हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव चिटाना में एक जरूरतमंद परिवार तक तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत सहायता पहुंचाई गई है। पांच साल पहले परिवार के मुखिया के निधन के बाद चार बच्चों की मां किराए के मकान में रहकर मज़दूरी कर जीवन यापन कर रही थी। बच्चों की पढ़ाई, भोजन और रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना उनके लिए चुनौती बना हुआ था। तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा राशन सामग्री, ज़रूरी घरेलू वस्तुएं तथा भविष्य में सहायता के लिए संपर्क व्यवस्था उपलब्ध कराई गई।

मुख्य बिंदु: चिटाना गांव में संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम
- सोनीपत के गांव चिटाना में ज़रूरतमंद परिवार को सहायता मिली
- परिवार बिहार से आया था और चार महीने से किराए के मकान में रह रहा था
- चार बच्चों की मां मज़दूरी कर परिवार चला रही थी
- राशन सामग्री और घरेलू उपयोग की वस्तुएं दी गईं
- भविष्य में सहायता के लिए संपर्क कार्ड सौंपा गया
- पंखा और चारपाई की मांग पर शीघ्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था
- बाद में सीलिंग फैन, चारपाई, चादरें और दरी भी दी गईं
- मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट के संपर्क नंबर साझा किए गए
गांव चिटाना तक पहुंची सहायता
गांव चिटाना में मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट, कुरुक्षेत्र की ओर से तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों की गाड़ी गांव पहुंची थी। जानकारी मिलने के बाद शिष्य परिवार के घर तक पहुंचे।
महिला ने बताया कि वह किराए के मकान में रह रही हैं और हर महीने 1,800 रुपये किराया देती हैं। परिवार में कुल पांच सदस्य हैं, वह स्वयं और उनके चार बच्चे। बच्चों के पिता का निधन वर्ष 2020 में हुआ था। इसके बाद से वह मज़दूरी कर बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वह बर्तन साफ करने और अन्य काम करके परिवार का खर्च चलाती हैं।
पढ़ाई और रोज़मर्रा की ज़रूरतों की समस्या
महिला ने कहा कि बिहार में बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते थे, लेकिन यहां आने के बाद बच्चों का नामांकन नहीं हो सका। स्कूल में दाखिले के लिए प्रमाण पत्र, जन्म दस्तावेज और अन्य कागजात मांगे जा रहे थे, जिन्हें वह अभी तक उपलब्ध नहीं करा पाईं। चार महीने पहले यहां आने के बाद से बच्चों की पढ़ाई रुकी हुई थी।

उन्होंने बताया कि मज़दूरी से परिवार चलाना मुश्किल हो रहा था और कई बार भोजन की व्यवस्था भी समय पर नहीं हो पाती थी। परिवार को किसी रिश्तेदार से मदद नहीं मिली। एक भाई होने की बात बताई गई, लेकिन उनसे भी सहयोग नहीं मिला।
शिष्य सुरेंद्र दास से बातचीत

मौके पर मौजूद तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के शिष्य सुरेंद्र दास ने कहा कि यह परिवार अत्यंत ज़रूरतमंद है। उन्होंने बताया कि पड़ोसियों से जानकारी मिलने के बाद आश्रम की ओर से इस परिवार तक राशन सामग्री भेजी गई ताकि बच्चों को समय पर भोजन मिल सके। उन्होंने कहा कि भविष्य में परिवार की ज़रूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा और आवश्यकतानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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दी गई सामग्री की पूरी सूची
तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत परिवार को जो सामग्री दी गई, उसमें शामिल था:

