अन्नपूर्णा मुहिम: संत रामपाल जी महाराज द्वारा बिचपड़ी गांव में गरीब, असहाय और भूखे परिवारों को मदद

अन्नपूर्णा मुहिम: संत रामपाल जी महाराज द्वारा बिचपड़ी गांव में गरीब, असहाय और भूखे परिवारों को मदद

बिचपड़ी, सोनीपत: हमारे आसपास हर दिन ऐसे दृश्य दिखाई देते हैं जहां भूखे बच्चे, लाचार माताएँ और बेघर परिवार जिंदगी की बुनियादी ज़रूरतों से जूझते नज़र आते हैं। अनगिनत लोग कूड़ेदानों से भोजन ढूंढ़ते हैं, तन पर कपड़ा नहीं, सिर पर छत नहीं। बीमारी, असहायता और निर्धनता ने उनकी जिंदगी को संघर्ष की कहानी बना दिया है। यह दर्द हर दिन हमारे सामने होता है, लेकिन हम अक्सर इसे अनदेखा कर देते हैं।

इन्हीं पीड़ित परिवारों के जीवन में आशा की किरण बनकर संत रामपाल जी महाराज ने “अन्नपूर्णा मुहिम” की शुरुआत की है। इस मुहिम के तहत जरूरतमंद परिवारों को राशन, गैस सिलेंडर, कपड़े, किताबें और अन्य आवश्यक सामग्री पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। भूख, जो सिर्फ पेट की आग नहीं बल्कि इज्जत और जीवन की भूख है, उसे मिटाने का बीड़ा संत रामपाल जी महाराज ने उठाया है।

इंसानियत की सच्ची मिसाल है यह अन्नपूर्णा मुहिम। लगभग सभी धर्मों में भोजन खिलाना पुण्य और सबाब का काम माना जाता है। संत रामपाल जी महाराज ने सबसे पहले लोगों के दर्द को समझा, उनकी समस्याओं को सुना और फिर समाधान के लिए एक विशाल अभियान शुरू किया। उनके आदेश और निर्देशन में उनके अनुयायी बड़े स्तर पर सेवा भाव से गांव-गांव जाकर जरूरतमंदों तक सामग्री पहुंचा रहे हैं।

राहत सामग्री का बड़ा वितरण अभियान

अन्नपूर्णा मुहिम के तहत संत रामपाल जी महाराज नियमित रूप से आटे, चावल, दालें, तेल, आलू, प्याज, नमक, चीनी, मसाले, साबुन, कपड़े धोने का सामान, चाय, दूध, और अन्य दैनिक आवश्यक वस्तुएं वितरित कराते हैं। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा सामग्री जैसे- 

  • स्कूल बैग
  • किताबें
  • कॉपी
  • यूनिफॉर्म
  • जूते व जुराबें

भी मुफ्त दी जाती हैं, ताकि कोई बच्चा आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई से वंचित न हो।

बहुत से परिवार ऐसे हैं जिनके पास कमाने वाला कोई नहीं, कुछ परिवारों में केवल दादी या असहाय महिलाएँ बच्चों का सहारा बने हुए हैं। इनकी आय न के बराबर है और सरकारी मदद भी कई बार नहीं मिल पाती। ऐसे परिवारों को यह राहत सामग्री बड़ी मदद प्रदान करती है। 

निरंतर सहायता का वादा

यह मुहिम केवल एक बार की मदद नहीं है। संत रामपाल जी महाराज ने हर परिवार को आश्रम का विशेष संपर्क नंबर और “संत राम कार्ड” प्रदान किया है। जैसे ही उनका राशन खत्म होने वाला होगा, दो दिन पहले सूचना देने पर नया राशन पैकेट तुरंत भेज दिया जाएगा। जब तक परिवार में कोई कमाने वाला नहीं हो जाता, तब तक यह सहायता जारी रहेगी। रसोई के सामान के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों को गैस सिलेंडर भी मुहैया कराया जाता है। कई परिवार जो चूल्हे पर खाना बनाते थे, अब गैस सिलेंडर की सुविधा से सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से भोजन पका पा रहे हैं।

हरियाणा की अंगूरी जी ने पाया अन्नपूर्णा मुहिम का लाभ!

जिन गरीब परिवारों को अन्नपूर्णा मुहिम के तहत मदद की गई उनमें से एक है भारत के हरियाणा राज्य के सोनीपत जिले के बिचपड़ी गांव की अंगूरी देवी। वे अपने अनाथ पोते-पोतियों की देखभाल कर रही हैं। परिवार में कमाने वाला कोई नहीं है और उन्हें सरकारी सहायता भी नियमित रूप से नहीं मिलती। वे प्रशासन के समक्ष गुहार लगाकर थक गईं। उन्होंने बताया कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई राहत सामग्री उनके परिवार के लिए बहुत बड़ी मदद है। उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के प्रति आभार और विश्वास व्यक्त किया।

हरियाणा के एक गरीब और असहाय परिवार से जुड़ी अंगूरी जी उन सैकड़ों लाभार्थियों में शामिल हैं जिन्हें संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम का सीधा लाभ मिला है। आर्थिक तंगी, कमाने वाले सदस्य की कमी और परिवार में छोटे बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच अंगूरी जी के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना बेहद कठिन हो चुका था। ऐसे में संत रामपाल जी महाराज के सेवादार उनके घर तक पहुंचे और आटा, चावल, दालें, तेल, सब्जियाँ, नमक, चीनी, मसाले, साबुन, दूध, चाय, तथा अन्य अनेक आवश्यक वस्तुओं से भरा पूर्ण राशन पैकट उन्हें निशुल्क प्रदान किया। इसके साथ ही परिवार के बच्चों के लिए स्कूल बैग, किताबें, कॉपी, जूते, जुराबें और यूनिफॉर्म भी दी गईं।

