हरियाणा के रोहतक जिले का बाबरा मोहल्ला आज मानवीय संवेदनाओं और ईश्वरीय दया का गवाह बना है। यहाँ एक ऐसा परिवार निवास करता है, जिसकी किस्मत की लकीरें गरीबी और बीमारी ने धुंधली कर दी थीं। जहाँ भूख और बीमारी ने डेरा डाल रखा था, वहाँ संत रामपाल जी महाराज ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के जरिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर पहुँचे हैं।
मजबूरी की चक्की में पिसती सात जिंदगियाँ
बाबरा मोहल्ले में रहने वाला यह परिवार वर्तमान में अत्यंत दयनीय स्थिति से गुजर रहा है। परिवार में कुल सात सदस्य हैं, जिनमें माता-पिता, पाँच बेटियाँ और एक बेटा शामिल है। घर का मुखिया (पिता) लीवर की गंभीर बीमारी से ग्रसित होने के कारण बिस्तर पर है, जिससे वह काम करने में पूरी तरह असमर्थ है।
पूरे परिवार के भरण-पोषण का बोझ माता (सुनीता जी) के कंधों पर है। वह दूसरों के खेतों में सब्जी तोड़ने और मजदूरी का कार्य करके किसी तरह बच्चों का पेट पाल रही हैं। किराए के मकान में रहने वाले इस परिवार के पास न तो कोई सरकारी पेंशन है और न ही आय का कोई ठोस साधन। आर्थिक तंगी का आलम यह है कि सात लोगों की भूख और पिता की बीमारी के आगे एक माँ की मेहनत भी कम पड़ रही थी।
संत रामपाल जी महाराज ने थामा सहायता का हाथ
जब इस परिवार की व्यथा संत रामपाल जी महाराज तक पहुँची, तो उन्होंने तुरंत सहायता के आदेश दिए। संत रामपाल जी महाराज ने परिवार को न केवल राशन उपलब्ध कराया, बल्कि उनके चूल्हे की आग ठंडी न हो, इसका भी पुख्ता प्रबंध किया।
मुहिम के तहत परिवार को प्राप्त सामग्री :
| क्र.सं. | सामग्री का नाम | मात्रा |
| 1 | आशीर्वाद आटा | 25 किलो |
| 2 | बासमती चावल | 5 किलो |
| 3 | आलू | 5 किलो |
| 4 | प्याज | 5 किलो |
| 5 | चीनी | 2 किलो |
| 6 | हरी मूंग दाल | 1 किलो |
| 7 | पीली मूंग दाल | 1 किलो |
| 8 | सरसों का तेल | 1 लीटर |
| 9 | सूखा दूध (Milk Powder) | 1 किलो |
| 11 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 12 | मिर्च | 150 ग्राम |
| 13 | जीरा | 150 ग्राम |
| 14 | चाय पत्ती | 250 ग्राम |
| 15 | नमक | 1 किलो |
| 16 | अचार | 1 किलो |
| 17 | नहाने का साबुन | 4 साबुन का पैक |
| 18 | कपड़े धोने का साबुन | 1 किलो |
| 19 | घड़ी सर्फ | 1 किलो |
| 20 | गैस सिलेंडर | 1 नग (भरा हुआ) |
जब तक आत्मनिर्भरता नहीं, तब तक सेवा जारी
संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार, यह सहायता केवल एक बार की औपचारिकता नहीं है। आश्रम की टीम ने परिवार को आश्वस्त किया है कि जब तक यह परिवार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो जाता, तब तक हर महीने उनके घर का राशन संत रामपाल जी महाराज द्वारा निःशुल्क पहुँचाया जाएगा। राशन समाप्त होने से दो दिन पूर्व संपर्क करने पर पुनः नई खेप तैयार कर दी जाएगी।
पड़ोसियों और समाज की प्रतिक्रिया
इस नेक कार्य को देखकर मोहल्ले के लोग भी दंग हैं। पड़ोसी सोमवीर जी ने बताया कि उन्होंने आज तक ऐसी संस्था नहीं देखी जो खुद आगे बढ़कर गरीबों की सुध ले। उन्होंने कहा, “संत रामपाल जी महाराज की यह पहल सराहनीय है। जहाँ लोग केवल लेना जानते हैं, वहाँ संत जी निस्वार्थ भाव से देने का कार्य कर रहे हैं।”
एक ग्रामीण ने बताया कि “हमने पहले वेद-ग्रंथों में सुना था कि कलयुग के बाद सतयुग का आगमन होगा। उनका मानना है कि आज संत रामपाल जी महाराज ने ऐसी जनकल्याणकारी मुहिम शुरू की है, जिससे सतयुग की शुरुआत होती हुई प्रतीत होती है। ऐसे संत के जितने गुण गाएं कम होंगे।”
धर्म और लोककल्याण का मिलन
संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ केवल भोजन देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को नशा-मुक्त और शाकाहारी बनाने का एक संकल्प भी है। कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने जरूरतमंदों की निरंतर सहायता की थी। इसके अतिरिक्त, बाढ़ पीड़ितों के समय पर भी व्यापक स्तर पर राहत और मदद पहुँचाई गई। आरक्षण आंदोलन के दौरान भी संत रामपाल जी महाराज ने सक्रिय रूप से आगे बढ़कर महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को सहयोग मिला।
संत जी का स्पष्ट संदेश है कि सहायता उन्हीं को दी जाए जो बुराइयों का त्याग कर सात्विक जीवन जीने का प्रण लें। दहेज-मुक्त विवाह, रक्तदान और बाढ़ पीड़ितों की सेवा जैसे कार्यों से संत रामपाल जी महाराज आज एक आदर्श समाज की नींव रख रहे हैं।
विशेष सूचना:
संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा संचालित अन्नपूर्णा मुहिम पूरी तरह निःशुल्क है। इस योजना के अंतर्गत सहायता केवल उन्हीं परिवारों को प्रदान की जाती है जो पूर्ण रूप से नशामुक्त हों तथा मांस और मदिरा का सेवन नहीं करते हों। यदि आपके संपर्क में कोई ऐसा जरूरतमंद परिवार है जो इन शर्तों को पूरा करता है, तो सहायता के लिए मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट से संपर्क किया जा सकता है।
संपर्क सूत्र:9992800455, 999260771, 9992600161, 9992600162.

