पलगी (छत्तीसगढ़): जीवन के सफर में जब इंसान बिल्कुल अकेला पड़ जाता है और गरीबी उसे चारों तरफ से घेर लेती है, तब परमात्मा ही उसका एकमात्र सहारा बनते हैं। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम पलगी में एक ऐसा ही हृदयविदारक मामला सामने आया, जहाँ संत रामपाल जी महाराज ने एक बेसहारा और बुजुर्ग माता जी की सुध ली। संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही ऐतिहासिक ‘अन्नपूर्णा मुहिम‘ ने इस बुजुर्ग माता जी के अंधेरे जीवन को रोशन कर दिया है।
एक अकेली जान और संघर्षों का पहाड़
यह व्यथा ग्राम पलगी की रहने वाली किस्मतिया जी की है। किस्मतिया जी का जीवन अत्यंत कष्टदायी और संघर्षपूर्ण रहा है। इस भरी दुनिया में उनका अपना कोई नहीं है न सिर पर पति का साया है और न ही बुढ़ापे का सहारा बनने वाली कोई संतान। नियति की मार देखिए कि माता जी का एक हाथ लकवाग्रस्त है, जो काम नहीं करता।
यह पूछने पर की वे अपना जीवन निर्वाह किस प्रकार करतीं हैं उन्होंने अपने ये, दिल को झकझोर देने वाली व्यथा, सिसक सिसक कर बतायी। पेट की आग बुझाने के लिए यह बुजुर्ग माता जी खेतों में जाती हैं और किसानों द्वारा फसल कटाई के बाद छोड़े गए गेहूं के दानों को एक हाथ से बीनकर इकठ्ठा करती हैं। उन्होंने बताया कि कई बार खेतों में जानवर उन्हें मारने दौड़ते हैं, लेकिन पेट की भूख उन्हें वहां जाने पर मजबूर करती है।
एक हाथ लकवाग्रस्त होने के कारण, जब माताजी को लकड़ी लाने अथवा वस्त्र धोने की आवश्यकता होती है, तो वे एक हाथ और अपने पैरों के सहारे से लकड़ी में रस्सी बांधकर और वस्त्रों की धुलाई करती हैं। उनका घर जर्जर हो चुका है, छत टूटी हुई है और बारिश का पानी दीवारों से रिसता है। माता जी ने भावुक होकर बताया कि उन्हें रातों को नींद नहीं आती थी, बस यही चिंता सताती थी कि कल का दिन कैसे कटेगा। उन्हें सरकारी राशन की भी कोई सुविधा नहीं मिल पा रही थी।
संत रामपाल जी महाराज ने भेजी ‘राहत की सौगात’
जैसे ही इस माता जी की दयनीय स्थिति की जानकारी संत रामपाल जी महाराज तक पहुँची, उन्होंने तत्काल प्रभाव से माता जी को आजीवन गोद लेने का निर्णय लिया। संत रामपाल जी महाराज का संकल्प है
“रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान।”
संत रामपाल जी महाराज ने न केवल राशन भिजवाया बल्कि माता जी के सोने, बैठने और पानी भरने तक की व्यवस्था की।
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दी गई राशन सामग्री की सूची इस प्रकार है:
| क्र.सं. | सामग्री | मात्रा |
| 1 | आटा | 15 किलो |
| 2 | चावल | 5 किलो |
| 3 | चीनी | 2 किलो |
| 4 | सरसों का तेल | 1 लीटर |
| 5 | चना दाल | 1 किलो |
| 6 | हरी मूंग दाल | 1 किलो |
| 7 | हल्दी | 150 ग्राम |
| 8 | जीरा | 150 ग्राम |
| 9 | लाल मिर्च | 100 ग्राम |
| 10 | नहाने का साबुन | 4 पीस |
| 11 | कपड़े धोने का साबुन | 1 किलो |
| 12 | टाटा नमक | 1 किलो |
