चैत सिंह नगर, लुधियाना (पंजाब): समाज में आज भी ऐसे अनेक परिवार हैं जो गरीबी, अभाव और कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। ऐसे ही एक गरीब परिवार की कहानी पंजाब के लुधियाना शहर से सामने आती है, जहाँ एक माँ अपने तीन बच्चों की परवरिश अकेले कर रही है। पति के न होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह उन्हीं के कंधों पर थी। छोटे से किराए के कमरे में यह परिवार रहता था और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका था। लेकिन ऐसी कठिन परिस्थिति में भी इस परिवार के जीवन में उम्मीद की एक किरण जगी, और यह संभव हुआ संत रामपाल जी महाराज की अपार दया और करुणा से चल रही अन्नपूर्णा मुहिम के कारण। आइए जानते है कैसे संत रामपाल जी महाराज ने बरसाई असीम दया इस असहाय परिवार पर।
कठिन परिस्थितियों में हो रहा था जीवन व्यतीत
यह परिवार बेहद छोटे और तंग कमरे में रहता है। इतनी कम जगह है कि ठीक से खड़ा होना भी मुश्किल हो जाता है। इसी कमरे में माँ और उसके तीन बच्चे रहते हैं। बच्चों की पढ़ाई, भोजन और अन्य जरूरतों को पूरा करना माँ के लिए बहुत कठिन हो गया था। वह घर-घर जाकर झाड़ू-पोंछा का काम करती है और लगभग 3500 रुपये महीने कमाकर किसी तरह परिवार का गुजारा करती है। इसी कमाई में से उसे 1500 रुपये किराया भी देना पड़ता है और बिजली का बिल भी भरना पड़ता है। ऐसी स्थिति में परिवार की बाकी जरूरतों को पूरा करना उसके लिए लगभग असंभव हो जाता है।
परिस्थितियां इतनी कठिन थीं कि जब वह बीमार पड़ गई तो मजबूरी में अपनी बड़ी बेटी की पढ़ाई भी छुड़वानी पड़ी। कई बार ऐसा भी होता था कि काम पर जाने के लिए उसे अपने छोटे-छोटे बच्चों को भी साथ ले जाना पड़ता था। परिवार का कोई अन्य सदस्य उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।
संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम बनी सहारा
ऐसी कठिन परिस्थिति में संत रामपाल जी महाराज द्वारा चल रही अन्नपूर्णा मुहिम इस परिवार के लिए सहारा बनकर सामने आई। इस मुहिम के अंतर्गत जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। संत रामपाल जी महाराज की दया से इस परिवार को भी राशन की पूरी व्यवस्था प्रदान की गई जो कि निम्नलिखित हैं:-
| क्रम संख्या | सामग्री | मात्रा |
| 1. | आटा | 15 किलो |
| 2. | चावल | 5 किलो |
| 3. | चीनी | 2 किलो |
| 4. | चायपत्ती | 250 ग्राम |
| 5. | सूखा दूध | 1 डिब्बा |
| 6. | सरसों तेल | 1 लीटर |
| 7. | आचार | ½ किलो |
| 8. | हरी मूंग दाल | 1 पैकेट |
| 9. | चना दाल | 1 पैकेट |
| 10. | हल्दी पाउडर | 150 ग्राम |
| 11. | लाल मिर्च पाउडर | 100 ग्राम |
| 12. | जीरा | 150 ग्राम |
| 13. | आलू | 5 किलो |
| 14. | प्याज़ | 5 किलो |
| 15. | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 16. | कपड़ा धोने का साबुन | 1 किलो |
| 17. | सर्फ | ½ किलो |
| 18. | नमक | 1 किलो |
संत रामपाल जी महाराज की दया से इस परिवार के लिए गैस सिलेंडर की व्यवस्था भी कराई गई ताकि उन्हें भोजन बनाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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बच्चों की शिक्षा के लिए भी उठाया गया महत्वपूर्ण कदम
इस परिवार की सबसे बड़ी चिंता बच्चों की पढ़ाई को लेकर थी। लेकिन संत रामपाल जी महाराज की कृपा से अब उनकी बेटी को दोबारा स्कूल में दाखिला दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च जैसे:- किताबें, कॉपियां, पेन, यूनिफॉर्म, जूते और अन्य आवश्यक सामग्री, सब संत रामपाल जी महाराज की दया से उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उस बच्ची को फिर से शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और उसका भविष्य उज्जवल बन सकेगा।
आजीवन मदद की व्यवस्था
इसके साथ ही यह व्यवस्था भी की गई है कि जब भी परिवार का राशन समाप्त होने लगेगा, तो वे दिए गए संपर्क नंबरों पर सूचना देकर दोबारा राशन प्राप्त कर सकेंगे। यह पूरी व्यवस्था संत रामपाल जी महाराज द्वारा की गई है ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार भूखा न रहे।
अन्नपूर्णा मुहिम की सहायता के साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है जो लाभार्थी को समाज में जीने की राह भी प्रदान करती है। संत रामपाल जी महाराज के आदेश से लाभार्थी व्यक्ति मांस और नशीली वस्तुओं का सेवन नहीं करता हो, अगर लाभ लेने के बाद वह ऐसा करता पाया गया तो उनकी सुविधाएं तुरंत प्रभाव से रोक दी जाएंगी।
समाज सुधार के अनेक कार्य कर रहे हैं संत रामपाल जी महाराज
संत रामपाल जी महाराज केवल अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से ही नहीं बल्कि समाज सुधार के अनेक कार्यों के माध्यम से भी लोगों की सहायता कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में दहेज मुक्त विवाह करवाए जाते हैं, जिससे समाज में एक सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उनके अनुयायी नशामुक्त जीवन जीते हैं और दूसरों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। यह सब संत रामपाल जी महाराज के आध्यात्मिक ज्ञान और आशीर्वाद का प्रभाव है।
मानवता के लिए प्रेरणा बन रही अन्नपूर्णा मुहिम
आज जब समाज में स्वार्थ और लालच बढ़ता जा रहा है, ऐसे समय में जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का यह प्रयास मानवता के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर सामने आया है। उनके मार्गदर्शन में चल रही अन्नपूर्णा मुहिम हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा बन चुकी है। ऐसे परिवार, जिनके पास पहले भोजन तक की व्यवस्था नहीं थी, अब उन्हें समय पर राशन और अन्य आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं।
लुधियाना के इस परिवार की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि सिर्फ और सिर्फ एक पूर्ण संत की शब्द शक्ति से स्वार्थ की आग में जलता मानव, मानवता जैसी करुणा बरसाकर, समाज के कल्याण के लिए समर्पित हो सकता है। आज इस परिवार के चेहरे पर जो मुस्कान दिखाई दे रही है, वह संत रामपाल जी महाराज की दया और आशीर्वाद का परिणाम है।

