शामली के दरगाहपुर गांव में गरीब परिवार की बदली किस्मत

शामली के दरगाहपुर गांव में गरीब परिवार की बदली किस्मत: संत रामपाल जी महाराज की ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ से मिला सहारा

उत्तर प्रदेश के शामली जिले के दरगाहपुर गांव में, संत रामपाल जी महाराज ने अपनी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के माध्यम से एक असहाय परिवार को भीषण गरीबी और निराशा से बाहर निकाला है। यह परिवार लंबे समय से रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा था।

परिवार की स्थिति: त्रासदी और दुःख का पहाड़

इस परिवार में कुल 6 सदस्य हैं। परिवार के मुखिया उम्र के कारण और पैरों की समस्या की वजह से मेहनत-मजदूरी करने में असमर्थ हैं। परिवार का गुजारा करने वाला एकमात्र सदस्य (भाई) कुछ समय पहले चल बसा, जिसके बाद स्थिति और भी खराब हो गई। उनका मकान कच्चा और टूटा-फूटा था, यहाँ तक कि शौचालय में दरवाजे तक नहीं लगे थे, जो उनकी दयनीय स्थिति को दर्शाता है।

संत रामपाल जी महाराज का तत्काल और स्थायी सहारा

परिवार की इस हालत की जानकारी मिलते ही संत रामपाल जी महाराज के शिष्य वहां पहुंचे। उन्होंने परिवार को संत रामपाल जी महाराज के माध्यम से मुफ्त खाद्य सामग्री (राशन) प्रदान की।

दी गई राशन सामग्री की सूची इस प्रकार है:

क्र.सं.सामग्रीमात्रा
1आटा15 किलो
2चावल5 किलो
3चीनी2 किलो
4सरसों का तेल1 लीटर
5चना दाल1 किलो
6हरी मूंग दाल1 किलो
7हल्दी150 ग्राम
8जीरा150 ग्राम
9लाल मिर्च100 ग्राम
10नहाने का साबुन4 पीस
11कपड़े धोने का साबुन1 किलो
12टाटा नमक1 किलो
13टाटा चाय250 ग्राम
14मिल्क पाउडर (सूखा दूध)1 किलो
15आलू5 किलो
16प्याज5 किलो
17अचार½  किलो
18वाशिंग पाउडर½ किलो
19धनिया पाउडर100 ग्राम
20बेसन0.5 किलो
21दलिया1 किलो

सिर्फ एक बार की मदद नहीं, बल्कि भविष्य की पूरी ज़िम्मेदारी

संत रामपाल जी महाराज की यह सहायता केवल एक बार की नहीं है। शिष्यों ने बताया कि यह राशन उन्हें आजीवन मुफ्त मिलता रहेगा, जब तक परिवार का कोई सदस्य कमाने योग्य न हो जाए। इसके साथ ही, जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं, उनकी ड्रेस, किताबें और अन्य सामग्री भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

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परिवार को एक ‘संपर्क कार्ड’ भी दिया गया है जिसमें आश्रम के नंबर लिखे हैं। राशन खत्म होने से दो दिन पहले एक कॉल करने पर नया स्टॉक सीधे उनके घर पहुँचा दिया जाएगा।

नशा-मुक्ति और शाकाहार का संदेश

‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत सहायता प्राप्त करने के लिए एक अनिवार्य शर्त है कि लाभार्थी नशा-मुक्त जीवन जिए और मांस का सेवन न करे। यदि कोई नशा करता है, तो उसे मदद प्राप्त करने से पहले इन बुराइयों को त्यागना होगा। यह मुहिम न केवल पेट भरती है, बल्कि समाज को नैतिक रूप से भी सुधारती है।

पड़ोसियों और ग्रामीणों की भावनाएं

गांव के लोगों और पड़ोसियों ने संत रामपाल जी महाराज का दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि परिवार का मुखिया खोने के बाद यह परिवार बदहाली की ओर बढ़ रहा था, लेकिन संत जी ने इनका हाथ थाम लिया। यह कार्य साबित करता है कि सच्चा संत वही है जो समाज की कुरीतियों को मिटाने के साथ-साथ गरीबों के आंसू पोंछने का काम भी करे।

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