ओडिशा के कंधमाल जिले के सिरी गांव में एक गरीब परिवार गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट में जीवन यापन कर रहा है। परिवार के मुखिया को दुर्घटना के बाद लकवा मार गया, जिससे वह पूरी तरह काम करने में असमर्थ हो गए। घर की हालत जर्जर है और आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है। कई बार परिवार को भोजन तक के लिए संघर्ष करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के तहत परिवार को एक महीने की राशन सामग्री उपलब्ध कराई गई और भविष्य में भी सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया गया है।
सिरी गांव (कंधमाल, ओडिशा) में राहत सहायता: प्रमुख बिंदु
- परिवार के मुखिया लकवाग्रस्त, आय का मुख्य स्रोत समाप्त
- घर की छत टूटी-फूटी, बरसात में पानी अंदर आता है
- पत्नी अस्थायी मजदूरी करके परिवार चला रही है
- कई बार बच्चों को भूखे सोना पड़ता है
- अन्नपूर्णा मुहिम के तहत एक महीने की राशन सामग्री दी गई
- राशन खत्म होने से पहले सूचना देने हेतु कार्ड उपलब्ध कराया गया
- सहायता परिवार के सक्षम होने तक जारी रखने की बात
पहाड़ी गांव में अत्यंत कठिन हालात में रह रहा परिवार
ओडिशा के पहाड़ी जिले कंधमाल के सिरी गांव में एक गरीब परिवार अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा है। परिवार का घर जर्जर अवस्था में है। छत टिन और एस्बेस्टस की है, जो बरसात में टपकती है और ओलों के दौरान टूट भी जाती है। घर की दीवारों में दरारें हैं और अंदर रहने की व्यवस्था भी बेहद कमज़ोर है।
परिवार के अनुसार, बरसात के मौसम में पानी घर के अंदर आ जाता है, जिससे रहने की स्थिति और भी कठिन हो जाती है। सीमित संसाधनों के कारण घर की मरम्मत भी संभव नहीं हो पा रही है।
दुर्घटना के बाद मुखिया को लकवा, काम करने में असमर्थ

परिवार के मुखिया ने बताया कि वह पहले परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। काम के सिलसिले में बाहर जाने के दौरान एक दुर्घटना हुई, जिसमें सिर पर गंभीर चोट लगने से उनका शरीर छाती से नीचे तक लकवाग्रस्त हो गया।
वर्तमान में वह बिस्तर पर ही हैं और किसी प्रकार का काम करने में सक्षम नहीं हैं। उनकी स्थिति इतनी गंभीर है कि वह स्वयं भोजन भी नहीं कर पाते और पत्नी ही उनकी देखभाल करती है। उन्हें पेशाब की थैली भी लगी हुई है। मुखिया के असमर्थ होने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई।
पत्नी पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी, आय अपर्याप्त
परिवार में चार सदस्य हैं और अब आय का एकमात्र स्रोत मुखिया की पत्नी है। वह समय-समय पर मज़दूरी करने जाती हैं, लेकिन नियमित काम नहीं मिल पाता। बताया गया कि कई बार वह महीने में केवल कुछ दिन ही काम कर पाती हैं।
इतनी कम आय से पूरे परिवार का खर्च चलाना संभव नहीं है। परिवार के अनुसार, कई बार बच्चों को भूखे ही सोना पड़ता है। सरकारी सहायता के रूप में केवल लगभग ₹1000 की पेंशन मिलती है, जो उपचार और अन्य आवश्यक खर्चों में ही समाप्त हो जाती है।
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत राशन सामग्री पहुंचाई गई
परिवार की स्थिति को देखते हुए तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज द्वारा अन्नपूर्णा मुहिम के तहत एक महीने की राशन सामग्री प्रदान की गई। इसमें परिवार के चार सदस्यों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल थीं।

प्रदान की गई सामग्री में शामिल हैं:
- 20 किलो चावल
- चीनी
- आलू और प्याज
- दूध
- चना
- दो-तीन प्रकार की दाल
- तेल
- अचार
- नमक
- साबुन और अन्य उपयोगी वस्तुएं
अनुयायियों के अनुसार, यह सामग्री परिवार का एक महीने तक का खर्च पूरा कर सकती है।
राशन समाप्त होने से पहले सूचना देने के लिए कार्ड