यह भी पढ़ें: संत रामपाल जी महाराज कानपुर के नेत्रहीन वासुदेव और उसके परिवार के लिए मसीहा बनकर उभरे 

निम्न और वस्तुएँ अन्नपूर्णा मुहिम के तहत अंगूरी देवी को प्रदान की गईं 

Annapurna Muhim: राशन सामग्री 

क्रम (No.)सामग्री (Item)मात्रा (Quantity)
1आटा (गेहूँ का आटा)15 किलोग्राम
2चावल5 किलोग्राम
3आलू5 किलोग्राम
4प्याज़5 किलोग्राम
5सरसों का तेल1 लीटर
6चना दाल1 किलोग्राम
7मूंग दाल1 किलोग्राम
8चीनी2 किलोग्राम
9टाटा नमक1 पैकेट
10हल्दी पाउडर1 पैकेट
11लाल मिर्च पाउडर1 पैकेट
12जीरा1 पैकेट
13अचार2 पैकेट
14नहाने का साबुन4 पीस
15कपड़े धोने का साबुन1 पैकेट
16डिटर्जेंट (सर्फ)1 पैकेट
17चायपत्ती (चाय)1 पैकेट
18दूध1 पैकेट

Annapurna Muhim: बच्चों की शिक्षा सामग्री

क्रम (No.)सामग्री (Item)मात्रा (Quantity)
1स्कूल बैग1
2किताबेंआवश्यकतानुसार पूरा सेट
3कॉपियाँ (नोटबुक)आवश्यकतानुसार
4स्कूल ड्रेस (वर्दी)1 सेट
5जूते (स्कूल शूज़)1 जोड़ी
6जुराबें (मोजे)1 जोड़ी

संत रामपाल जी महाराज द्वारा गैस सिलेंडर भी उपलब्ध कराया जाएगा। संत रामपाल जी महाराज का एक कार्ड जिसमें आश्रम के सभी नम्बर हैं जिन पर राशन खत्म होने के एक दो दिन पहले ही फोन करने पर पुनः सामग्री आ जाएगी।

पड़ोसियों की प्रतिक्रिया

गाँव बिछड़ी के लोगों ने संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम और अनुयायियों द्वारा अंगूरी के परिवार तक पहुंचाई गई मुफ्त राहत सामग्री के लिए गहरा आभार व प्रशंसा व्यक्त की है। वे बताते हैं कि:

  • राहत सामग्री (आटा, चावल, आलू-प्याज, तेल, दालें, साबुन, बच्चों के बैग/कपड़े/किताबें आदि) बिना किसी शुल्क के दी गई।
  • ग्रामीणों का मानना है कि यह लगातार सहायता रहेगी — आश्रम ने राशन खत्म होने से 2 दिन पहले फोन करने पर अगला पैकेट भेजने की व्यवस्था बताई है।
  • कई लोग संत रामपाल जी महाराज को मसीहा/परमात्मा तक कहकर सम्मान दे रहे हैं क्योंकि उनका ध्यान सबसे अधिक जरूरतमंदों पर गया।

संत रामपाल जी महाराज जी की समाज कल्याण की अन्य योजनाएँ

अन्नपूर्णा मुहिम के अलावा संत रामपाल जी महाराज कई और समाज कल्याणकारी अभियानों का संचालन करते हैं,

  • नशा मुक्ति अभियान
  • दहेज रहित देश-मुक्त विवाह
  • नेत्र जांच शिविर
  • रक्तदान शिविर
  • बाढ़ राहत सामग्री वितरण
  • शिक्षा को बढ़ावा

वे किसी भी आपात स्थिति, चाहे वह बाढ़ हो, बीमारी हो या सामाजिक समस्या, में तुरंत राहत पहुंचाने के लिए तैयार रहते हैं।

जरूरतमंदों के लिए जीवनरेखा

लोग संत रामपाल जी महाराज को “भगवान का स्वरूप” कहकर संबोधित करते हैं, क्योंकि उनके लिए यह मदद किसी चमत्कार से कम नहीं। इंसानियत, करुणा और सेवा का इतना बड़ा उदाहरण आज शायद ही कहीं मिलता है।

हजारों परिवारों को वह नया जीवन दे रहे हैं, राशन, शिक्षा और जरूरी सुविधाएँ लगातार उपलब्ध कराकर। एसए न्यूज़ की टीम ने इस मुहिम का ग्राउंड कवरेज किया और पाया कि वास्तव में किसी भी जरूरतमंद से एक रुपया तक नहीं लिया जाता। यह सेवा पूरी तरह नि:स्वार्थ और निःशुल्क है। 

संत रामपाल जी महाराज की स्थाई सहायता योजना

संत रामपाल जी महाराज द्वारा चल रही इस निरंतर सेवा में

  • निःशुल्क खाद्य सामग्री
  • गैस सिलेंडर
  • शिक्षा सामग्री
  • कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं

लगातार उपलब्ध कराई जाती हैं। जरूरतमंदों से अनुरोध किया जाता है कि सामान खत्म होने से दो दिन पहले दिए गए नंबरों पर फोन कर दें ताकि नया सामान तुरंत भेजा जा सके।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *