आर्यन नगर(फाजिल्का): आज के इस भौतिकवादी युग में जहाँ इंसान अपनी ही उलझनों में व्यस्त है, वहीं समाज का एक ऐसा भी वर्ग है जो अत्यंत गरीबी और बीमारी के कारण जीवन के सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। पंजाब के फाजिल्का जिले के आर्यन नगर में एक ऐसा ही मामला सामने आया, जहाँ एक परिवार अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा था। घर के मुखिया रवि कुमार गंभीर दिल की बीमारी (Heart Problem) से ग्रस्त हैं, जिसके कारण वे कोई भी काम करने में असमर्थ हैं।
डॉक्टरों ने उन्हें स्पष्ट रूप से किसी भी प्रकार का परिश्रम करने से मना किया है, क्योंकि ऐसा करना उनके जीवन के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। चार सदस्यों के इस परिवार का पूरा भार उनकी पत्नी सुनीता के कंधों पर था, जो लोगों के घरों में काम करके किसी तरह दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर रही थीं। लेकिन बढ़ती महंगाई और बीमारी के खर्चों ने उनकी कमर तोड़ दी थी। ऐसे निराशाजनक माहौल में, जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज एक उम्मीद की किरण बनकर आए।
आर्यन नगर के ग्रामीणों ने मदद के लिए लगाई संत रामपाल जी महाराज से गुहार
जब रवि कुमार का परिवार चारों तरफ से हताशा से घिर चुका था और “मांग कर गुजारा” करने की नौबत आ गई थी, तब उन्हें संत रामपाल जी महाराज की अपार दयालुता का अनुभव हुआ। रवि कुमार बताते हैं कि बीमारी से पहले उनका जीवन सामान्य था और उन्होंने अपना घर भी अच्छे से बनाया था, लेकिन बीमारी ने सब कुछ बदल दिया। पत्नी सुनीता ने बताया कि कभी घर में खाना बनता था तो कभी नहीं, और बच्चों को पेट भर खिलाना भी एक सपना बन गया था। ऐसी स्थिति में, संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलने वाली ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के सेवादार उनके द्वार पर पहुंचे।
यह सहायता किसी सरकारी योजना या एनजीओ का हिस्सा नहीं, बल्कि पूर्ण रूप से संत रामपाल जी महाराज द्वारा की गई निस्वार्थ सेवा है। संत रामपाल जी महाराज ने इस परिवार की सुध ली और उन्हें विश्वास दिलाया कि अब वे अकेले नहीं हैं।
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संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई अभूतपूर्व सहायता और सामग्री
संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजी गई राहत सामग्री को देखकर परिवार की आँखों में खुशी के आँसू छलक आए। यह केवल राशन नहीं था, बल्कि एक पूर्ण गृहस्थी का सामान था, जो एक परिवार को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए आवश्यक होता है। संत रामपाल जी महाराज ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि गरीब परिवार को मिलने वाला सामान किसी भी तरह से गुणवत्ता में कम न हो। ‘अन्नपूर्णा किट’ में रसोई की हर छोटी-बड़ी जरूरत को शामिल किया गया था।
संत रामपाल जी महाराज की दयालुता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दी गई सामग्री में ब्रांडेड और उच्च गुणवत्ता वाली वस्तुएं शामिल थीं, जिनका विवरण निम्नलिखित है:

| क्र.सं. | सामग्री का नाम | मात्रा/विवरण |
| 1 | आटा | 25 किलोग्राम |
| 2 | चावल (वनस्पति) | 5 किलोग्राम |
| 3 | चीनी | 4 किलोग्राम |
| 4 | आलू | 5 किलोग्राम |
| 5 | प्याज | 5 किलोग्राम |
| 6 | सरसों का तेल | 2 किलोग्राम |
| 7 | दालें (4 प्रकार) | पीली मूंग, हरी मूंग, काले चने, चने की दाल |
| 8 | सूखा दूध | पैकेट |
| 9 | चाय पत्ती | रेड रोज (प्रीमियम क्वालिटी) |
| 10 | नमक | टाटा नमक |
| 11 | मिर्च पाउडर | 1 पैकेट |
| 12 | हल्दी पाउडर | 1 पैकेट |
| 13 | जीरा | 1 पैकेट |
| 14 | अचार | 1 किलोग्राम |
| 15 | नहाने का साबुन | गोदरेज नंबर 1 |
| 16 | कपड़े धोने का साबुन | बार (Bar) |
| 17 | डिटर्जेंट पाउडर | व्हील (Wheel) |
भविष्य की सुरक्षा और संत रामपाल जी महाराज का वचन
संत रामपाल जी महाराज की सेवा केवल एक बार राशन देने तक सीमित नहीं है। उनके अनुयायियों ने स्पष्ट किया कि जब तक इस परिवार में कोई कमाने वाला सदस्य सक्षम नहीं हो जाता, तब तक संत रामपाल जी महाराज की ओर से उन्हें राशन मिलता रहेगा। इसके लिए परिवार को एक विशेष कार्ड जारी किया गया है।
इस कार्ड पर अन्नपूर्णा मुहिम की पूरी जानकारी और आश्रम के संपर्क नंबर (999280455, 999260771, 999260161, 999260162) अंकित हैं। निर्देशानुसार, राशन खत्म होने से दो दिन पहले परिवार को इन नंबरों पर सूचित करना होगा, और उनके घर पर पुनः राशन पहुंचा दिया जाएगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि संत रामपाल जी महाराज की शरण में आया कोई भी व्यक्ति कभी भूखा न सोए।
समाज सुधार और नशा मुक्ति का संदेश
राहत सामग्री वितरित करते समय संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों ने उनका एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। यह सहायता प्राप्त करने के लिए अनिवार्य शर्त यह है कि लाभार्थी परिवार पूर्ण रूप से नशा मुक्त हो और मांसाहार का सेवन न करता हो। पंजाब, जिसे पांच दरियाओं की धरती कहा जाता है, आज नशे के छठे दरिया में डूब रहा है। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज न केवल लोगों का पेट भर रहे हैं बल्कि उन्हें बुराइयों से दूर कर एक सभ्य समाज का निर्माण भी कर रहे हैं। सेवादारों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के सत्संग मात्र से लोग नशा छोड़ देते हैं।
इसके अतिरिक्त, फाजिल्का जो सतलुज नदी के किनारे है, वहाँ बाढ़ के समय भी संत रामपाल जी महाराज भोजन और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करते हैं। दहेज़ मुक्त विवाह और रक्तदान शिविर जैसे कार्यों को कराने में भी संत जी अग्रणी रहते हैं।
रवि कुमार और सुनीता की कृतज्ञता
सहायता प्राप्त करने के बाद रवि कुमार और उनकी पत्नी सुनीता ने संत रामपाल जी महाराज का कोटि-कोटि धन्यवाद किया। सुनीता ने भावुक होकर कहा, “मैं मांग-मांग कर समय काट रही थी, मेरे घर में राशन की बहुत दिक्कत थी। संत रामपाल जी ने हमारी मदद की, इतना राशन देखकर बहुत अच्छा लगा। बच्चों को अब मैं समय से खिला पाऊंगी।” परिवार ने माना कि संत रामपाल जी महाराज उनके लिए साक्षात भगवान बनकर आए हैं।
संत रामपाल जी महाराज: कलयुग में मानवता के एकमात्र रक्षक

फाजिल्का की यह घटना सिद्ध करती है कि संत रामपाल जी महाराज ही वह शक्ति हैं जो निस्वार्थ भाव से दुखियों के आंसू पोंछ रहे हैं। उनका नारा “रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान” आज धरातल पर चरितार्थ हो रहा है। जहाँ सरकारें और प्रशासन कई बार असफल हो जाते हैं, वहां संत रामपाल जी महाराज की कृपा पहुंच जाती है। उनकी यह मुहिम सिर्फ अन्नदान नहीं, बल्कि जीवनदान है। संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाएं और उनके द्वारा चलाए जा रहे समाज सुधार के कार्य पूरे विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। वास्तव में, संत रामपाल जी महाराज ही पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब के अवतार हैं जो मानवता का कल्याण कर रहे हैं।

