रोहतक जिले के गांव सुनारिया खुर्द में एक अत्यंत गरीब और असहाय परिवार की सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज ने आवश्यक खाद्य सामग्री और घरेलू उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध कराईं। यह परिवार, जिसमें एक माता जी राजमति और दो मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे शामिल हैं, लंबे समय से आर्थिक, सामाजिक और भावनात्मक संघर्षों से जूझ रहा था। ऐसे समय में मिली यह सहायता उनके लिए जीवन-सहारा साबित हुई और समाज के सामने सच्ची मानवता और करुणा का अद्वितीय उदाहरण बनी।
गांव में पहुंचकर शिष्यों ने स्वयं परिवार की वास्तविक स्थिति का आकलन किया और केवल तत्कालिक राहत ही नहीं, बल्कि आगे भी निरंतर सहायता जारी रखने का आश्वासन दिया। संत रामपाल जी महाराज द्वारा चल रही अन्नपूर्णा मुहिम का उद्देश्य यही है कि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए और हर जरूरतमंद को जीवन-निर्वाह के लिए आवश्यक साधन सम्मानपूर्वक उपलब्ध हो सकें।
कमजोर आर्थिक स्थिति में जूझता परिवार, पड़ोसियों ने बताई व्यथा
सहायता के दौरान गांव के एक पड़ोसी ने परिवार की स्थिति का वर्णन करते हुए बताया कि दोनों बेटे मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण श्रम या किसी प्रकार का रोजगार करने में सक्षम नहीं हैं। परिवार का जीवन लगातार अभाव, असुरक्षा और अनिश्चितता के बीच बीत रहा है। कई बार गांव के लोग सहानुभूति के चलते भोजन उपलब्ध करा देते हैं, लेकिन नियमित आय का कोई साधन न होने के कारण यह परिवार निरंतर संकट से घिरा रहता है।
ऐसे में जब संत रामपाल जी महाराज के आदेश पर उनके शिष्य सहायता लेकर पहुंचे, तो यह परिवार के लिए बड़ी राहत और उम्मीद का संदेश बनकर आया।
अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत पहुंचाई गई आवश्यक राशन सामग्री
अभियान के तहत परिवार को आवश्यक खाद्य सामग्री और घरेलू वस्तुओं का संपूर्ण पैकेट प्रदान किया गया, जिसमें 15 किलो आटा, 5 किलो चावल, दो किलो दाल, एक लीटर सरसों तेल, 2 किलो चीनी, एक किलो दूध पावडर, मसाले, नमक, हल्दी, जीरा, मिर्च आलू-प्याज, चाय पत्ती, साबुन, सर्फ तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल थीं।
इस सहायता का उद्देश्य केवल कुछ दिनों का सहारा देना नहीं, बल्कि परिवार को सम्मानपूर्वक जीवन जीने में सहयोग प्रदान करना है। शिष्यों ने पुनः सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया और परिवार को विशेष संपर्क-कार्ड भी प्रदान किया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
अन्नपूर्णा मुहिम समाज-कल्याण के प्रति संत रामपाल जी महाराज की महान पहल
अन्नपूर्णा मुहिम, संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में संचालित एक व्यापक सामाजिक सेवा अभियान है, जिसके अंतर्गत गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क खाद्य सामग्री, गैस सिलेंडर तथा आवश्यक जीवनोपयोगी वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस मुहिम का लक्ष्य समाज के कमजोर वर्गों के जीवन से अभाव, भूख और उपेक्षा की भावना को दूर करना है। साथ ही यह पहल नशामुक्त, अनुशासित और सादगीपूर्ण जीवन-शैली को भी प्रोत्साहित करती है, ताकि समाज नैतिक एवं स्वस्थ दिशा में आगे बढ़ सके।
इसके अतिरिक्त, गरीब बच्चों को शिक्षा में बाधा न आए इसके लिए स्कूल ड्रेस, किताबें और शैक्षणिक सामग्री भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।
समाज सुधार, नशा मुक्ति और बिना दहेज विवाह व्यापक सामाजिक योगदान
संत रामपाल जी महाराज द्वारा चल रहे प्रयास केवल खाद्य वितरण तक सीमित नहीं हैं। इनके साथ-साथ नशा मुक्ति अभियान, बिना दहेज के विवाह, सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता और सादगीपूर्ण जीवन को बढ़ावा देने जैसे कार्यक्रम भी निरंतर संचालित किए जा रहे हैं।
इन पहलों का उद्देश्य समाज पर आर्थिक बोझ कम करना और एक सकारात्मक, समतामूलक एवं मानवीय सामाजिक व्यवस्था स्थापित करना है।
जेल में रहते हुए भी जारी सेवा
जब यह प्रश्न उठा कि संत रामपाल जी महाराज जेल में रहते हुए भी इतनी विशाल सामाजिक सेवा कैसे संचालित कर रहे हैं, तो शिष्यों ने कहा कि उनकी प्रेरणा, दिशा-निर्देश और मानवीय चिंतन आज भी समाज में प्रभावी रूप से कार्य कर रहे हैं। यह तो कोई भगवान ही कर सकता है। क्योंकि यह किसी साधारण व्यक्ति के वश की बात नहीं है और ना ही अमीर से अमीर व्यक्ति हमेशा हमेशा के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर सकते और परिवारों को हमेशा के लिए गोद ले सकते हैं।
पूर्ण संत की सेवा भावना स्थान या परिस्थिति पर निर्भर नहीं रहती। उनके विचार, आदेश और उद्देश्य समाज के हित में निरंतर काम करते रहते हैं। संत रामपाल जी महराज परमेश्वर कबीर साहेब जी के अवतार हैं। संत रूप में सबकी मदद कर रहे हैं, कहते हैं,
तरुवर, सरोवर और संत जन, और चौथा बरसे मेह ।
परमार्थ के कारणे इन चारों धारी देह ॥
भविष्य के लिए निरंतर सहायता-प्रणाली
अन्नपूर्णा मुहिम की विशेषता यह है कि यह केवल एक बार की सहायता तक सीमित नहीं रहती, बल्कि लाभार्थियों के लिए एक दीर्घकालिक सहायता-प्रणाली विकसित करती है। सहायता प्राप्त करने वाले परिवारों से अनुरोध किया जाता है कि वे राशन या गैस सिलेंडर समाप्त होने से दो दिन पूर्व दिए गए संपर्क नंबरों पर सूचना दें, ताकि समय रहते नई सामग्री की व्यवस्था की जा सके।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परिवार को भोजन या ईंधन के लिए संकट की स्थिति का सामना न करना पड़े और सहायता सतत एवं सुसंगत रूप से चलती रहे।
संत रामपाल जी महराज हैं असली करुणानिधि
सुनारिया खुर्द गांव में जरूरतमंद परिवार तक पहुंची यह सहायता केवल राशन वितरण भर नहीं, बल्कि करुणा, संवेदना और सच्ची मानवता का जीवंत प्रतीक है। संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से चल रही यह मुहिम सिद्ध करती है कि संत रामपाल जी महाराज असली संत हैं, मसीहा हैं और लोगों के भगवान हैं। जिसे धन चाहिए धन देते हैं, भोजन चाहिए भोजन देते हैं, घर टूटा है घर देते हैं, शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाते हैं, कपड़ों से लेकर चिकित्सा तक संत रामपाल जी ने जरूरतमंदों को उपलब्ध करवाई है और लगातार करवा रहे हैं। उनके सभी आश्रमों में 24 घंटे सभी के लिए निशुल्क भंडारा चलता रहता है। संत रामपाल जी महाराज मसीहा हैं और कबीर परमेश्वर के अवतार हैं।

