रुद्रपुर कोरोना पीड़ित विधवा को संत रामपाल जी महाराज ने दिया घर

उत्तराखंड: कोरोना में उजड़ा परिवार, सांप-कीड़ों के बीच रहने को मजबूर लकवाग्रस्त दादी और 5 साल की बच्ची को ‘संत रामपाल जी महाराज’ ने दिया नवजीवन

रुद्रपुर (उत्तराखंड): उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर (ट्रांजिट कैंप/विवेक नगर) में गरीबी और लाचारी की एक दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई थी। यहाँ दुर्गा देवी नाम की एक बुजुर्ग महिला, जिन्होंने कोरोना काल में अपने पति और जवान बेटे को खो दिया था, अपनी 5 साल की नातिन ‘खुशी’ के साथ नरक जैसा जीवन जीने को मजबूर थीं। लेकिन, जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के ज़रिए इस परिवार के अंधेरे जीवन में रोशनी भर दी है।

​परिवार की दयनीय स्थिति का विवरण

​दुर्गा देवी का संघर्ष किसी भी संवेदनशील इंसान की रूह कंपाने के लिए काफी था:

  • पारिवारिक त्रासदी: कोरोना महामारी में पति और बेटे दोनों की मृत्यु हो गई। अब परिवार में केवल 65 वर्षीय दुर्गा देवी और उनकी 5 वर्षीय नातिन खुशी बची हैं।
  • आवास की स्थिति: यह परिवार एक 8×8 फीट की छोटी सी दुकान/शटर में रह रहा था।
    • ​बिस्तर नहीं था, जमीन पर कपड़ा बिछाकर सोती थीं।
    • ​अक्सर सांप, कानखजूरे और कीड़े-मकोड़े बिस्तर पर आ जाते थे, जिससे बच्ची डरती थी।
    • ​किराया न दे पाने के कारण मकान मालिक अक्सर निकाल देते थे। कभी खेतों में तो कभी खुले आसमान के नीचे रातें गुज़ारनी पड़ती थीं।
  • स्वास्थ्य: दुर्गा देवी का शरीर एक तरफ से लकवाग्रस्त (Paralyzed) है, जिस कारण वे काम करने में असमर्थ हैं। इलाज के लिए पैसे नहीं थे।
  • भुखमरी: कई बार दादी-पोती को 2-3 दिन तक भूखा रहना पड़ता था।

​संत रामपाल जी महाराज द्वारा मिली राहत

​संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों को जब इस स्थिति का पता चला, तो उन्होंने तुरंत संत रामपाल जी महाराज से प्रार्थना की। संत रामपाल जी महाराज जी का आदेश आते ही, उन्होंने दुर्गा देवी को उस गंदी जगह से निकालकर एक हवादार, पक्का और बड़ा कमरा (किचन और बाथरूम सुविधाओं के साथ) निशुल्क रहने के लिए उपलब्ध कराया। इसके साथ ही महीनों का राशन और गृहस्थी का सामान भी दिया।

​राहत सामग्री का विवरण

​संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों द्वारा प्रदान की गई सामग्री की सूची निम्न प्रकार है:

क्रम संख्यासामग्री का नाममात्रा/विवरण
1नया आवासबड़ा कमरा (किचन, बाथरूम, बिजली, पानी सहित – पूर्णतः निःशुल्क)
2चारपाई (Bed)1 नई चारपाई
3आटा15 किलोग्राम
4चावल5 किलोग्राम
5आलू5 किलोग्राम
6प्याज़ 5 किलोग्राम
7चीनी2 किलोग्राम
8दलिया1 किलोग्राम
9दालें (मूंग, मसूर)1-1 किलोग्राम
10सरसों तेल1 लीटर
11मसालेहल्दी, धनिया, नमक (1-1 पैकेट)
12चाय पत्ती250 ग्राम
13आचार500 ग्राम
14गैस कनेक्शनसिलेंडर, नया चूल्हा, रेगुलेटर और पाइप
15स्वच्छता किटडिटॉल साबुन (4), सर्फ (1 किलो), कपड़े धोने का साबुन (3)

लाभार्थियों और सेवादारों की प्रतिक्रिया

​दुर्गा देवी (लाभार्थी):

भावुक होकर उन्होंने कहा, “मैं सातों जन्म इनका एहसान नहीं भूल सकती। पहले हम कीड़ों के बीच रहते थे, अब चमन (स्वर्ग जैसा घर) मिल गया है। मेरे लिए भगवान खुद मदद करने आ गए हैं। अब हमें भूखा नहीं रहना पड़ेगा।”

Also Read: उत्तराखंड के बधानी ताल में गरीबी से जूझते सुरजन जी के परिवार तक पहुँची अन्नपूर्णा मुहिम: मानवता की मिसाल बनकर उभरी संत रामपाल जी महाराज की पहल

​राजीव दास (सेवादार):

“हमारे गुरुजी (संत रामपाल जी महाराज जी) का आदेश है, ‘रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान’। यह मदद सिर्फ आज के लिए नहीं है। हमने माताजी को कार्ड दिया है, जब भी राशन खत्म होगा या बच्ची की शिक्षा, दवा या कपड़ों की ज़रूरत होगी, संत रामपाल जी आजीवन इनका खर्च उठाएंगे। इनसे एक भी रुपया नहीं लिया गया है।”

​भविष्य की योजना और मिशन

​सेवादारों ने स्पष्ट किया कि ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत इस अनाथ बच्ची ‘खुशी’ की पढ़ाई का पूरा खर्च (स्कूल फीस, बैग, किताबें) संत रामपाल जी महाराज द्वारा उठाया जाएगा। साथ ही माता जी के लकवे के इलाज की व्यवस्था भी की जाएगी।

​विशेष सूचना एवं नियम

​इस सेवा का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

  1. नशा मुक्ति: लाभार्थी परिवार पूर्ण रूप से नशा मुक्त होना चाहिए।
  2. सात्विक आहार: मांस, अंडा या किसी भी प्रकार का मांसाहार वर्जित है।
  3. चेतावनी: यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो सहायता बंद कर दी जाएगी।

अधिक जानकारी के लिए आज ही subscribe करें AnnaPurna Muhim YouTube channel 

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *