सफीदों अनाथ पोतियों और उनकी दादी को संत रामपाल जी महाराज ने दिया सहारा

सफीदों (जींद): माता-पिता के साये से महरूम तीन बच्चियां और उनकी दादी के लिए ढाल बने ‘संत रामपाल जी महाराज’ | अन्नपूर्णा मुहिम 

सफीदों (जींद), हरियाणा: हरियाणा के जींद जिले के सफीदों शहर में एक दिल को झकझोर देने वाली कहानी सामने आई है। यहाँ भागवती देवी नामक एक बुजुर्ग महिला अपनी तीन अनाथ पोतियों के पालन-पोषण के लिए बुढ़ापे में कड़ा संघर्ष कर रही थीं। बच्चियों के माता-पिता का देहांत हो चुका है और घर में कमाने वाला कोई पुरुष नहीं है। सरकारी मदद नाकाफी थी और घर की छत भी जर्जर हालत में थी। ऐसे कठिन समय में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने इस परिवार की सुध ली और अपनी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के तहत इनकी ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर उठाई।

​परिवार की दयनीय स्थिति का विवरण

​भागवती देवी और उनकी तीन पोतियों का जीवन अभावों में गुजर रहा था:

  • परिवार की मुखिया: भागवती देवी (दादी)।
  • बच्चे: तीन छोटी पोतियां (अनाथ)। इनके पिता का देहांत दो साल पहले और माता का तीन साल पहले हो चुका है।
  • आर्थिक स्थिति: घर में आय का एकमात्र साधन दादी की ₹3,000 वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड पर मिलने वाला थोड़ा सा अनाज था।
  • आवास की समस्या: घर की छत की कड़ियां टूटी हुई हैं। बारिश में छत टपकती है और मकान गिरने का डर बना रहता है।
  • शिक्षा का संकट: गरीबी के कारण बच्चियों की पढ़ाई और स्कूल ड्रेस का खर्च उठाना दादी के लिए मुश्किल हो रहा था।

​संत रामपाल जी महाराज द्वारा मिली राहत

जब इस परिवार की दयनीय स्थिति की सूचना संत रामपाल जी महाराज के संज्ञान में आई, तो उन्होंने तुरंत इस परिवार को ‘गोद लेने’ का निर्णय लिया। संत रामपाल जी महाराज का संकल्प है, “रोटी, कपड़ा, चिकित्सा, शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान।”

इसी संकल्प को पूरा करने के लिए संत रामपाल जी महाराज ने इन बच्चियों और दादी के घर राशन का पूरा भंडार भिजवाया।

​राहत सामग्री का विवरण

​संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों द्वारा प्रदान की गई सामग्री की सूची निम्न प्रकार है:

क्रम संख्यासामग्री का नाममात्रा/विवरण
1आटा20 किलोग्राम
2चावल (बासमती)5 किलोग्राम
3आलू5 किलोग्राम
4प्याज़ 5 किलोग्राम
5चीनी2 किलोग्राम
6दालें (चना और मूंग)1-1 किलोग्राम
7सूखा दूध (अमूल)1 डिब्बा
8सरसों तेल1 लीटर
9चाय पत्ती (टाटा अग्नि)1 पैकेट
10नमक (टाटा)1 पैकेट
11मसाले (हल्दी, जीरा, मिर्च)आवश्यकतानुसार 
12आचार500 ग्राम
13स्वच्छता किटनहाने का साबुन (4), कपड़े धोने का साबुन, सर्फ
14शिक्षा सहायतास्कूल जाने वाली बच्ची के लिए 2 जोड़ी ड्रेस और जूते

लाभार्थियों और पड़ोसियों की प्रतिक्रिया

​भागवती देवी (दादी):

“बेटे-बहू के जाने के बाद मैं बेसहारा थी। बच्चियां छोटी हैं, मैं कहाँ जाऊं कमाने? संत रामपाल जी महाराज ने जो राशन भेजा है, उससे अब हम पेट भर रोटी खा सकेंगे। यह बहुत बड़ा सहारा है।”

​पड़ोसी:

“आज तक किसी साधु-संत को ऐसे घर-घर जाकर मदद करते नहीं देखा। यह पहली बार है जब कोई बिना मांगे इतनी बड़ी सहायता लेकर आया है। यह गरीब के लिए भगवान के आने जैसा है।”

सेवादार:

“गुरुजी का आदेश है कि जब तक यह बच्चियां बड़ी नहीं हो जातीं और परिवार आत्मनिर्भर नहीं होता, तब तक राशन, कपड़े और शिक्षा की मदद जारी रहेगी। माताजी को कार्ड दिया गया है, राशन खत्म होने से दो दिन पहले फोन करने पर सामान घर पहुँच जाएगा। टूटी छत की मरम्मत के लिए भी गुरुजी से प्रार्थना की जाएगी।”

​विशेष सूचना एवं नियम

​इस सेवा का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

  1. नशा मुक्ति: लाभार्थी परिवार को पूर्ण रूप से नशा मुक्त जीवन जीना होगा।
  2. सात्विक आहार: मांस, अंडा या किसी भी प्रकार का मांसाहार पूरी तरह वर्जित है।
  3. चेतावनी: यदि सहायता प्राप्त करने के बाद कोई व्यक्ति नशा या मांसाहार करता पाया गया, तो उसकी मदद तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।

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