मलिकपुर, अन्नपूर्णा मुहिम

​कुरुक्षेत्र (मलिकपुर): 3 साल से पैरालिसिस से जूझ रहे रिंकू के लिए मसीहा बने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज | ‘अन्नपूर्णा मुहिम’

मलिकपुर (कुरुक्षेत्र), हरियाणा: हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पेहोवा तहसील के मलिकपुर गाँव में गरीबी और बीमारी से जूझ रहे एक परिवार को नई उम्मीद मिली है। यहाँ रिंकू नामक व्यक्ति पिछले 3 वर्षों से पैरालिसिस (Paralysis) जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। बीमारी के कारण वह काम करने में असमर्थ हैं और घर की ज़िम्मेदारी पूरी तरह से उनकी पत्नी पर आ गई थी, जो मनरेगा (NREGA) में मज़दूरी करके किसी तरह परिवार पाल रही थीं। लेकिन काम भी साल में कुछ ही महीने मिल पाता था।

ऐसे कठिन हालात में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज इस परिवार के लिए फरिश्ता बनकर आए। संत रामपाल जी महाराज जी ने अपनी अन्नपूर्णा मुहिमके ज़रिए इस परिवार की ज़िम्मेदारी ली। 

​परिवार की दयनीय स्थिति का विवरण

​रिंकू जी का परिवार अत्यंत संघर्षपूर्ण परिस्थितियों में जी रहा है:

  • मुखिया: रिंकू जी, जो 3 साल से पैरालिसिस के कारण लाचार हैं।
  • परिवार: कुल 4 सदस्य (पति, पत्नी और बच्चे)।
  • आर्थिक स्थिति: घर में कमाने वाला कोई पुरुष नहीं है। पत्नी मनरेगा में दिहाड़ी करती हैं, जो नियमित नहीं है। रिंकू जी की विकलांगता पेंशन ही एकमात्र सहारा थी।
  • आवास: घर की स्थिति जर्जर है। दीवारें टूटी हुई हैं और छत की कड़ियां कमज़ोर हो चुकी हैं, जिनसे पानी टपकता है। बारिश से बचने के लिए तिरपाल लगाई गई है। बाथरूम और शौचालय की हालत भी खस्ताहाल है।

मलिकपुर में ​संत रामपाल जी महाराज द्वारा मिली राहत

​मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट (सतलोक आश्रम) के सेवादारों ने सर्वे के दौरान इस परिवार को चिन्हि्त किया। संत रामपाल जी महाराज के संकल्प “रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान” के तहत और उनके आदेशानुसार तुरंत राहत पहुंचाई गई। सेवादारों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा यह मदद केवल राशन तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में बच्चों की पढ़ाई और मकान की मरम्मत में भी सहायता दी जाएगी।

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​राहत सामग्री का विवरण

​संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सामग्री की सूची निम्न प्रकार है:

क्रम संख्यासामग्री का नाममात्रा/विवरण
1आटा25 किलोग्राम
2चावल5 किलोग्राम
3आलूआवश्यकतानुसार
4प्याज़ आवश्यकतानुसार
5चीनी2 किलोग्राम
6दालें (चना, मूंग, काली दाल)1-1 किलोग्राम
7दूध (अमूल)2 लीटर
8सरसों तेल2 लीटर
9चाय पत्ती (टाटा)1 पैकेट
10नमक (टाटा)1 पैकेट
11मसाले (हल्दी, मिर्च, जीरा)1-1 पैकेट (एमडीएच)
12आचार1 डब्बा
13स्वच्छता किटनहाने का साबुन, कपड़े धोने का साबुन, सर्फ

परिवार की प्रतिक्रियाएं

रिंकू जी (लाभार्थी):

“संत रामपाल जी महाराज जैसा संत दुनिया में कोई नहीं है। बाकी सब लेने आते हैं, लेकिन ये देने आए हैं। आज तक किसी ने हमारी सुध नहीं ली थी, लेकिन महाराज जी ने हमारे दुख को समझा। अब हमारे चेहरे पर मुस्कान लौटी है।”

सेवादार (संत रामपाल जी महाराज के शिष्य):

“यह सेवा निस्वार्थ है। गुरुजी का आदेश है कि कोई भी भूखा न सोए। हमने परिवार को एक कार्ड और नोटबुक दी है। जब भी राशन खत्म होगा, एक फोन पर सामान घर पहुँचाया जाएगा। यह मदद आजीवन जारी रहेगी।”

इन्हें संपर्क नंबर 9992800455, 9992600771, 9992600161 और 9992600162 उपलब्ध कराए गए।

​विशेष सूचना एवं नियम

​इस सेवा का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

  1. नशा मुक्ति: लाभार्थी परिवार को पूर्ण रूप से नशा मुक्त जीवन जीना होगा।
  2. सात्विक आहार: मांस, अंडा या किसी भी प्रकार का मांसाहार पूरी तरह वर्जित है।
  3. चेतावनी: यदि सहायता प्राप्त करने के बाद कोई व्यक्ति नशा या मांसाहार करता पाया गया, तो उसकी मदद तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।

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