वर्तमान समय की भीषण महंगाई और सामाजिक विखंडन के दौर में जहाँ निर्धन परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है, वहीं मानवता की सेवा का एक अनुकरणीय उदाहरण पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर जिले से सामने आया है। यहाँ के गाँव रखड़ा ढाहां में रहने वाली एक अत्यंत निर्धन और बेसहारा बुजुर्ग महिला कांता दासी के लिए जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज एक मसीहा बनकर उभरे हैं।
उनके मार्गदर्शन में संचालित ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ ने न केवल इस बुजुर्ग महिला की भूख मिटाने का संकल्प लिया है, बल्कि उनके जर्जर जीवन को एक नया आधार और सम्मान प्रदान किया है।
अत्यंत जर्जर आवास और कांता दासी का संघर्षपूर्ण एकाकीपन
गाँव रखड़ा ढाहां स्थित कांता दासी के निवास के दृश्य अत्यंत हृदयविदारक है। कांता दासी एक ऐसे मकान में रहने को विवश हैं, जिसे तकनीकी रूप से सुरक्षित नहीं कहा जा सकता। ईंटों की चारदीवारी से बने इस मकान की छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। बारिश के मौसम में पानी को घर के अंदर आने से रोकने के लिए छत पर तिरपाल और प्लास्टिक की पन्नियाँ डाली गई हैं।
दीवारों में ऊपर से नीचे तक गहरी दरारें आ चुकी हैं, जो किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। घर के कमरों और रसोई में पक्के दरवाजे तक नहीं हैं, केवल बोरियों और पल्लियों से पर्दा किया गया है। कांता दासी ने बताया कि वृद्धावस्था के कारण अब उनसे कोई शारीरिक श्रम या मजदूरी संभव नहीं है। परिवार के अन्य सदस्यों की अनुपस्थिति में वे इस असुरक्षित मकान में बिल्कुल अकेली और निस्सहाय होकर रह रही थीं।
संत रामपाल जी महाराज: अभावों में बने एकमात्र विश्वसनीय सहारा
अपनी व्यथा सुनाते हुए कांता दासी भावुक हो गईं और उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस कठिन समय में जब समाज और अपनों ने साथ नहीं दिया, तब केवल संत रामपाल जी महाराज ही उनका सहारा बने। उन्होंने बताया कि उनके घर का संपूर्ण राशन और अन्य आवश्यक वस्तुओं का प्रबंध सीधे महाराज जी के सौजन्य से किया जा रहा है।

कांता दासी ने महाराज जी के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा व्यक्त करते हुए एक भजन भी सुनाया और कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में ऐसा कोई संत नहीं देखा, जो जेल में होने के बावजूद प्रत्येक जरूरतमंद के घर तक राशन पहुँचा रहा हो। उनकी आँखों से छलके आँसू इस बात का प्रमाण थे कि यह सहायता उनके लिए केवल भोजन नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक जीने की एक नई उम्मीद है।
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अन्नपूर्णा मुहिम के तहत व्यापक खाद्य एवं राहत सामग्री का वितरण
संत रामपाल जी महाराज ने कांता दासी को व्यापक राहत सामग्री प्रदान की। सेवादारों ने जानकारी दी कि कांता दासी को लंबे समय से निरंतर सहायता दी जा रही है। चूँकि वे अकेली रहती हैं, इसलिए उनकी आवश्यकतानुसार 15 किलो आटे की विशेष पैकिंग प्रदान की गई है। इसके साथ ही सहायता किट में 5 किलो उच्च गुणवत्ता वाले चावल, 2 किलो चीनी, 1 लीटर सरसों का तेल, मूंग और चने की दाल, नमक, मिर्च, हल्दी, जीरा, चाय पत्ती और अचार जैसे आवश्यक सामान शामिल हैं।
पोषण का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें अमूल ब्रांड का सूखा दूध भी उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त, दैनिक स्वच्छता हेतु नहाने एवं कपड़े धोने का साबुन व डिटर्जेंट पाउडर भी किट का हिस्सा है। सेवादारों ने जोर देकर कहा कि महाराज जी का स्पष्ट आदेश है कि पृथ्वी पर कोई भी भूखा न सोए।
आवास मरम्मत और निरंतर सहायता हेतु ठोस प्रतिबद्धता