परिवार को एक कार्ड भी दिया गया है, जिसमें संपर्क नंबर लिखे हैं। निर्देश के अनुसार, राशन समाप्त होने से दो दिन पहले परिवार को इन नंबरों पर सूचना देनी होगी, जिसके बाद उन्हें पुनः सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अनुयायियों ने बताया कि यह सहायता केवल एक बार की नहीं है, बल्कि तब तक जारी रहेगी जब तक परिवार अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो जाता।
सहायता की जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई
अनुयायियों के अनुसार, आसपास के लोगों से परिवार की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद यह बात संत रामपाल जी महाराज तक पहुंचाई गई और तत्काल सहायता के निर्देश दिए गए। बताया गया कि इस कार्य के लिए टीम लगभग 230–240 किलोमीटर दूर से पहुंची।
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उन्होंने कहा कि ओडिशा के कई जिलों में इसी प्रकार ज़रूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाई जा रही है।
अन्य समस्याओं के समाधान का भी आश्वासन
परिवार के पास शौचालय नहीं होने की बात भी सामने आई है। इसके लिए भी आगे व्यवस्था कराने की बात कही गई है। साथ ही, मुखिया के उपचार के लिए स्थानीय स्तर पर अस्पताल से संपर्क करने का प्रयास करने की जानकारी दी गई।
परिवार ने जताया आभार
राशन सामग्री मिलने के बाद परिवार के मुखिया ने इसे राहत बताते हुए धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सहायता से परिवार को काफी मदद मिलेगी। परिवार को यह भी बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर भविष्य में भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
ज़रूरतमंदों तक पहुंचने का प्रयास
इस मुहिम के तहत उद्देश्य बताया गया कि कोई भी ज़रूरतमंद व्यक्ति भूखा न रहे और आवश्यक वस्तुएं उन्हें उपलब्ध हो सकें। अनुयायियों के अनुसार, ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें सहायता प्रदान की जा रही है।
कठिन परिस्थितियों में राहत की एक पहल
सिरी गांव का यह परिवार लंबे समय से आर्थिक और सामाजिक संकट का सामना कर रहा है। मुखिया के लकवाग्रस्त होने के बाद आय का स्रोत लगभग समाप्त हो गया और जीवन-यापन कठिन हो गया। ऐसी स्थिति में मिली राशन सहायता से परिवार को तत्काल राहत मिली है।
परिवार को दिया गया कार्ड भविष्य में भी सहायता मिलने के लिए है। पहाड़ी क्षेत्र में स्थित इस गांव में पहुंचकर की गई यह सहायता उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जो सीमित संसाधनों और गंभीर परिस्थितियों में जीवनयापन कर रहे हैं।
अन्नपूर्णा मुहिम: शर्तें, कार्यप्रणाली और उद्देश्य
अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत राहत सामग्री केवल उन ज़रूरतमंद परिवारों को प्रदान की जाती है, जो नशा-मुक्त जीवन जीते हैं तथा मांस अथवा किसी भी प्रकार की अभक्ष वस्तुओं का सेवन नहीं करते। यदि कोई लाभार्थी इन शर्तों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसकी सहायता तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जाती है।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित इस अभियान के तहत पात्र परिवारों को खाद्य सामग्री, गैस सिलेंडर तथा अन्य आवश्यक राहत सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इसके अतिरिक्त, सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत ऐसे बच्चों को भी सहयोग प्रदान किया जाता है, जिनके पास स्कूल ड्रेस, पुस्तकें या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने की आर्थिक क्षमता नहीं होती।
यह मुहिम गांवों और शहरों तक पहुंचते हुए उन परिवारों की वास्तविक परिस्थितियों को सामने ला रही है, जिनके लिए दैनिक जीवन की मूल आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। अभियान के अंतर्गत ऐसे जरूरतमंद परिवारों को निरंतर सहायता उपलब्ध कराई जाती है, ताकि जब तक परिवार में आय का स्थायी स्रोत या कमाने वाला सदस्य उपलब्ध न हो, तब तक उनकी बुनियादी जरूरतें पूरी होती रहें। स्थानीय स्तर पर इस पहल को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और यह सामाजिक चर्चा का विषय भी बन रही है।
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत सहायता प्राप्त करने वाले परिवारों को यह भी बताया जाता है कि यदि राशन सामग्री या गैस सिलेंडर समाप्त होने में लगभग दो दिन शेष हों, तो वे पूर्व सूचना देकर नई व्यवस्था करवा सकते हैं, ताकि किसी प्रकार की कमी न हो। इसके लिए मुनिंद्र धर्मार्थ ट्रस्ट की ओर से संपर्क नंबर 9992800455, 9992600771, 9992600161 और 9992600162 उपलब्ध कराए गए हैं।
अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट www.jagatgururampalji.org तथा YouTube (Sant Rampal Ji Maharaj), Facebook (Spiritual Leader Saint Rampal Ji) और X (Twitter) पर @SaintRampalJiM के माध्यम से जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

