बिचपड़ी गांव (सोनीपत): समाज में अनेक ऐसे परिवार हैं जो अचानक आई दुर्घटना या बीमारी के कारण गहरे आर्थिक संकट में फंस जाते हैं। जब घर का कमाने वाला सदस्य ही असमर्थ हो जाए, तो स्थिति और भी कठिन हो जाती है। ऐसी ही परिस्थितियों में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन और उनके आदेशानुसार संचालित अन्नपूर्णा मुहिम जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारे का काम कर रही है।
“रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान हर गरीब को देगा कबीर भगवान” — इस संकल्प के साथ यह मुहिम देशभर में जरूरतमंद परिवारों तक पहुँच रही है। गाँव बिचपड़ी, जिला सोनीपत (हरियाणा) के निवासी दिनेश कुमार के परिवार तक भी संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से सहायता पहुँचाई गई।
14 महीने से लकवाग्रस्त हैं दिनेश कुमार
दिनेश कुमार पहले बिजली मिस्त्री के रूप में कार्य करते थे। लगभग 14 महीने पहले काम के दौरान करंट लगने से उनकी रीढ़ की हड्डी को गंभीर नुकसान पहुँचा। इसके कारण शरीर का निचला हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया और तब से वे किसी भी कार्य को करने में सक्षम नहीं हैं।
परिवार में उनकी पत्नी और एक छोटा बच्चा है। कमाई का कोई साधन नहीं है। सीमित सरकारी सहायता और अस्थायी पेंशन की प्रक्रिया के बावजूद घर का खर्च चलाना कठिन हो गया था। दो समय का भोजन जुटाना भी चुनौती बन चुका था।
जर्जर मकान और असुरक्षित स्थिति
परिवार जिस घर में रह रहा है, उसकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। बरामदा और दीवारें जर्जर हो चुकी हैं। छत को सहारा देने के लिए लकड़ी लगाई गई है। मुख्य द्वार भी टूटा हुआ है। बरसात के मौसम में छत के टपकने और दीवारों के गिरने का डर बना रहता है।
बीमारी और बेरोजगारी के साथ-साथ मकान की यह स्थिति परिवार की चिंता को और बढ़ा रही थी। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण मरम्मत संभव नहीं हो पा रही थी।
यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश (शामली): पति के निधन के बाद संघर्ष कर रही विधवा मां के लिए सहारा बने संत रामपाल जी महाराज
बिचपड़ी गांव में अन्नपूर्णा मुहिम के तहत मिली राहत
संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में चल रही अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत उनके शिष्य गांव-गांव जाकर जरूरतमंद परिवारों की पहचान करते हैं। स्थानीय सरपंच, मेंबर और गणमान्य व्यक्तियों से जानकारी लेकर ऐसे परिवारों तक सहायता पहुंचाई जाती है जिनके पास आय का कोई साधन नहीं होता।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिनेश कुमार के परिवार को एक माह हेतु आवश्यक खाद्य सामग्री तथा अन्य आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध कराई गईं। इसमें शामिल हैं:
| क्रमांक | सामग्री | छोटा परिवार |
| 1 | आटा | 20 किलो |
| 2 | चावल | 5 किलो |
| 3 | चीनी | 2 किलो |
| 4 | सरसों तेल | 1 लीटर |
| 5 | चने की दाल | 1 किलो |
| 6 | मूंग दाल | 1 किलो |
| 7 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 8 | जीरा | 150 ग्राम |
| 9 | लाल मिर्च | 100 ग्राम |
| 10 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 11 | कपड़े धोने का साबुन | 1 पैकेट |
| 12 | टाटा नमक | 1 पैकेट |
| 13 | सूखा दूध | 1 किलो |
| 14 | आलू | 5 किलो |
| 15 | प्याज | 5 किलो |
| 16 | अचार | 1 पैकेट |
| 17 | कपड़े धोने का सर्फ | 1 पैकेट |
| 18 | टाटा अग्नि चाय पत्ती | 1 पैकेट |
परिवार को संत रामपाल जी महाराज के आश्रम की ओर से संपर्क कार्ड भी दिया गया है। साथ ही यह आश्वासन दिया गया है कि राशन समाप्त होने से दो दिन पहले फोन करने पर नई सामग्री उपलब्ध करा दी जाएगी। यह सहायता संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार तब तक जारी रहेगी, जब तक परिवार में आय का कोई स्थायी साधन नहीं बन जाता या स्वास्थ्य में सुधार नहीं हो जाता।
केवल राशन ही नहीं, अन्य मूलभूत जरूरतों पर भी ध्यान
अन्नपूर्णा मुहिम केवल खाद्य सामग्री तक सीमित नहीं है। “रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान” के संकल्प के अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों की अन्य आवश्यकताओं को भी शामिल किया गया है।
- जिन बच्चों के पास स्कूल ड्रेस या किताबें नहीं हैं, उनकी सहायता की जाती है।
- गैस सिलेंडर की व्यवस्था की जाती है।
- आवश्यकता पड़ने पर दवाइयों में सहयोग दिया जाता है।
- अत्यंत जर्जर मकानों के मामलों में प्रार्थना के आधार पर आगे कार्यवाही की जाती है।
यह मुहिम संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत गरीब और असहाय परिवारों को निशुल्क खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है।
नशा मुक्त जीवन की शर्त
अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत सहायता उन्हीं लाभार्थियों को दी जाती है जो नशा मुक्त जीवन जीते हैं और मांसाहार नहीं करते। यदि कोई व्यक्ति सहायता प्राप्त करने के बाद इन शर्तों का पालन नहीं करता, तो सहायता बंद की जा सकती है। इस शर्त का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देना भी है।
सामाजिक प्रतिक्रिया
गांव के लोगों ने संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम की सराहना की और इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल बताया। गांव के निवासी एवं सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी राम कुमार ने कहा कि यह मुहिम अत्यंत सराहनीय है। उनके अनुसार लगभग 70 वर्ष की आयु में उन्होंने ऐसा संत नहीं देखा जो स्वयं जरूरतमंदों के घर तक सहायता पहुंचाने का कार्य कर रहा हो।
दिनेश कुमार का परिवार वर्तमान में गंभीर स्वास्थ्य और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में चल रही अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से मिली नियमित सहायता उनके जीवन को सहारा दे रही है। इस मुहिम का उद्देश्य केवल राहत देना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को तब तक सहारा देना है जब तक वे स्वयं आत्मनिर्भर न बन जाएं।
