बैयापुर अन्नपूर्णा मुहिम

सोनीपत (बैयापुर): मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे, दो पोतों और विधवा मां का सहारा बने संत रामपाल जी महाराज | अन्नपूर्णा मुहिम

बैयापुर (सोनीपत), हरियाणा: हरियाणा के सोनीपत जिले के बैयापुर गाँव में एक विधवा मां के संघर्ष की मार्मिक कहानी सामने आई है। यहाँ कमलेश देवी नामक एक बुजुर्ग महिला, जिनका बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ है, अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए अकेले संघर्ष कर रही थीं। घर की हालत खस्ताहाल है, दरवाज़े टूटे हुए हैं और छत जर्जर हो चुकी है। ऐसे कठिन समय में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ने इस परिवार की सुध ली और अपनी ‘अन्नपूर्णा मुहिम‘ को माध्यम बनाकर इनकी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई।

​परिवार की दयनीय स्थिति का विवरण

​कमलेश देवी का परिवार घोर आर्थिक संकट और अभावों में जी रहा था:

  • परिवार की मुखिया: कमलेश देवी (विधवा)।
  • बेटा: 40 वर्षीय पुत्र, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ (Mentally Challenged) है और काम करने में असमर्थ है।
  • पोते: दो पोते (20 और 16 वर्ष), जो अभी 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे हैं।
  • आर्थिक स्थिति: आय का एकमात्र साधन कमलेश देवी की विधवा पेंशन और सरकारी राशन था। घर में कोई कमाने वाला पुरुष नहीं है।
  • आवास की स्थिति: घर का मुख्य लोहे का गेट टूटा हुआ है। छत पुरानी लकड़ियों की फट्टियों से बनी है। शौचालय और स्नानघर के दरवाज़े भी टूट चुके हैं।

बैयापुर में ​संत रामपाल जी महाराज द्वारा मिली राहत

​मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट (सतलोक आश्रम धनाना धाम) के सेवादारों ने सर्वे के दौरान इस परिवार की स्थिति देखी। संत रामपाल जी महाराज के संकल्प “रोटी, कपड़ा, चिकित्सा, शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान” के तहत उनके आदेशानुसार इस परिवार को तुरंत राहत पहुंचाई गई। सेवादारों ने बताया कि संत रामपालजी महाराज जी द्वारा यह मदद केवल एक बार के लिए नहीं है, बल्कि जब तक परिवार आत्मनिर्भर नहीं हो जाता, तब तक जारी रहेगी। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने इस परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई।

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​राहत सामग्री का विवरण

​संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सामग्री की सूची निम्न प्रकार है:

क्रम संख्यासामग्री का नाममात्रा/विवरण
1आटा20 किलोग्राम
2चावल5 किलोग्राम
3आलू5 किलोग्राम
4प्याज़ 5 किलोग्राम
5चीनी2 किलोग्राम
6दालें (चना और मूंग)1-1 किलोग्राम
7सूखा दूध (अमूल)1 डिब्बा (1 किलो)
8सरसों तेल1 लीटर
9चाय पत्ती (टाटा)1 पैकेट
10नमक (टाटा)1 पैकेट
11मसाले (हल्दी, मिर्च, जीरा)आवश्यकतानुसार पैकेट
12आचार500 ग्राम
13डिटर्जेंट पाउडर (घड़ी)1 पैकेट
14साबुन4 नहाने के, 3 कपड़े धोने के

लाभार्थियों और सेवादारों की प्रतिक्रिया

​कमलेश देवी (लाभार्थी):

“बेटा बीमार है, पोते पढ़ रहे हैं। पेंशन से गुज़ारा मुश्किल से होता था। आज संत रामपाल जी महाराज ने जो राशन भेजा है, उससे बहुत बड़ा सहारा मिला है। मैं उनका हाथ जोड़कर धन्यवाद करती हूँ।”

​सुरेंद्र दास (सेवादार):

“गुरुजी का आदेश है कि ‘जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा’। हम जाति-पाति नहीं देखते। जब तक बच्चे कमाने लायक नहीं हो जाते, तब तक राशन और अन्य ज़रूरी सामान की ज़िम्मेदारी हमारी है। माताजी को एक कार्ड दिया गया है, जिस पर फोन करते ही सहायता घर पहुँच जाएगी।”

​विशेष सूचना एवं नियम

​इस सेवा का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

  1. नशा मुक्ति: लाभार्थी परिवार को पूर्ण रूप से नशा मुक्त जीवन जीना होगा।
  2. सात्विक आहार: मांस, अंडा या किसी भी प्रकार का मांसाहार पूरी तरह वर्जित है।
  3. चेतावनी: यदि सहायता प्राप्त करने के बाद कोई व्यक्ति नशा या मांसाहार करता पाया गया, तो उसकी मदद तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।

इस मुहिम से मदद लेने के लिए संपर्क नंबर 9992800455, 9992600771, 9992600161 और 9992600162 उपलब्ध कराए गए।

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