कांति नगर (दिल्ली) में हरिश्चंद्र के परिवार की ऐसी मदद से मिला संत रामपाल जी महाराज की दिव्य निस्वार्थ सेवा भाव का प्रमाण

कांति नगर (दिल्ली) में हरिश्चंद्र के परिवार की ऐसी मदद से मिला संत रामपाल जी महाराज की दिव्य निस्वार्थ सेवा भाव का प्रमाण

कांति नगर (दिल्ली): आज जब देश डिजिटल विकास और प्रगति की बात कर रहा है, तब भी कई परिवार साधारण जरूरतों के लिए संघर्षरत हैं। चमचमाती और ऊंची–ऊंची इमारतों वाली दिल्ली के पूर्वी दिल्ली के कांति नगर जैसे इलाके में हरिश्चंद्र का परिवार भुखमरी, बीमारी और बेरोजगारी से जूझ रहा था। ऐसे कठोर वक्त में, संत रामपाल जी महाराज ने परिवार तक आशा की किरण पहुंचाई। आइए इस लेख में विस्तार से जानते है कि जब लाभार्थी परिवार ने भगवान से अपनी आस लगाई तो कैसे संत रामपाल जी महाराज उनके जीवन का एक नया सवेरा बने।

बेबसी भरा जीवन: सिर्फ उबले हुए चावल पर चल रहा था परिवार

कांति नगर की तंग गलियों में 10×6 फीट के छोटे से किराए के कमरे में हरिश्चंद्र का परिवार रहता है। जो इतना मजबूर हो गया था कि उबले चावल खाकर गुजारा कर रहा था। घर में रोटी के लिए आटा तक नहीं था और सिलेंडर भी खाली था।

हरिश्चंद्र, जो पहले ई-रिक्शा चलाकर अपने घर का खर्च उठाते थे, अचानक गंभीर बीमारी के शिकार हो गए। डॉक्टरों ने दो महीने आराम करने की सलाह दी, जिसके बाद घर की आय पूरी तरह रुक गई और रोजी रोटी का संकट सर पर मंडराने लगा। कुछ दिन में बीमारी से उभरने के बाद जब हरिश्चंद्र अपनी रिक्शा लेने पार्किंग पहुँचे, तो वहाँ बैटरी और जरूरी पार्ट चोरी मिलें। कई बार पुलिस स्टेशन के चक्कर काटने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। आय का कोई श्रोत ना होने से खाने और किराया चुकाने के लिए पैसे भी नहीं बचे।

हर दिन परेशानी में हो रहा था इज़ाफ़ा 

परिवार जिस 10×6 फीट के कमरे में रह रहा है उसका किराया 3000 रुपये महीना है, लेकिन बीमारी के कारण चार महीनों से किराया भी नहीं दे पाए। बिजली का बिल भी बकाया था। मकान मालिक की थोड़ी नरमी के कारण अभी तक कमरा खाली नहीं करवाया गया है और ना ही किराए के लिए दबाव बनाया, पर परिवार लगातार डर में जी रहा था। पड़ोसी बताते हैं कि हरिश्चंद्र की पत्नी, घर की हालत देखकर कई बार फुटकर रो पड़ती थीं, क्योंकि मदद की सारी उम्मीद धुंधला गई थीं।

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम बनी एकमात्र सहारा 

जब परिवार पूरी तरह से निराश था, तब संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार सतलोक आश्रम मुंडका से सेवादार अन्नपूर्णा मुहिम के तहत उनके घर पहुँचे। संत रामपाल जी महाराज की दया से परिवार की नाजुक स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उन्हें संत रामपाल जी महाराज द्वारा तुरंत पूरे महीने का राशन और आवश्यक सामग्री नि:शुल्क दी गई। इस मदद का उद्वेश्य प्रचार नहीं बल्कि वास्तविकता में असहाय परिवार तक पहुंच कर, उनकी सहायता करना है।

राशन में मिली सामग्री

क्रम संख्या (S. No.)वस्तु (Item)मात्रा (Quantity)
1.आटा (Wheat Flour)25 किलो
2.चावल (Rice)5 किलो
3.आलू (Potatoes)5 किलो
4.प्याज (Onions)5 किलो
5.सूखा दूध (Dry Milk Powder)1 किलो
6.चीनी (Sugar)2 किलो
7.चाय पत्ती (Tea Leaves)250 ग्राम
8.तेल (Oil)1 किलो
9.अचार (Pickle)1 किलो
10.लाल मिर्च (Red Chili)1 पैकेट
11.हल्दी (Turmeric)1 पैकेट
12.जीरा (Cumin)1 पैकेट
13.नमक (Salt)1 किलो
14.चना दाल (Chana Dal)1 किलो
15.मूंग दाल (Moong Dal)1 किलो
16.कपड़े धोने का साबुन (Washing Soap)1 किलो
17.डिटर्जेंट (Detergent)0.5 किलो (½ किलो)
18.नहाने के साबुन (Bathing Soaps)4 नग

आखिर कब तक की जाएगी सहायता? 

अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत और संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार, हर की गई सहायता केवल एक बार राशन देकर छोड़ देने के लिए नहीं है। इसके विपरीत राशन खत्म होने से दो–तीन दिन पहले परिवार सेवादारों से संपर्क करेगा और तत्काल अगली राहत सामग्री भेज दी जाएगी। यह मदद तब तक जारी रहेगी जब तक परिवार का मुखिया कमाने योग्य नहीं हो जाता।

चिकित्सा और शिक्षा की व्यवस्था भी है शामिल

उन्होंने बताया कि हरिश्चंद्र के फेफड़ों के इलाज की जिम्मेदारी भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा करवाई जाएगी। उन्हें सांस लेने में तकलीफ़ होने की वजह से उनके लिए एक मशीन चाहिए थी, जिसका पूरा खर्च संत रामपाल जी महाराज उठाएंगे।

उनकी बेटी की पढ़ाई—फीस, यूनिफॉर्म, किताबें, जूते—सब कुछ अब संत रामपाल जी महाराज के आशीर्वाद से उपलब्ध करा दिया जाएगा। परिवार को गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने और बकाया किराया चुकाने जैसी अन्य राहत भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा दिए गए लाभों में है।

बुराई से जीवन को दूर रखने की एक अद्भुत शुरूआत

अन्नपूर्णा मुहिम का लाभ केवल उन परिवारों को मिलता है जो किसी भी तरह के नशे, मांस भक्षण, व अभक्ष पदार्थ से दूर रहते हैं। यदि कोई परिवार इन नियमों का पालन नहीं करता या लाभ सामग्री मिलने के दौरान भंग करता है, तो तत्काल प्रभाव से सहायता रोक दी जाती है। यह नियम संत रामपाल जी महाराज की शिक्षा के अनुसार नैतिक, सभ्य और बुराइयों से दूर जीवन जीने को बढ़ावा देता है।

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पड़ोसियों ने बताया कि परिवार की आस केवल भगवान पर थी

हरिश्चंद्र जी के पड़ोसी आश्चर्यचकित हो गए और उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज के द्वारा जो मदद की गई है, वह आज के समय में असाधारण है। उन्होंने बताया कि परिवार पूरी तरह टूट चुका था, न सरकारी सहायता मिली, न रिश्तेदारों ने कोई मदद की—ऐसे वक्त में संत रामपाल जी महाराज के द्वारा की गई यह सहायता उनके लिए जीवनदायिनी बनी। उन्होंने यह भी बताया कि परिवार की आखिरी उम्मीद सिर्फ भगवान ही थे और भगवान स्वयं मदद के लिए पहुंच गए।

संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं पर चलकर उनके आश्रम के सेवादारों ने उनके विषय में कुछ बातें व्यक्त की — संत रामपाल जी महाराज, जो वर्तमान में हिसार जेलधाम में हैं, का स्पष्ट संदेश है कि कोई भी व्यक्ति भूख से नहीं मरना चाहिए। इसी संदेश पर चलते हुए मुहिम अब दिल्ली में भी बड़े स्तर पर धरातल पर कार्यरत है।

अन्नपूर्णा मुहिम से झलका संत रामपाल जी महाराज की निस्वार्थ सेवा का भाव

कांति नगर में हरिश्चंद्र जी के जीवन में लौटी मुस्कान दिखाती है कि संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम ज़रूरतमंदों तक सीधे पहुँच रही है तथा ऐसे गरीब और असहायों को लाभ पहुंचा रही है जहां बाकी सब व्यवस्थाएं असमर्थ रही है। यह मुहिम दिखाती है कि भगवान के लिए कोई भी कार्य असंभव नहीं है।

संत रामपाल जी महाराज ने अपने शिष्यों को प्रेरक संदेश दिया है कि 

“एक रोटी कम खा लेंगे, मग़र किसी गरीब को भूखा नहीं सोने देंगे”

कलयुग में सतयुग का आगाज़

जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज अपनी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के माध्यम से लाखों लोगों का जीवन बदल रहे हैं। उनका उद्देश्य समाज से गरीबी, भुखमरी और हिंसा जैसी बुराइयों को समूल नष्ट करना है।

पवित्र वेदों के मंत्रों के अनुसार, भगवान संत रामपाल जी महाराज, इस मुहिम के अंतर्गत अपनी आत्माओं को खोज कर, उस बात को सिद्ध कर रहे है कि परमात्मा अपनी सच्ची आत्मा को स्वयं आकर मिलता है। कलयुग में सतयुग आने की भविष्यवाणी तो बहुत धर्मगुरुओं एवं भविष्यवक्ताओं ने की है परंतु संत रामपाल जी महाराज ने ऐसी दिव्य व्यवस्था धरातल पर बनाकर, अन्नपूर्णा मुहिम के द्वारा, कलयुग में सतयुग का आगाज़ कर दिया है।

3 Comments

  1. Literally, heartwarming story and the massive help Sant Rampal Ji Maharaj provided 🥲❤️✨

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