ration-support-to-old-man-in-karsindu-village

जींद जिले के करसिंधु गांव में इंसानियत की मिसाल — संत रामपाल जी महाराज से बेसहारा बुजुर्ग को मिला सहारा

हरियाणा के जींद जिले की सफीदो तहसील स्थित करसिंधु गांव में एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो मानवता, करुणा और निःस्वार्थ सेवा का जीवंत उदाहरण बन गई है। यह कहानी है एक ऐसे बुजुर्ग की, जो वर्षों से गंभीर बीमारी, असहायता और आर्थिक तंगी के बीच जीवन जीने को मजबूर था। न कोई पत्नी, न संतान और न ही कोई पेंशन या स्थायी सहारा।

जब यह पीड़ा संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची, तो उन्होंने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से इस जरूरतमंद बुजुर्ग तक सहायता पहुंचाने का निर्देश दिया।

गांव करसिंधु पहुंची सहायता टीम

6 जुलाई 2025 को संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट, कुरुक्षेत्र के सेवादार करसिंधु गांव पहुंचे। गांव के प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों की गाड़ियां दिखाई दीं, जो जरूरतमंद परिवार की सहायता के उद्देश्य से यहां आई थीं।

सेवादारों ने उस बुजुर्ग से मुलाकात की, जिनका नाम हवा सिंह बताया गया। उनके साथ रहने वाले ईश्वर नामक व्यक्ति ने जानकारी दी कि हवा सिंह पिछले दो-तीन वर्षों से अधरंग (लकवा) से पीड़ित हैं और चलने-फिरने, नहाने-धोने तथा स्वयं भोजन करने में पूरी तरह असमर्थ हैं।

बिना परिवार, बिना पेंशन, बिना सहारे का जीवन

हवा सिंह का न कोई पुत्र है, न पत्नी और न ही कोई सरकारी पेंशन। उनका जीवन पूरी तरह दूसरों की दया पर निर्भर हो चुका था। भोजन की व्यवस्था पास के घर में रहने वाला भतीजा जैसे-तैसे करता था। यह स्थिति केवल आर्थिक अभाव की नहीं, बल्कि पूर्ण असहायता की थी।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता

संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार अन्नपूर्णा मुहिम के तहत हवा सिंह को निशुल्क खाद्य सामग्री, घरेलू उपयोग का सामान और वस्त्र प्रदान किए गए, ताकि उनके जीवन की बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत प्रदान की गई सहायता सामग्री

क्रमांकसहायता सामग्रीमात्रा / विवरण
1आटा15 किलोग्राम
2चावल5 किलोग्राम
3सरसों का तेल1 लीटर
4मूंग दाल1 किलोग्राम
5चना दाल1 किलोग्राम
6चीनी2 किलोग्राम
7नमक (टाटा)1 पैकेट
8चाय पत्ती (टाटा)1 पैकेट
9अमूल दूध1 पैकेट
10आलू5 किलोग्राम
11प्याज5 किलोग्राम
12मसाले (हल्दी, लाल मिर्च, जीरा)पूरा पैकेट
13नहाने का साबुन4 टिकिया
14कपड़े धोने का साबुन1 पैकेट
15कपड़े धोने का पाउडर (सर्फ)1 पैकेट
16बुजुर्ग के लिए कपड़े2 जोड़ी

यह सहायता केवल राशन तक सीमित नहीं थी, बल्कि सम्मान और देखभाल की भावना के साथ दी गई।

आगे भी सहायता का भरोसा

हवा सिंह को यह स्पष्ट रूप से बताया गया कि यह सहायता एक बार की नहीं है। उन्हें एक संपर्क कार्ड दिया गया और कहा गया कि राशन समाप्त होने से दो दिन पहले कॉल करने पर दोबारा सामग्री घर तक पहुंचाई जाएगी। जब तक परिवार में कोई कमाने वाला नहीं हो जाता, तब तक यह सहायता निरंतर जारी रहेगी।

Also Read: बारिश में टपकती छत और भूख से जूझता इंसान — संत रामपाल जी महाराज ने बदली सोनू जी की किस्मत

संत रामपाल जी महाराज की सेवा भावना

सेवादारों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज केवल भोजन ही नहीं, बल्कि बीमारी की स्थिति में दवाइयों की व्यवस्था, वस्त्र, और आवश्यकता पड़ने पर मकान निर्माण जैसी सहायता भी प्रदान कराते हैं। यह सभी सेवाएं निःस्वार्थ भाव से समाज के कल्याण हेतु की जाती हैं।

भावुक हुआ परिवार

सहायता मिलने के बाद हवा सिंह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि जब समाज से उम्मीद टूट चुकी थी, तब संत रामपाल जी महाराज ने उनकी सुध ली। यह मदद उनके लिए केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि जीवन जीने का नया भरोसा बन गई है।

अन्नपूर्णा मुहिम का उद्देश्य

संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित अन्नपूर्णा मुहिम का उद्देश्य है—

  • कोई भी जरूरतमंद भूखा न रहे
  • बुजुर्ग, बीमार और असहाय सम्मान के साथ जीवन जिएं
  • बच्चों की पढ़ाई आर्थिक कारणों से न रुके
  • समाज को नशा-मुक्त और नैतिक जीवन की ओर प्रेरित किया जाए

यह राहत केवल उन्हीं व्यक्तियों को दी जाती है जो नशा-मुक्त और मांसाहार रहित जीवन अपनाते हैं।

इंसानियत की सच्ची तस्वीर

करसिंधु गांव की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा मुहिम केवल सहायता नहीं, बल्कि टूटते जीवन को संबल देने का कार्य कर रही है। जहां आज महंगाई के दौर में लोग अपनों की मदद से भी पीछे हट जाते हैं, वहीं एक संत की प्रेरणा से हजारों परिवारों के जीवन में आशा की किरण जग रही है। यह सेवा नहीं, बल्कि मानवता का जीवंत रूप है।

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *