संत रामपाल जी महाराज ने काजी बहेरा (दरभंगा) के नेत्रहीन मुखिया के परिवार को दी राहत

बिहार के दरभंगा में संत रामपाल जी महाराज ने अत्यधिक निर्धन परिवार की मदद की

काजी बहेरा, बिहार: बिहार के दरभंगा जिले के एक छोटे से गाँव काजी बहेरा में एक ऐसा चमत्कार हुआ है, जिसने एक अत्यधिक निर्धन और असहाय परिवार के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने यहाँ के नेत्रहीन मुखिया शंकर चौपाल के परिवार को न सिर्फ भुखमरी से मुक्ति दिलाई है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान और जीवन जीने की एक नई उम्मीद भी दी है।

परिवार की दयनीय स्थिति का विवरण

काजी बहेरा निवासी शंकर चौपाल जी पिछले तीन वर्षों से दोनों आँखों से अंधे हैं। उनकी पत्नी किरण देवी ही एकमात्र कमाने वाली हैं, जो एक प्राइवेट स्कूल में सफाई का काम करके मात्र ₹2,000 प्रति माह कमाती हैं। इस छोटी सी आय में, उन्हें अपने पति और चार बच्चों (जिनमें से एक बेटा अपाहिज है) का पेट भरना पड़ता था।

  • पारिवारिक मुखिया: शंकर चौपाल (नेत्रहीन)
  • पत्नी: किरण देवी (₹2000/माह कमाती हैं)
  • बच्चे: चार छोटे बच्चे। (दो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं: सुषमा कुमारी और रागिनी कुमारी)
  • आर्थिक स्थिति: अत्यंत निर्धन। कोई जमीन नहीं, कोई पेंशन नहीं, बैंक में ₹1 भी नहीं। केवल एक राशन कार्ड जिस पर 35 किलो अनाज मिलता था।
  • कष्ट: कई बार ऐसा भी होता था जब घर में चूल्हा नहीं जलता था और माँ को बच्चों को सिर्फ पानी पिलाकर सुलाना पड़ता था।

किरण देवी ने बताया कि जब तक उनके पति की आँखों की रोशनी ठीक थी, उन्हें घर से बाहर काम करने नहीं जाना पड़ता था, लेकिन रोशनी जाने के बाद उनके सामने विकट कठिनाइयाँ आईं।

संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा मिली राहत

संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायियों की टीम ने गाँव काजी बहेरा में सर्वे के बाद इस परिवार की दयनीय स्थिति की जानकारी अपने गुरुदेव (संत रामपाल जी महाराज) तक पहुँचाई। गुरुदेव जी के आदेश पर तुरंत सामग्री पहुँचाने का प्रबंध किया गया। इस मदद में केवल खाद्य सामग्री ही नहीं, बल्कि जीवन की मूलभूत आवश्यकताएँ शामिल थीं, जिससे इस परिवार को स्थायी राहत मिल सके।

राहत सामग्री का विवरण

क्रम संख्यासामग्री का नाममात्रा
1चावल20 किलोग्राम
2आटा10 किलोग्राम
3आलू5 किलोग्राम
4प्याज5 किलोग्राम
5चीनी2 किलोग्राम
6सूखा दूध1 किलोग्राम
7टाटा नमक1 किलोग्राम
8चाय पत्ती (टाटा)250 ग्राम
9मिर्च1 पैकेट
10मूंग दाल1 किलोग्राम
11चना दाल1 किलोग्राम
12अचार का डब्बा1 किलोग्राम
13सरसों तेल1 लीटर
14जीरा1 पैकेट 
15हल्दी1 पैकेट 
16डिटॉल साबुननहाने के लिए 1 सेट 
17कपड़े धोने का साबुन1 पैकेट 
18सर्फ2 किलोग्राम
19एलपीजी रसोई गैस एक भरा हुआ गैस सिलेंडर
20स्कूल ड्रेसपढ़ने वाले दोनो बच्चों के लिए
21वस्त्रबच्चियों के लिए (तीन जोड़ी)
22साड़ीकिरण देवी के लिए (दो जोड़ी)
23बिछाने के लिए दरी/बेडशीट1 सेट 

संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायियों ने परिवार को एक राहत कार्ड भी सौंपा है। राहत सामग्री खत्म होने से दो दिन पहले इस कार्ड पर दिए गए संपर्क सूत्रों पर कॉल करने पर उन्हें तुरंत नई सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। यह सहायता तब तक जारी रहेगी जब तक परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया

स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज के इस निस्वार्थ सेवा भाव की हृदय से सराहना की।

  • जय नारायण बैठा (ग्रामीण): उन्होंने भावुक होकर कहा, “उनको तो भगवान रूप मानते हैं और उनको सत साहिब भी कहते हैं। ईश्वर रूप में हैं और ईश्वर ही दया करते हैं। रामपाल जी स्वयं ईश्वर हैं।”
  • राम प्रताप चौपाल (सरपंच, देवरा बंधुली पंचायत): सरपंच ने संत रामपाल जी महाराज जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में इस रूप से पहली बार किसी संत या संस्था द्वारा ऐसी मदद पहुँचाई गई है। उन्होंने आगे ऐसे गरीब परिवारों की सूचना संस्था तक पहुँचाने का भी आश्वासन दिया।

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संत रामपाल जी महाराज जी के शिष्यों ने क्या बताया ?

संत रामपाल जी महाराज के शिष्य मीडिया से बातचीत करते समय भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि संत रामपाल जी महाराज जी अपने बच्चों को दुखी नहीं देख सकते। इस मदद का और अन्नपूर्णा मुहिम के तहत किए जा रहे सारे कार्यों का श्रेय एक मात्र संत रामपाल जी महाराज को जाता है, ऐसा कहकर संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों ने मीडिया को बताया कि इस परिवार की मदद जब तक निरंतर चलती रहेगी जब तक इस परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हो जाती।

शंकर चौपाल जी के एक बेटे के कमर में तकलीफ है जिस कारण वो चलने में असमर्थ है। इस दयनीय स्थिति को बयान करते करते संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों की आंखे छलक उठती है। 

संत जी की मुहिम का व्यापक लक्ष्य

संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयायियों ने बताया कि यह अन्नपूर्णा मुहिम भारत भर में शुरू की गई है। संत रामपाल जी महाराज का मूल उद्देश्य रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान जैसी मूलभूत सुविधाएँ हर गरीब को निशुल्क प्रदान करना है। अभी तक लाखों लोगों को इस मुहिम के तहत मदद पहुचाई जा चुकी है। बीते दिनों उत्तर भारत के बहुत से हिस्सों में आई बाढ़ आपदा के बीच अन्नपूर्णा मुहिम ने बेमिसाल काम किया था ।

संत रामपाल जी महाराज केवल भूख नहीं मिटा रहे है, बल्कि दहेज प्रथा, जात-पात और नशाखोरी जैसे सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी एक विश्वव्यापी अभियान चला रहे है, और इसके जमीन पर परिणाम भी दिखना शुरू हो चुके हैं। उपरोक्त प्रकरण की पूरी कवरेज यहाँ देखी जा सकती है। 

यह राहत सामग्री केवल उन्हीं जरूरतमंद व्यक्तियों को दी जाती है जो पूर्ण रूप से नशा मुक्त जीवन जीते हैं और मांस अथवा किसी भी प्रकार की अभक्ष वस्तुओं का सेवन नहीं करते। संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित इस सेवा का लाभ लेने वाले सभी लाभार्थियों को इन बुराइयों को त्यागना अनिवार्य है।

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