फाजिल्का (पंजाब): जीवन की डगर पर जब अपने साथ छोड़ देते हैं और गरीबी की मार इंसान को तोड़ देती है, तब उम्मीद की एक ही किरण बचती है परमात्मा। फाजिल्का में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहाँ एक बेसहारा महिला और उसकी बेटियों के लिए जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज साक्षात् मसीहा बनकर उभरे। संत रामपाल जी महाराज ने इस परिवार की भूख मिटाई।
एक माँ का संघर्ष और बेबसी के आंसू
यह व्यथा फाजिल्का की रहने वाली रानी जी और उनके परिवार की है। रानी जी का जीवन संघर्षों से भरा हुआ है। उनके पति उन्हें और उनकी बेटियों को बेसहारा छोड़कर चले गए। घर में कुल चार बेटियां हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है, लेकिन दो बेटियां अभी भी मां के साथ रहती हैं। परिवार की स्थिति इतनी दयनीय है कि रानी जी को दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा करके गुजारा करना पड़ता है। कई बार स्थिति ऐसी होती है कि घर में एक वक्त का खाना बनाने के लिए भी राशन नहीं होता। किराए के मकान का बोझ और बेटियों की जिम्मेदारी ने रानी जी की कमर तोड़ दी थी।
दोहरी चुनौती: एक बेटी मूक, दूसरी के सपनों पर गरीबी का पहरा
रानी जी की मुसीबतें केवल राशन तक सीमित नहीं थीं। उनकी एक बेटी सुनने और बोलने में असमर्थ (मूक) है, जिसके कारण वह स्कूल नहीं जा पाती और मां के साथ मजदूरी में हाथ बंटाती है। वहीं दूसरी बेटी, रीटा, जो सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा (प्लस वन) की छात्रा है, पढ़ने में होनहार है। रीटा का सपना आईपीएस (IPS) अधिकारी बनने का है, लेकिन घर के हालात देखकर उसने अपने सपनों को छोटा कर लिया और केवल पुलिस में भर्ती होने की सोच रही थी।
संत रामपाल जी महाराज ने भेजी ‘राहत की सौगात’
जैसे ही इस परिवार की दयनीय स्थिति की जानकारी संत रामपाल जी महाराज के संज्ञान में आई, उन्होंने तुरंत इस परिवार को अपनी शरण में लिया। संत रामपाल जी महाराज ने अपने अनुयायियों के माध्यम से इस परिवार तक राशन और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई। संत रामपाल जी का संकल्प है “रोटी, कपड़ा, चिकित्सा, शिक्षा और मकान, हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान।“
संत रामपाल जी महाराज ने इस परिवार को जो सामग्री प्रदान की, उसकी गुणवत्ता और मात्रा यह दर्शाती है कि वे गरीबों का कितना ख्याल रखते हैं:
| क्र.सं. | सामग्री | मात्रा |
| 1 | आटा | 25 किलो |
| 2 | चावल | 5 किलो |
| 3 | चीनी | 1 किलो |
| 4 | सरसों का तेल | 1 लीटर |
| 5 | चना दाल | 1 किलो |
| 6 | हरी मूंग दाल | 1 किलो |
| 7 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 8 | जीरा | 150 ग्राम |
| 9 | लाल मिर्च | 100 ग्राम |
| 10 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 11 | कपड़े धोने का साबुन | 1 किलो |
| 12 | टाटा नमक | 1 किलो |
| 13 | टाटा चाय | 250 ग्राम |
| 14 | मिल्क पाउडर (सूखा दूध) | 1 किलो |
| 15 | आलू | 5 किलो |
| 16 | प्याज | 5 किलो |
| 17 | अचार | ½ किलो |
| 18 | वाशिंग पाउडर | ½ किलो |
| 19 | धनिया पाउडर | 100 ग्राम |
| 20 | बेसन | 0.5 किलो |
| 21 | दलिया | 1 किलो |
सिर्फ राशन नहीं, शिक्षा और सिर की छत की भी जिम्मेदारी
संत रामपाल जी महाराज ने केवल एक महीने का राशन देकर अपने कर्तव्य की इतिश्री नहीं की। उन्होंने इस परिवार को यह आश्वासन दिया कि भविष्य में राशन खत्म होने से दो दिन पहले ही उनके घर पर नया राशन पहुंचा दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, संत रामपाल जी महाराज ने बेटी रीटा की पढ़ाई का पूरा जिम्मा उठाया है। उसकी स्कूल की फीस, ड्रेस और अन्य खर्चे अब संत रामपाल जी महाराज द्वारा वहन किए जाएंगे, ताकि वह अपने आईपीएस अधिकारी बनने के सपने को पूरा कर सके। साथ ही, संत रामपाल जी ने परिवार के किराए और रहने की उचित व्यवस्था के लिए भी आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
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पड़ोसियों ने सराहा संत रामपाल जी का कदम
रानी जी जिस मकान में रहती हैं, उसकी मालकिन और पड़ोसियों ने भी संत रामपाल जी महाराज के इस कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की। मकान मालकिन ने बताया कि परिवार की गरीबी देखकर उन्होंने किराया कम कर दिया था, लेकिन संत रामपाल जी महाराज द्वारा मिली इस मदद से अब यह परिवार सम्मानजनक जीवन जी सकेगा। पड़ोसियों ने माना कि आज के कलयुग में निस्वार्थ भाव से ऐसी सेवा केवल एक पूर्ण संत ही कर सकते हैं।
जेल से भी समाज कल्याण की धारा बहा रहे संत रामपाल जी
भले ही संत रामपाल जी महाराज वर्तमान में जेल में हैं, लेकिन उनकी आध्यात्मिक शक्ति और प्रेरणा से समाज सुधार के कार्य निरंतर जारी हैं। वे जेल में रहते हुए भी लाखों परिवारों का भरण-पोषण कर रहे हैं। नशा मुक्ति हो, दहेज रहित विवाह हो या गरीबों की सहायता, संत रामपाल जी महाराज हर मोर्चे पर समाज को एक नई दिशा दे रहे हैं। रानी जी और उनकी बेटियों के चेहरे पर आई मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि धरती पर मानवता के रक्षक के रूप में संत रामपाल जी महाराज मौजूद हैं।
विशेष सूचना: यह सेवा मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से संचालित है। यह सहायता केवल उन परिवारों के लिए है जो पूर्णतः नशामुक्त हैं और मांस-मदिरा का सेवन नहीं करते।
इस सेवा की पूरी कवर्जे यहाँ देखें:


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