हरियाणा के जींद के गांव ऐंचरा कला में जरूरतमंद परिवार के लिए संत रामपाल जी महाराज ने की अद्भुत पहल

हरियाणा के जींद में अमरजीत तक पहुँची संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम

हरियाणा के जिला जींद के गांव ऐंचरा कला में एक परिवार बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। इस परिवार के मुखिया का कुछ महीने पहले गंभीर एक्सीडेंट हो गया, जिसके बाद न सिर्फ उनकी सेहत बिगड़ती चली गई बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी पूरी तरह चरमराने लगी। घर की जिम्मेदारियाँ संभालने वाली उनकी पत्नी अब अकेले संघर्ष कर रही हैं, जबकि चारों बच्चों की पढ़ाई भी बीच में रुक गई है। इसी बीच संत रामपाल जी महाराज जी ने इस परिवार की स्थिति को देखकर तुरंत सहायता देने का निर्णय लिया।

परिवार की वास्तविक स्थिति: एक संघर्ष की दास्तान

जब संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम की टीम ऐंचरा कला पहुंची, तो सबसे पहले परिवार के घर की स्थिति का जायजा लिया गया। घर में दो परिवार रहते हैं और दोनों के लिए एक ही शौचालय और स्नानघर है। जिस परिवार के लिए सहायता भेजी गई थी, उसकी रसोई की हालत अत्यंत साधारण थी टिन की छत, मिट्टी का चूल्हा, सिलेंडर पर रखा चूल्हा और कुछ सीमित बर्तन। अंदर एक छोटा कमरा ही उनका रहने का स्थान है, जहां उनका सारा सामान और परिवार के सदस्य रहते हैं। दीवारें जर्जर हैं और कमरे की दशा खुद हालात की कहानी बयां करती है।

एक्सीडेंट के बाद से लगातार बिगड़ती सेहत

परिवार के मुखिया अमरजीत जी से बातचीत में पता चला कि उनका एक्सीडेंट आज से 6-7 महीने पहले हुआ था। इसके बाद वे रोहतक, करनाल और कई जगह इलाज कराने गए, परन्तु बीमारी में कोई खास सुधार नहीं आया। उन्होंने बताया कि घाव लगातार बढ़ते गए और कई डॉक्टरों ने इलाज से हाथ खींच लिया। समय के साथ वे इतने लाचार हो गए कि अब खाट से उठकर काम करना भी उनके लिए संभव नहीं है।

परिवार की आर्थिक स्थिति: बच्चों की पढ़ाई भी ठप

अमरजीत जी की पत्नी ने बताया कि एक्सीडेंट से पहले परिवार का आर्थिक जीवन ठीक था। बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे, लेकिन फीस न भर पाने के कारण अब स्कूल ने उनका सर्टिफिकेट तक देने से इंकार कर दिया है। नतीजा यह कि बच्चों का अभी तक किसी भी स्कूल में दाखिला नहीं हो पाया। घर चलाने वाला सदस्य बिस्तर पर है और आय का कोई स्रोत बचा नहीं है।

संत रामपाल जी महाराज के आदेश से पहुँची मदद

मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट के सेवादार शमशेर दास जी बताते हैं कि संत रामपाल जी महाराज ने हमेशा से आदेश दिया है कि “रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान, ये चारों चीजें हर जरूरतमंद तक पहुंचे।” गांव में सर्वे के दौरान यह परिवार मिला, जिसकी हालत बेहद नाजुक थी। इसलिए तुरंत सहायता उपलब्ध कराई गई।

उनके अनुसार संत रामपाल जी महाराज की ओर से जो सामग्री परिवार को दी गई, उसमें शामिल हैं,-

S.no.Item (सामग्री)Quantity (मात्रा)
1गेहूं का आटा25 किलो
2चावल 5 किलो
3चने की दाल 1 किलो
4मूंग दाल 1 किलो
5चीनी 2 किलो
6आलू 5 किलो
7प्याज 5 किलो
8कपड़े धोने का साबुन 1 पैकेट
9नहाने का साबुन 1 पैकेट
10सर्फ 1 पैकेट
11हल्दी1 पैकेट
12मिर्च1 पैकेट
13जीरा 1 पैकेट
14खाने का तेल 1 ltr
15टाटा नमक 1 पैकेट
16चाय 1 पैकेट
17अमूल दूध पाउडर1 पैकेट

