संत रामपाल जी महाराज ने अपनी परोपकारी पहल “अन्नपूर्णा मुहिम” के माध्यम से दिल्ली के मंगोलपुरी में एक ऐसे परिवार को तत्काल और व्यापक सहायता प्रदान की है, जो एक साथ कई बड़ी कठिनाइयों का सामना कर रहा था। संत जी ने यह सिद्ध कर दिया कि जिसका दुनिया में कोई नहीं होता, उसका भगवान होता है।
दुर्घटना, बीमारी और बेसहारापन की मार
मंगोलपुरी का यह परिवार पाँच सदस्यों का है, जिसके मुखिया (पिता) एक महीने पहले एक भयानक दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे और तब से बेड रेस्ट पर थे। परिवार की स्थिति दयनीय थी
- कमाई का संकट: मुखिया ही घर के एकमात्र कमाने वाले थे, और दुर्घटना के बाद परिवार का गुज़ारा कर्ज़ और उधार पर चल रहा था।
- दोहरी चुनौती: परिवार में बेटा और बहू दोनों गूंगे-बहरे हैं, जिस कारण वे भी कोई काम करने में सक्षम नहीं थे।
- इलाज का अभाव: मुखिया के पैर का ऑपरेशन रुका हुआ था क्योंकि डॉक्टर ने ₹55,000 से ₹1 लाख तक की बड़ी राशि की माँग की थी, जो परिवार की पहुँच से बाहर थी।
संत रामपाल जी महाराज ने दिया तत्काल सहारा
परिवार को जब संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम के बारे में पता चला, तो उन्होंने तुरंत सहायता के लिए संपर्क किया। संत जी की दयालुता इतनी कि फोन करने के मात्र 5 से 6 घंटे के भीतर ही सहायता सामग्री पहुँच गई।
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परिवार को मिली व्यापक सहायता:
संत रामपाल जी महाराज के आदेश पर परिवार को एक विशाल राशन किट प्रदान की गई जिसमें जरूरत का हर सामान उपलब्ध था।
दी गई राशन सामग्री की सूची इस प्रकार है:
| क्र.सं. | सामग्री | मात्रा |
| 1 | आटा | 15 किलो |
| 2 | चावल | 5 किलो |
| 3 | चीनी | 2 किलो |
| 4 | सरसों का तेल | 1 लीटर |
| 5 | चना दाल | 1 किलो |
| 6 | हरी मूंग दाल | 1 किलो |
| 7 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 8 | जीरा | 150 ग्राम |
| 9 | लाल मिर्च | 100 ग्राम |
| 10 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 11 | कपड़े धोने का साबुन | 1 किलो |
| 12 | टाटा नमक | 1 किलो |
| 13 | टाटा चाय | 250 ग्राम |
| 14 | मिल्क पाउडर (सूखा दूध) | 1 किलो |
| 15 | आलू | 5 किलो |
| 16 | प्याज | 5 किलो |
| 17 | अचार | ½ किलो |
| 18 | वाशिंग पाउडर | ½ किलो |
| 19 | धनिया पाउडर | 100 ग्राम |
| 20 | बेसन | 0.5 किलो |
| 21 | दलिया | 1 किलो |
इसके अलावा आर्थिक और शैक्षणिक सहायता भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई:
- इलाज के लिए आर्थिक सहायता: मुखिया को पैर के ऑपरेशन की सख्त जरूरत थी। संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत पैर के इलाज के लिए डॉक्टर द्वारा मांगी गई ₹1 लाख तक की पूरी रकम की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया, जिससे परिवार को एक नया जीवन मिला।
- शिक्षा और पोषण: परिवार की छोटी पोती की शिक्षा के लिए भी संत रामपाल जी महाराज ने सहारा दिया। उसके स्कूल की फीस, ड्रेस, जूते और अन्य शिक्षा सामग्री का पूरा खर्च निशुल्क उठाने का आश्वासन दिया गया।
- स्थायी जीवन का आश्वासन: संत रामपाल जी महाराज ने निर्देश दिया कि परिवार को कपड़े, गैस सिलेंडर और अन्य आवश्यक वस्तुओं के साथ तब तक निरंतर सहायता दी जाएगी, जब तक मुखिया ठीक होकर कमाने लायक नहीं हो जाते।
आजीवन सहारे की गारंटी
संत रामपाल जी महाराज ने यह सुनिश्चित किया कि परिवार को कभी दोबारा ऐसी मुश्किलों का सामना न करना पड़े। परिवार को मुनिंदर धर्मार्थ ट्रस्ट का संपर्क कार्ड दिया गया है, जिस पर फोन करके वे राशन या अन्य सहायता सामग्री समाप्त होने से दो दिन पहले बता सकते हैं, जिसके बाद तुरंत नई पैकिंग उनके घर पहुंचा दी जाएगी।
मुखिया ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, “गुरु जी हमारे घर खुद ही आ गए हैं।
मैं बस इतना ही कहूंगा कि आपका इतना हो, इतना हो कि बस हम जैसा कोई भूखा न सोए।” यह सहायता संत रामपाल जी महाराज के इस महान कार्य को सिद्ध करती है कि जिसका कोई नहीं होता, उसका भगवान होता है। संत रामपाल जी महाराज की यह अन्नपूर्णा मुहिम नशामुक्त और मांसाहार मुक्त जीवन जीने वाले परिवारों को ही सहायता प्रदान करती है, ताकि वे एक सम्मानजनक और स्वस्थ जीवन जी सकें।


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