हरियाणा के सोनीपत शहर स्थित तारानगर कॉलोनी में अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत एक अकेली माताजी को राशन और आवश्यक सामग्री प्रदान की गई। यह सहायता तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा पहुंचाई गई। सेवादारों ने बताया कि माताजी किराए के छोटे से कमरे में रहती हैं और घरेलू काम कर जीवनयापन करती हैं। ट्रस्ट की ओर से उन्हें निरंतर सहायता, संपर्क व्यवस्था और आवश्यक शर्तों की जानकारी दी गई। इस पहल को स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
अन्नपूर्णा मुहिम से जुड़ी प्रमुख बातें:
- तारानगर कॉलोनी, सोनीपत में ज़रूरतमंद माताजी तक सहायता पहुंचाई गई
- संत रामपाल जी महाराज द्वारा राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई
- हर महीने सहायता देने की व्यवस्था बताई गई
- राशन खत्म होने से दो दिन पहले संपर्क करने की प्रक्रिया समझाई गई
- नशामुक्त जीवन और अभक्ष त्यागने की शर्तें लागू
- बच्चों की स्कूल ड्रेस व किताबों में भी सहायता
- गैस सिलेंडर और खाद्य सामग्री निःशुल्क देने का प्रावधान
- स्थानीय लोगों से सकारात्मक प्रतिक्रिया
तारानगर कॉलोनी में पहुंची सहायता सामग्री

सोनीपत के तारानगर कॉलोनी में मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट के सेवादार राहत सामग्री से भरी गाड़ी लेकर पहुंचे। बताया गया कि यह वाहन सतलोक आश्रम धनाना धाम से आया था। शहरों और गांवों में ज़रूरतमंद परिवारों की पहचान कर सहायता पहुंचाई जा रही है। इस दौरान एक अकेली माताजी से बातचीत भी कराई गई, जिन्होंने अपना नाम चंदा मिश्रा बताया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में कोई अन्य सदस्य नहीं है और वे घरेलू काम करके गुज़ारा करती हैं।
किराए के छोटे कमरे में जीवनयापन

माताजी ने बताया कि वे ₹700 मासिक किराए पर एक छोटे से कमरे में रहती हैं। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह स्थान वास्तव में सीढ़ियों के नीचे बनी एक रसोई जैसा हिस्सा है, जहां रहना बेहद कठिन है। रिपोर्टिंग के दौरान यह भी बताया गया कि कई परिवार इसी तरह सीमित संसाधनों में जीवन गुज़ार रहे हैं।
यह भी पढ़ें: बरहाना: खंडहर में जीने को मजबूर राजेंद्र जी के लिए संत रामपाल जी महाराज ने नया घर बनवाया
सेवादारों ने बताई सहायता की पूरी सूची

मौके पर मौजूद सेवादार ने जानकारी दी कि माताजी को जिन वस्तुओं की मदद दी गई, उनमें शामिल हैं:
| क्र.सं. | सामग्री | मात्रा |
| 1 | आटा | 15 किलो |
| 2 | आलू | 5 किलो |
| 3 | प्याज़ | 5 किलो |
| 4 | चावल | 5 किलो |
| 5 | चीनी | 2 किलो |
| 6 | सरसों का तेल | 1 लीटर |
| 7 | चाय पत्ती | 1 पैकेट |
| 8 | अचार | 1 पैकेट |
| 9 | नहाने का साबुन | 1 पैकेट |
| 10 | कपड़े धोने का साबुन | 1 पैकेट |
| 11 | दूध पाउडर | 1 डिब्बा |
| 12 | हल्दी | 1 पैकेट |
| 13 | मिर्च | 1 पैकेट |
| 14 | चना दाल | 1 किलो |
| 15 | मूंग दाल | 1 किलो |
| 16 | नमक | 1 थैली |
उन्होंने बताया कि यह सहायता हर महीने दी जाएगी, जब तक परिवार स्वयं सक्षम न हो जाए।
संपर्क व्यवस्था और विज़िटिंग कार्ड

माताजी को ट्रस्ट की ओर से एक विज़िटिंग कार्ड भी दिया गया। उन्हें बताया गया कि यदि राशन समाप्त होने में दो दिन शेष हों, तो पहले से फोन कर जानकारी दी जा सकती है, ताकि दो दिन के भीतर नई पैकिंग पहुंचाई जा सके। इसके लिए संपर्क नंबर 9992800455, 9992600771, 9992600161 और 9992600162 उपलब्ध कराए गए।
अन्नपूर्णा मुहिम की शर्तें
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राहत सामग्री केवल उन्हीं ज़रूरतमंद परिवारों को दी जाती है, जो नशामुक्त जीवन जीते हैं और मांस या किसी भी प्रकार की अभक्ष वस्तुओं का सेवन नहीं करते। ट्रस्ट के अनुसार, यदि कोई लाभार्थी इन शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उसकी सहायता तत्काल बंद कर दी जाती है।
बच्चों और अन्य ज़रूरतमंदों के लिए सहायता
मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा संचालित इस मुहिम में खाद्य सामग्री के साथ गैस सिलेंडर भी निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। साथ ही सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले उन बच्चों की मदद की जाती है, जिनके पास स्कूल ड्रेस और किताबें खरीदने की सामर्थ्य नहीं होती।
यह भी देखें: https://youtu.be/lsiJP8vPVZ0?si=Y7jlpq-naE6N6g84
अन्य सामाजिक गतिविधियों का उल्लेख
सेवादारों ने यह भी बताया कि साल में छह बार 12 आश्रमों में भंडारे आयोजित किए जाते हैं, जिनके दौरान रक्तदान शिविर और निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर लगाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त नेत्र जांच की व्यवस्था और देहदान से जुड़ी सेवाओं का उल्लेख भी किया गया।
उन्होंने कहा कि ज़रूरतमंद परिवारों के घर तैयार कराना और घर-घर राशन पहुंचाना भी मुहिम के अंतर्गत किया जा रहा है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
रिपोर्टिंग के दौरान पड़ोस की एक महिला ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि इस तरह की मदद की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि पहले माताजी को कभी-कभी आसपास से सहायता मिलती थी, लेकिन अब उन्हें नियमित सहयोग मिलने की जानकारी दी गई है।
ऑनलाइन जानकारी के स्रोत
अन्नपूर्णा मुहिम से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट www.jagatgururampalji.org, यूट्यूब चैनल Sant Rampal Ji Maharaj, फेसबुक पेज Spiritual Leader Saint Rampal Ji और ‘X’ हैंडल @SaintRampalJiM का उल्लेख किया गया।
निरंतर सहायता की दिशा में पहल
तारानगर कॉलोनी का यह मामला उन परिवारों की स्थिति को सामने लाता है, जिनके लिए दैनिक ज़रूरतें पूरी करना चुनौती बनी हुई हैं। अन्नपूर्णा मुहिम के तहत ट्रस्ट के सेवादारों ने स्पष्ट किया कि उद्देश्य केवल तत्काल राहत देना नहीं है, बल्कि तब तक सहयोग जारी रखना है, जब तक परिवार आत्मनिर्भर न हो जाए। संपर्क व्यवस्था, नियमित आपूर्ति और निर्धारित शर्तों के साथ यह पहल गांवों और शहरों दोनों में लागू की हू g ये जा रही है।