इसके साथ एक सहायता कार्ड भी दिया गया, जिसके जरिए परिवार हर दो-तीन महीने में संत रामपाल जी महाराज जी से सामग्री खत्म होने पर राशन प्राप्त कर सकेगा।

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परिवार की आगे की जरूरतें भी होंगी पूरी

संवाद के दौरान परिवार ने अपनी कई और भी आवश्यकताएँ बताईं, क्योंकि परिवार के मुखिया अब भी अत्यधिक बीमार है और उन्हें और भी मदद की जरूरत है। अमरजीत की पत्नी ने भावुक बताया कि वे जरूरतमंद के साथ साथ संत रामपाल जी महाराज जी के आभारी हैं।

  • अमरजीत जी के इलाज में मदद
  • रसोई गैस सिलेंडर
  • घर में खराब पंखे की मरम्मत या नया पंखा
  • बच्चों की पढ़ाई से जुड़ी सामग्री
  • स्कूल ड्रेस और किताबें

सेवादारों ने बताया कि गुरुदेव के आदेश अनुसार परिवार की ये सभी आवश्यकताएँ चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएँगी। 

समाजसेवा की अनोखी मिसाल

संत रामपाल जी महाराज की ओर से कई समाजोपयोगी कार्य किए जाते हैं,

  • निःशुल्क रक्तदान शिविर
  • दंत चिकित्सक शिविर
  • नेत्र जांच एवं ऑपरेशन
  • दहेज-मुक्त विवाह
  • जरूरतमंद परिवारों के मकान बनवाना

इन सभी कार्यों का उद्देश्य है कि किसी भी निर्धन व्यक्ति को समाज में असहाय न होना पड़े।

सरकारी योजनाओं की सीमा और यह मुहिम क्यों जरूरी?

सरकार की कई योजनाएँ जैसे 

  • राशन कार्ड
  • आवास योजना
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ

कई परिवारों तक पहुँचती हैं। लेकिन जिनके दस्तावेज़ अधूरे होते हैं या किसी कारण वे पात्र नहीं बन पाते, वे मदद से वंचित रह जाते हैं। ऐसे ही परिवारों तक सहायता पहुँचाने के लिए यह मुहिम चलाई जा रही है ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा, बेसहारा या परेशान न रहे।

अन्नपूर्णा मुहिम: विशेष नियम और उद्देश्य

मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत यह स्पष्ट नियम है कि, 

  • सहायता केवल पूरी तरह नशा मुक्त और
  • मांसाहार से दूर रहने वाले परिवारों को दी जाएगी।

यदि कोई लाभार्थी बाद में नशा करता पाया गया, तो उसकी सहायता तुरंत बंद कर दी जाएगी।

इस मुहिम के तहत—

  • राशन
  • गैस सिलेंडर
  • बच्चों की पढ़ाई सामग्री
  • आवश्यक घरेलू सामान
  • चिकित्सकीय सहायता 

पूरी तरह मुफ़्त उपलब्ध करवाई जाती है। राहत सामग्री प्राप्त करने वाले परिवार अनुरोध अनुसार सिलेंडर या राशन खत्म होने से 2 दिन पहले संपर्क कर सकते हैं, ताकि समय पर नई सामग्री का प्रबंध किया जा सके।

संत रामपाल जी महाराज ने दिया अनेकों को सहारा

संत रामपाल जी महाराज ने एक इस गांव को ही नहीं बल्कि कई लोगों को सहायता प्रदान की है। संत रामपाल जी महाराज ने अपना सारा जीवन समाज को बुराइयों से बचाने और सत्संग के माध्यम से सत्यज्ञान पहुँचाने में लगा दिया। जेल में रहकर भी संत रामपाल जी महाराज रुके नहीं। उन्होंने गरीब, बेसहारा और असहाय बीमार लोगों को अन्नपूर्णा मुहिम के तहत ना केवल राशन और अन्य सुविधाएँ बल्कि मकान भी बनाकर दिए हैं।

संत रामपाल जी महाराज ने दुनिया को मानवता का संदेश दिया है। संत रामपाल जी महाराज अपनी दयालुता के लिए जाने जाते हैं। उनके पास प्रार्थना लगाकर जिसने जो भी मांगा उन्हें वो दिया गया है। वे विश्व के एकमात्र ऐसे संत हैं जिन्होंने समाज हित में अपनी आहुति दी है समाज सदैव उनका ऋणी रहेगा।

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