| क्र.सं. | उत्पाद (Product) | मात्रा (Quantity) |
| 1 | आटा | 25 किलो |
| 2 | तेल | 1 लीटर |
| 3 | चावल | 5 किलो |
| 4 | चीनी | 2 किलो |
| 5 | चाय पत्ती | 1 पैकेट |
| 6 | अमूल दूध पाउडर | 1 किलो |
| 7 | डिटर्जेंट पाउडर | आवश्यकतानुसार |
| 8 | आलू | 5 किलो |
| 9 | प्याज़ | 5 किलो |
| 10 | नहाने के साबुन | 4 नग |
| 11 | कपड़े धोने का साबुन | 1 नग |
| 12 | मूंग दाल | 1 किलो |
| 13 | चना दाल | 1 किलो |
| 14 | टाटा नमक | 1 किलो |
| 15 | अचार | आधा किलो |
| 16 | लाल मिर्च पाउडर | 100 ग्राम |
| 17 | जीरा | 150 ग्राम |
| 18 | हल्दी पाउडर | 150 ग्राम |
शिष्यों ने कहा कि रसोई से जुड़ी सभी ज़रूरी वस्तुएं परिवार को दी गई हैं।
भविष्य की सहायता और संपर्क कार्ड
शिष्यों ने बताया कि परिवार को एक संपर्क कार्ड दिया गया है, जिस पर आश्रम के फोन नंबर दर्ज हैं। महिला को कहा गया कि जब भी राशन समाप्त होने लगे, वह फोन करेंगी तो तुरंत सहायता भिजवाई जाएगी।
महिला ने इस दौरान पंखे और चारपाई की आवश्यकता बताई। शिष्यों ने कहा कि गुरुजी के आदेश से इन ज़रूरतों को जल्द पूरा किया जाएगा। इसके कुछ समय बाद अन्नपूर्णा मुहिम के तहत परिवार को सीलिंग फैन, चारपाई, ओढ़ने-बिछाने के लिए चादरें और दरी भी उपलब्ध कराई गईं।
दहेज-रहित विवाह और सामाजिक अभियानों पर बयान
शिष्यों ने कहा कि तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में बेटियों के दहेज-रहित विवाह कराए जाते हैं और यह उनके सख्त आदेशों में शामिल है। उन्होंने बताया कि आश्रम में विवाह कराए जाते हैं और खर्च गुरुजी के आदेश से उठाया जाता है।
इस दौरान यह भी कहा गया कि संत रामपाल जी महाराज हिसार जेल में हैं और वहीं से सेवाओं से जुड़े निर्देश दिए जाते हैं। शिष्यों ने बताया कि देशभर में स्थित 13 आश्रमों में भंडारे और समागम के दौरान रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं।
संपर्क नंबर और आधिकारिक प्लेटफॉर्म
अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत सहायता प्राप्त करने वाले परिवारों को बताया गया कि यदि राशन या गैस सिलेंडर समाप्त होने में दो दिन शेष हों तो वे पहले से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट की ओर से निम्न नंबर दिए गए:
9992800455
9992600771
9992600161
9992600162
अधिक जानकारी के लिए निम्न प्लेटफॉर्म बताए गए:
- Website: www.jagatgururampalji.org
- YouTube: Sant Rampal Ji Maharaj
- Facebook: Spiritual Leader Saint Rampal Ji
- ‘X’ handle: @SaintRampalJiM
सहायता व्यवस्था से जुड़ी जानकारी
ट्रस्ट के सेवादारों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य केवल तत्काल राहत देना नहीं है, बल्कि तब तक सहयोग जारी रखना है जब तक परिवार आत्मनिर्भर होने की स्थिति में नहीं पहुंच जाता। अन्नपूर्णा मुहिम के तहत ज़रूरतमंद, असहाय और निर्धन परिवारों तक निशुल्क खाद्य सामग्री, गैस सिलेंडर और अन्य आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
महिला ने सहायता मिलने पर कहा कि वह भगवान को धन्यवाद करती हैं।
परिवार तक पहुंची मदद और आगे की प्रक्रिया
तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत गांव चिटाना में पहुंची सहायता के बाद शिष्यों ने कहा कि परिवार की आवश्यकताओं पर लगातार नज़र रखी जाएगी और ज़रूरत पड़ने पर दोबारा सामग्री भेजी जाएगी। संपर्क व्यवस्था, राशन आपूर्ति और अन्य ज़रूरी वस्तुओं की जानकारी परिवार को दे दी गई है, ताकि भविष्य में किसी भी स्थिति में सहायता मिल सके।
यह पूरा घटनाक्रम उसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया, जिसके तहत ज़रूरतमंद परिवारों तक नियमित सहयोग पहुंचाया जा रहा है।

