लुधियाना, पंजाब: पंजाब के औद्योगिक केंद्र लुधियाना के चेत सिंह नगर में मानवीय सेवा की एक अनुपम मिसाल देखने को मिली है। यहाँ एक अत्यंत निर्धन और असहाय परिवार, जो लंबे समय से घोर अभावों में जीवन व्यतीत कर रहा था, उसके लिए जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज एक मसीहा बनकर सामने आए हैं।
संत रामपाल जी महाराज ने अपनी लोक कल्याणकारी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के अंतर्गत इस परिवार की सुध ली और उन्हें न केवल तात्कालिक राहत पहुंचाई, बल्कि भविष्य के लिए भी पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया है। यह विशेष सहायता चेत सिंह नगर की निवासी गुड़िया दासी और उनके तीन बच्चों को प्रदान की गई है, जो एक छोटे से कमरे में अत्यंत दयनीय स्थिति में रह रहे थे।
अत्यंत विषम परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा था परिवार
चेत सिंह नगर के एक संकीर्ण इलाके में स्थित मात्र 4×8 फीट के एक छोटे से कमरे में गुड़िया दासी अपने दो बेटों और एक बेटी काजल के साथ जीवन बसर कर रही थीं। यह परिवार न केवल आर्थिक रूप से विपन्न था, बल्कि शारीरिक और सामाजिक चुनौतियों से भी जूझ रहा था। परिवार की मुखिया, गुड़िया दासी, पैर से विकलांग हैं, जिसके कारण उनके लिए श्रम करना या आय का कोई नियमित साधन जुटाना लगभग असंभव था।
परिवार की स्थिति तब और भी गंभीर हो गई जब उनके पति ने शराब की लत के कारण करीब 10 साल पहले परिवार का साथ छोड़ दिया। गुड़िया दास ने बताया कि वे अकेले ही अपने बच्चों की परवरिश की चुनौतियों का सामना कर रही थीं और कई बार ऐसी स्थितियाँ भी उत्पन्न हुईं जब उन्हें और उनके बच्चों को खाली पेट सोना पड़ा।
संत रामपाल जी महाराज ने पहुँचाई सहायता
जब इस परिवार की दयनीय स्थिति की जानकारी संत रामपाल जी महाराज तक पहुँची, तो उन्होंने अविलंब मदद भेजी। संत रामपाल जी महाराज ने परिवार के लिए राशन, शिक्षा और अन्य आवश्यक घरेलू वस्तुओं की व्यवस्था की।
शिक्षा और उज्जवल भविष्य के लिए प्रतिबद्धता
संत रामपाल जी महाराज केवल भोजन तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने परिवार के बच्चों के भविष्य को संवारने का भी उत्तरदायित्व लिया है। गुड़िया दास की बेटी काजल, जो नौवीं कक्षा की छात्रा है, ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण उनकी पढ़ाई पर संकट मंडरा रहा था।
संत रामपाल जी महाराज जी काजल और उनके भाइयों की शिक्षा का संपूर्ण खर्च, जिसमें स्कूल की फीस, यूनिफॉर्म, जूते और किताबें शामिल हैं, ख़ुद उठाएँगे।
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए संत रामपाल जी महाराज ने सुनिश्चित किया है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे की शिक्षा नहीं रुकेगी।
आजीवन सहायता और निरंतर संपर्क की व्यवस्था
इस सेवा कार्य की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सहायता केवल एक बार के लिए नहीं है। संत रामपाल जी महाराज ने निर्देश दिए हैं कि जब तक इस परिवार की आर्थिक स्थिति स्थिर नहीं हो जाती और आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं बन जाता, तब तक उन्हें हर महीने राशन और आवश्यक सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराई जाती रहेगी।
इसके लिए सेवादारों ने परिवार को विशिष्ट संपर्क कार्ड प्रदान किए हैं, ताकि राशन समाप्त होने से दो दिन पूर्व वे सूचित कर सकें और उनके घर तक सामग्री पहुँचाई जा सके। इसके अतिरिक्त, परिवार की रसोई के लिए गैस सिलेंडर की व्यवस्था भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा निशुल्क की जा रही है।
संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत दी गई सामग्री की सूची:
| क्रम | सामग्री | मात्रा |
| 1 | आटा | 25 किलो |
| 2 | चावल | 5 किलो |
| 3 | चीनी | 2 किलो |
| 4 | सरसों तेल | 1 लीटर |
| 5 | चने की दाल | 1 किलो |
| 6 | मूंग दाल | 1 किलो |
| 7 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 8 | जीरा | 150 ग्राम |
| 9 | लाल मिर्च | 100 ग्राम |
| 10 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 11 | कपड़े धोने का साबुन | 1 पैकेट |
| 12 | टाटा नमक | 1 पैकेट |
| 13 | सूखा दूध | 1 किलो |
| 14 | आलू | 5 किलो |
| 15 | प्याज | 5 किलो |
| 16 | अचार | 1 पैकेट |
| 17 | कपड़े धोने का सर्फ | 1 पैकेट |
| 18 | टाटा अग्नि चाय पत्ती | 1 पैकेट |
सात्विक जीवन और नशा मुक्ति की अनिवार्य शर्त
संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही इस अन्नपूर्णा मुहिम का एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू भी है। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं परिवारों को दिया जाता है जो पूर्णतः नशा मुक्त हैं और मांसाहार का त्याग कर चुके हैं।
संत रामपाल जी महाराज जी के आदेशानुसार, यदि कोई लाभार्थी सहायता प्राप्त करने के बाद नशा या मांस का सेवन करता पाया जाता है, तो उसकी सहायता तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाती है।
इस शर्त का उद्देश्य समाज को न केवल भूख से मुक्त करना है, बल्कि उसे नैतिक और शारीरिक रूप से भी सशक्त बनाना है। गुड़िया दासी ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं और वे अब भक्ति मार्ग पर चलते हुए एक गरिमापूर्ण जीवन जी रही हैं।
मानवता की सेवा ही सर्वोपरि धर्म
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों और सेवादारों ने बताया कि महाराज जी का नारा है “रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान, हर जरूरतमंद को देगा कबीर भगवान”। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए हरियाणा के बाद अब पंजाब में भी यह मुहिम व्यापक स्तर पर शुरू की गई है।
चेत सिंह नगर की यह घटना यह दर्शाती है कि जहाँ रिश्तेदार और समाज के अन्य अंग साथ छोड़ देते हैं, वहाँ आध्यात्मिक मार्गदर्शन और निःस्वार्थ सेवा भाव एक नई आशा की किरण जगा सकता है। संत रामपाल जी महाराज की इस पहल की स्थानीय निवासियों और प्रबुद्ध वर्ग द्वारा काफी सराहना की जा रही है, क्योंकि यह सीधे तौर पर समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रही है।

