रेनू, उनकी सास और दो छोटे-छोटे मासूम बच्चे (एक लड़का वंश और एक लड़की) हैं। कमाने वाला कोई सदस्य न होने के कारण, चार लोगों के इस परिवार का गुजारा केवल सास को मिलने वाली नाममात्र की पेंशन (लगभग 3000 रुपये) पर निर्भर था। इतनी कम राशि में दो बच्चों का पालन-पोषण और घर का खर्च चलाना एक असंभव संघर्ष बन चुका था। स्थिति इतनी दयनीय थी कि वे अपना दुख शब्दों में व्यक्त करने में भी असमर्थ थे।

संत रामपाल जी महाराज ने बढ़ाया मदद का हाथ

जब इस परिवार की अत्यंत दयनीय स्थिति की जानकारी संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत इस परिवार को सहारा देने का निर्णय लिया। संत रामपाल जी महाराज का संकल्प है— “रोटी, कपड़ा, चिकित्सा, शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान।”

इसी संकल्प को चरितार्थ करते हुए, संत रामपाल जी महाराज ने अपनी ‘अन्नपूर्णा मुहिम‘ के तहत इस जरूरतमंद परिवार तक तत्काल राहत सामग्री पहुंचाई। संत रामपाल जी महाराज सुनिश्चित करते हैं कि उनके द्वारा भेजी गई मदद केवल पेट भरने तक सीमित न हो, बल्कि वह सम्मानजनक और उच्च गुणवत्ता वाली हो।

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गुणवत्तापूर्ण राहत सामग्री: एक नजर

संत रामपाल जी महाराज द्वारा इस परिवार को दिया गया राशन और अन्य सामान यह दर्शाता है कि वे हर जरूरतमंद का कितना बारीकी से ख्याल रखते हैं। परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें निम्नलिखित सामग्री प्रदान की गई:

खाद्य सामग्री:

क्र.सं.सामग्रीमात्रा/विवरण
1आटा15 किलो
2चावल5 किलो
3आलू5 किलो
4प्याज5 किलो
5चीनी2 किलो
6मूंग दाल1 किलो
7चना दाल1 किलो
8सरसों का तेलआवश्यकतानुसार
9मसालेजीरा, लाल मिर्च, हल्दी, नमक
10चाय पत्तीअग्नि ब्रांड (उच्च गुणवत्ता) 
11अन्यअचार, अमूल मिल्क पाउडर (1 Kg box)

अन्य आवश्यक वस्तुएं:

  • कपड़े: दोनों छोटे बच्चों (वंश और उसकी बहन) के लिए दो-दो जोड़ी नए सिलवाए हुए कपड़े।
  • रसोई उपकरण: एक गैस चूल्हा और एक भरा हुआ गैस सिलेंडर।
  • दैनिक उपयोग: नहाने का साबुन (4 pieces), कपड़े धोने का साबुन और सर्फ।

आजीवन सहयोग का आश्वासन

संत रामपाल जी महाराज की यह मदद केवल एक बार के लिए नहीं है। उन्होंने इस परिवार को आश्वस्त किया है कि जब तक बच्चे बड़े होकर अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते और परिवार कमाने योग्य नहीं हो जाता, तब तक संत रामपाल जी महाराज द्वारा हर महीने उन्हें राशन और आवश्यक वस्तुएं प्रदान की जाएंगी।

परिवार को एक विशेष कार्ड दिया गया है, जिस पर संपर्क नंबर दर्ज हैं। जैसे ही राशन समाप्त होने वाला होगा, उन्हें केवल दो दिन पहले सूचित करना होगा, और संत रामपाल जी महाराज की व्यवस्था से तुरंत नई सामग्री उनके घर पहुंचा दी जाएगी।

भविष्य की चिंताओं का भी समाधान

जब बहन रेनू से उनकी अन्य जरूरतों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बच्चों के स्कूल में दाखिले और घर में शौचालय/बाथरूम बनवाने की इच्छा जाहिर की। इस पर संत रामपाल जी महाराज को प्रार्थना भेजी गई। बच्चों की पढ़ाई का खर्च और शौचालय निर्माण का कार्य भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा किया जाएगा।

मूलभूत परिवर्तन

समर गोपालपुर का यह परिवार आज संत रामपाल जी महाराज का कोटि-कोटि धन्यवाद कर रहा है। यह ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि समाज में मानवता और परोपकार का जीवंत उदाहरण है। 

संत रामपाल जी महाराज न केवल भूखे को भोजन दे रहे हैं, बल्कि दहेज मुक्त विवाह, रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण और नशामुक्ति जैसे अनेक समाज सुधार के कार्य भी कर रहे हैं।

विशेष सूचना: संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा चलाई जा रही यह ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ पूर्णतः निःशुल्क है। यह सहायता केवल उन परिवारों को दी जाती है जो पूरी तरह से नशामुक्त हैं और मांस-मदिरा का सेवन नहीं करते हैं। यदि आप भी किसी ऐसे जरूरतमंद को जानते हैं, तो मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट से संपर्क कर सकते हैं।

संपर्क सूत्र: 9992800455, 9992600771, 9992600161, 9992600162.

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