सुनारिया कलां (हरियाणा): संत रामपाल जी महाराज जी सामाजिक कार्यों के तहत इंसानियत की मिसाल पेश करते जा रहें हैं। हरियाणा के रोहतक जिले के सुनारिया कलां गाँव में एक ऐसे परिवार को सहारा मिला है जो सिर पर टूटी छत, गरीबी और घर के सदस्य की नशे की लत के कारण नरकीय जीवन जीने को मजबूर था। संत रामपाल जी ने इस परिवार की सुध ली और उनके राशन, कपड़े और बच्चों की शिक्षा का ज़िम्मा उठाया।
परिवार की दयनीय स्थिति का विवरण
यह परिवार जिस मकान में रहता है, वहां न तो सुरक्षित छत है और न ही दरवाज़े। परिवार की स्थिति अत्यंत संघर्षपूर्ण है:
- पारिवारिक मुखिया: कैलासो देवी (विधवा), जिनके पति का देहांत 30-40 साल पहले हो चुका है।
- पुत्र की स्थिति: घर का जवान बेटा नशे का आदी है और कोई काम नहीं करता।
- आवास की स्थिति:
• मकान की छत घास-फूस और बांस की फट्टियों से बनी है जो जगह-जगह से टूटी हुई है।
• बारिश में छत से पानी टपकता है।
• मुख्य द्वार और कमरों के दरवाज़े टूटे हुए हैं।
• स्नानघर और शौचालय के नाम पर केवल प्लास्टिक के कट्टे और लकड़ी का ढांचा है।
- आजीविका का संकट: घर में कमाने वाला कोई पुरुष नहीं है। कैलासो देवी की बहू कभी-कभार मज़दूरी करती है, लेकिन वह भी बीमार है। एकमात्र सहारा वृद्धावस्था पेंशन है, जो आँखों के इलाज में खर्च हो जाती है।
- बच्चे: परिवार में दो छोटे बच्चे (लड़का 8 वर्ष, लड़की 6.5 वर्ष) हैं जो सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं।
तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा मिली राहत
संत रामपाल जी महाराज ने “रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान” नारे को चरितार्थ करते हुए इस परिवार को गोद लिया है। जब तक परिवार आत्मनिर्भर नहीं हो जाता, तब तक उनकी सारी ज़िम्मेदारी संत रामपाल जी महाराज द्वारा उठाई जाएगी।
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राहत सामग्री का विवरण
संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा प्रदान की गई सामग्री की सूची निम्न प्रकार है:
| क्रम संख्या | सामग्री का नाम | मात्रा/विवरण |
| 1 | आटा | 25 किलोग्राम |
| 2 | चावल | 5 किलोग्राम |
| 3 | आलू | 5 किलोग्राम |
| 4 | प्याज | 5 किलोग्राम |
| 5 | चीनी | 2 किलोग्राम |
| 6 | दूध | 1 किलोग्राम |
| 7 | सरसों तेल | 1 लीटर |
| 8 | दालें (चना और मूंग) | 1-1 किलोग्राम |
| 9 | अचार | 1 किलोग्राम |
| 10 | मसाले (हल्दी, मिर्च, जीरा) | आवश्यकतानुसार पैकेट |
| 11 | नमक (टाटा) | 1 पैकेट |
| 12 | चाय पत्ती | 1 पैकेट |
| 13 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 14 | कपड़े धोने का साबुन/सर्फ | आवश्यकतानुसार |
| 15 | स्कूल ड्रेस | दोनों बच्चों के लिए (दो-दो जोड़ी) |
| 16 | अन्य वस्त्र | परिवार के सदस्यों के लिए |
सुनारिया कलां में लाभार्थियों और सेवादारों की प्रतिक्रिया
कैलासो देवी (लाभार्थी)
“मेरे तीन लड़कों में से दो गुज़र गए और एक नशे में बर्बाद है। मैं बहुत दुखी थी। संत रामपाल जी महाराज ने हमारी बहुत मदद की है, इतना सहारा तो किसी ने नहीं दिया। अब हमें बहुत खुशी है।”
सेवादार (संत रामपाल जी महाराज के शिष्य)
“गुरुजी का आदेश है कि उनके बच्चे भूखे न सोएं। संत रामपाल जी महाराज समाज में दहेज मुक्त विवाह, नशा मुक्ति और जाति-पाति मिटाने का कार्य भी कर रहे हैं। इस परिवार को एक कार्ड दिया गया है। राशन खत्म होने से दो दिन पहले फोन करने पर राशन घर पहुंचा दिया जाएगा। यह मदद तब तक जारी रहेगी जब तक परिवार कमाने लायक नहीं हो जाता।”
बहू (लाभार्थी) का कहना है:
“हमें कोई सहारा नहीं दिखता था, लेकिन अब परमात्मा हमारा सहारा बने हैं। अब भूख और नींद की चिंता नहीं रही।”
मुहिम का व्यापक लक्ष्य: कलयुग में सतयुग
सेवादारों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज का उद्देश्य केवल राशन देना नहीं, बल्कि समाज सुधार करना है। वे दहेज प्रथा, नशाखोरी और पाखंड के खिलाफ एक आध्यात्मिक क्रांति ला रहे हैं। बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में भी उनके अनुयायी बढ़-चढ़कर सेवा करते हैं।
विशेष सूचना एवं नियम
इस सेवा का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
- नशा मुक्ति: लाभार्थी परिवार को पूर्ण रूप से नशा मुक्त जीवन जीना होगा।
- सात्विक आहार: मांस, अंडा या किसी भी प्रकार का मांसाहार पूरी तरह वर्जित है।
- कड़ी शर्त: यदि सहायता प्राप्त करने के बाद कोई लाभार्थी नशा या मांसाहार करता पाया गया, तो सहायता तुरंत बंद कर दी जाएगी।
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