| 13 | टाटा चाय | 250 ग्राम |
| 14 | मिल्क पाउडर (सूखा दूध) | 1 किलो |
| 15 | आलू | 5 किलो |
| 16 | प्याज | 5 किलो |
| 17 | अचार | ½ किलो |
| 18 | वाशिंग पाउडर | ½ किलो |
| 19 | धनिया पाउडर | 100 ग्राम |
| 20 | बेसन | 0.5 किलो |
| 21 | दलिया | 1 किलो |
अन्य महत्त्वपूर्ण सहायता की सूची:
| क्र.सं. | सामग्री | विवरण |
| 1 | सोने की व्यवस्था | एक मजबूत निवार वाली खाट (चारपाई), गद्दा, तकिया, बेडशीट और मच्छरदानी। |
| 2 | रसोई और पानी | पानी स्टोर करने के लिए बड़ा नीला ड्रम, बाल्टी, मग्गा, तवा, बेलना-चौकी, छलनी। |
| 3 | स्वच्छता सामग्री | नहाने का साबुन, कपड़े धोने का सर्फ और साबुन। |
| 4 | मरम्मत | घर को बारिश से बचाने के लिए बड़ा तिरपाल। |
ग्रामीणों ने माना यह ईश्वरीय कार्य है
किस्मतिया जी के घर पर जब संत रामपाल जी महाराज की ओर से यह राहत सामग्री पहुँची, तो पूरा गाँव चकित रह गया। गाँव के वरिष्ठ नागरिकों और पड़ोसियों ने संत रामपाल जी महाराज के इस कार्य की भूरी-भूरी प्रशंसा की। एक पड़ोसी महिला ने कहा, “गरीबी बहुत निर्लज्ज होती है, यह किसी की लाचारी नहीं देखती। ऐसे समय में संत रामपाल जी महाराज भगवान के रूप में आए हैं।”
गाँव के बुजुर्गों ने कहा कि जहाँ कोई प्रशासन या रिश्तेदार नहीं पहुँचा, वहाँ संत रामपाल जी महाराज ने पहुँचकर यह साबित कर दिया कि वे ही सच्चे समाज सुधारक और गरीबों के मसीहा हैं। आजीवन सहायता का वचन संत रामपाल जी महाराज ने केवल एक बार सहायता देकर अपने कर्तव्य की इतिश्री नहीं की, बल्कि उन्होंने माता जी को ‘आजीवन’ भरण-पोषण का वचन दिया है।
संत रामपाल जी महाराज की ओर से उन्हें एक संपर्क कार्ड दिया गया है, जिस पर कॉल करने से राशन खत्म होने से दो दिन पहले ही सामग्री उनके घर पहुँचा दी जाएगी। इस सहायता के बदले संत रामपाल जी महाराज ने माता जी को केवल बुराइयों से दूर रहने का संकल्प दिलाया है। शर्त यह है कि उन्हें मांस-मदिरा और किसी भी प्रकार के नशे से पूर्णतः दूर रहना होगा और सात्विक जीवन जीना होगा।
जेल से भी समाज कल्याण की धारा बहा रहे संत रामपाल जी
आज जहाँ समाज में लोग अपने सगे-संबंधियों को भूल जाते हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज जेल में रहते हुए भी समाज के हर वंचित वर्ग की चिंता कर रहे हैं। किस्मतिया जी के चेहरे पर लौटी मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि संत रामपाल जी महाराज मानवता के सच्चे रक्षक हैं।
भले ही संत रामपाल जी महाराज वर्तमान में जेल में हैं, लेकिन उनकी आध्यात्मिक शक्ति और प्रेरणा से समाज सुधार के कार्य निरंतर जारी हैं। वे जेल में रहते हुए भी लाखों परिवारों का भरण-पोषण कर रहे हैं। नशा मुक्ति हो, दहेज रहित विवाह हो या गरीबों की सहायता, संत रामपाल जी महाराज हर मोर्चे पर समाज को एक नई दिशा दे रहे हैं।


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