हरियाणा के एचरा खुर्द गांव में रहने वाला एक अत्यंत जरूरतमंद परिवार उस समय चर्चा में आया, जब बीमारी और आर्थिक तंगी ने उनके जीवन को पूरी तरह घेर लिया। परिवार में एक बुजुर्ग मां, उनकी बीमार बेटी और दो नातिनें हैं। वर्षों से बीमारी से जूझ रही बेटी की स्थिति ने पूरे परिवार की खुशियां छीन ली हैं। आमदनी का कोई स्थायी साधन न होने के कारण रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतें भी बड़ी चुनौती बन गई थीं। ऐसे समय में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने अपनी अन्नपूर्णा मुहिम के तहत परिवार तक राहत सामग्री उपलब्ध कराई, जिससे परिवार को फिर से जीने की उम्मीद मिली।
अन्नपूर्णा मुहिम: एचरा खुर्द गांव परिवार के प्रमुख बिंदु
- स्थान: गांव एचरा खुर्द, हरियाणा
- लाभार्थी परिवार: बुजुर्ग मां, एक बीमार बेटी और दो नातिनें
- पारिवारिक स्थिति: बीमारी व आर्थिक तंगी से ग्रस्त
- आजीविका: कोई स्थायी आय स्रोत नहीं
परिवार की वास्तविक स्थिति
परिवार जिस घर में रहता है, उसकी स्थिति बेहद जर्जर है। घर में केवल एक कमरा और बाहर एक छोटा सा बरामदा है। छत लकड़ी की बनी हुई है, जिस पर बारिश के दौरान पानी टपकने के निशान साफ दिखाई देते हैं। फर्श कच्ची मिट्टी का है और घर में शौचालय की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। रसोई भी बरामदे में ही अस्थायी रूप से बनाई गई है।
परिवार की बेटी पिछले दो वर्षों से गंभीर बीमारी से पीड़ित है। इलाज के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हो गई। बीमारी के चलते बेटी काम करने में असमर्थ है, जिसके कारण उसकी पढ़ाई कर रही बेटी को भी पढ़ाई छोड़कर घर पर रहना पड़ा, ताकि वह मां और नानी का सहारा बन सके।
अन्नपूर्णा मुहिम के तहत दी गई राहत सामग्री
संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार सेवादारों द्वारा परिवार को अन्नपूर्णा मुहिम की राहत किट सौंपी गई, ताकि रसोई की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी हो सकें।
राहत किट में शामिल सामग्री:
| सामग्री | मात्रा |
| गेहूं का आटा | 20 किलो |
| चावल | 5 किलो |
| चीनी | 2 किलो |
| चना दाल | 1 किलो |
| मूंग दाल | 1 किलो |
| प्याज़ | 5 किलो |
| आलू | 5 किलो |
| सरसों का तेल | 1 लीटर |
| दूध पाउडर | 1 किलो |
| अचार | 1 पैकेट |
| टाटा नमक | 1 किलो |
| चाय | 1 पैक |
| हल्दी, जीरा, लाल मिर्च | निर्धारित मात्रा |
| कपड़े धोने का साबुन | 1 |
| नहाने का साबुन | 1 |
सेवादारों ने स्पष्ट किया कि यह सहायता पूरी तरह निशुल्क है और इसके लिए न तो कोई पर्ची काटी जाती है और न ही किसी प्रकार का दान लिया जाता है।
सेवादारों का पक्ष और आगे की सहायता
सेवादारों ने बताया कि अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत परिवार को केवल राशन ही नहीं, बल्कि रोटी, कपड़ा और आवश्यकता पड़ने पर अन्य मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। यदि बच्चे स्कूल जाना चाहें, तो उनके लिए कॉपी-किताबें, ड्रेस और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से उपलब्ध कराई जाती है।
परिवार को एक संपर्क कार्ड भी दिया गया है। यदि राशन समाप्त होने में दो-तीन दिन शेष हों, तो परिवार पहले से संपर्क कर सकता है, ताकि समय पर नई सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
पानी की समस्या का समाधान
परिवार ने पानी की समस्या की जानकारी भी सेवादारों को दी। इसके बाद संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार अन्नपूर्णा मुहिम के तहत परिवार के लिए पानी की मोटर उपलब्ध कराई गई और पाइप फिटिंग भी करवाई गई, जिससे उनकी यह बड़ी समस्या दूर हो सकी।
परिवार और पड़ोसियों की प्रतिक्रिया
परिवार की बुजुर्ग मां ने भावुक होकर बताया कि इस सहायता से उन्हें बहुत बड़ा सहारा मिला है। उन्होंने कहा कि इस संकट के समय संत रामपाल जी महाराज उनके लिए परिवार की तरह खड़े हुए हैं।
पड़ोस की महिलाओं और ग्रामीणों ने भी इस सहायता की सराहना की। उनका कहना था कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नहीं देखा कि कोई संत बिना किसी स्वार्थ के गरीब परिवारों की इतनी गहराई से मदद करे। गांव में इस पहल को लेकर सकारात्मक चर्चा है।
अन्नपूर्णा मुहिम से जुड़ी आवश्यक शर्तें
अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत राहत सामग्री केवल उन्हीं जरूरतमंद परिवारों को दी जाती है, जो पूर्ण रूप से नशा-मुक्त जीवन जीते हैं और मांस अथवा किसी भी प्रकार की अभक्ष वस्तुओं का सेवन नहीं करते। यदि कोई लाभार्थी इन शर्तों का उल्लंघन करता है, तो उसकी सहायता तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जाती है।
निरंतर सहायता और संपर्क व्यवस्था
अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत सहायता प्राप्त करने वाले सभी परिवारों से अनुरोध किया जाता है कि खाद्य सामग्री या गैस सिलेंडर समाप्त होने से दो दिन पूर्व संपर्क करें, ताकि नई पैकिंग समय पर भेजी जा सके। यह मुहिम जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंद, असहाय और गरीब परिवारों को तब तक निरंतर सहयोग देना है, जब तक वे आत्मनिर्भर स्थिति में नहीं पहुंच जाते।


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