राहत सामग्री वितरण के दौरान जब सेवादारों ने मकान की दयनीय स्थिति का सूक्ष्म निरीक्षण किया, तो उन्होंने इसके समाधान हेतु तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया। सेवादार ने बताया कि वे मकान की जर्जर हालत और दीवारों की दरारों की वीडियो रिपोर्ट ट्रस्ट की कमेटी के माध्यम से सीधे संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रेषित करेंगे। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही कांता दासी के घर की मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्य महाराज जी के निर्देशानुसार पूर्ण कराए जाएंगे।
वर्तमान में उन्हें खाना पकाने हेतु गैस सिलेंडर की सुविधा भी निरंतर प्रदान की जा रही है। सेवादारों ने कांता दासी को एक विज़िटिंग कार्ड भी सौंपा, जिसमें आश्रम के संपर्क सूत्र अंकित हैं। नियम के अनुसार, राशन समाप्त होने से दो दिन पूर्व सूचना देने पर नई पैकिंग सीधे उनके घर तक पहुँचा दी जाएगी।
संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत दी गई सामग्री की सूची:
| क्रम | सामग्री | छोटा परिवार (1-3 सदस्य ) |
| 1 | आटा | 15 किलो |
| 2 | चावल | 5 किलो |
| 3 | चीनी | 2 किलो |
| 4 | सरसों तेल | 1 लीटर |
| 5 | चने की दाल | 1 किलो |
| 6 | मूंग दाल | 1 किलो |
| 7 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 8 | जीरा | 150 ग्राम |
| 9 | लाल मिर्च | 100 ग्राम |
| 10 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 11 | कपड़े धोने का साबुन | 1 पैकेट |
| 12 | टाटा नमक | 1 पैकेट |
| 13 | सूखा दूध | 1 किलो |
| 14 | आलू | 5 किलो |
| 15 | प्याज | 5 किलो |
| 16 | अचार | 1 पैकेट |
| 17 | कपड़े धोने का सर्फ | 1 पैकेट |
संत रामपाल जी महाराज के बहुआयामी एवं क्रांतिकारी समाज सुधार कार्य
अन्नपूर्णा मुहिम के अतिरिक्त संत रामपाल जी महाराज के नेतृत्व में समाज कल्याण के अनेक क्रांतिकारी कार्य किए जा रहे हैं। महाराज जी द्वारा पूर्णतः निशुल्क और दहेज मुक्त ‘रमैणी’ विवाह, राष्ट्रव्यापी नशा मुक्ति अभियान और रक्तदान जैसे विशाल सामाजिक सुधार कार्यक्रम संचालित हैं। प्राकृतिक आपदाओं, जैसे बाढ़ या वैश्विक कोरोना महामारी के समय भी महाराज जी ने हजारों लोगों को आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया था।
इसके अतिरिक्त, निर्धन वर्ग के लिए समय-समय पर निशुल्क आई कैंप और दंत चिकित्सा शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। जो बच्चे आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित हैं, उन्हें स्कूल की ड्रेस, जूते, किताबें और स्टेशनरी भी संत रामपाल जी महाराज की ओर से निशुल्क प्रदान की जाती है। इन समस्त प्रयासों का एकमात्र उद्देश्य समाज से पाखंड और बुराइयों को समाप्त कर एक स्वच्छ आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करना है।
अन्नपूर्णा मुहिम: सीमाओं से परे मानवता की सेवा और सतयुगी व्यवस्था का आगाज़
गाँव रखड़ा ढाहां की कांता दासी का प्रसंग यह सिद्ध करता है कि संत रामपाल जी महाराज के सेवा कार्य भौगोलिक और सामाजिक सीमाओं से परे हैं। ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ न केवल निर्धनों की शारीरिक भूख को शांत कर रही है, बल्कि एकाकी जीवन जी रहे बुजुर्गों को यह आत्मिक अहसास भी करा रही है कि वे समाज में अकेले नहीं हैं। संत रामपाल जी महाराज के इन निस्वार्थ प्रयासों ने पंजाब सहित संपूर्ण देश में मानवता की नई परिभाषा अंकित की है।
कांता दासी जैसी बुजुर्ग महिलाओं का आशीर्वाद और उनकी अटूट श्रद्धा इस तथ्य की गवाही देती है कि संत रामपाल जी महाराज वास्तव में आधुनिक युग में एक सतयुगी व्यवस्था स्थापित करने हेतु कृतसंकल्प हैं। मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा संचालित यह निशुल्क सेवा अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए परोपकार की एक महान और कालजयी मिसाल है।

