दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-20 स्थित जेपी कॉलोनी में एक ऐसा परिवार निवास कर रहा था, जिसकी स्थिति सुनकर रूह कांप जाए। इस परिवार में माता-पिता का साया वर्षों पहले उठ चुका है। घर की जिम्मेदारी सबसे बड़ी बहन करिश्मा पर है, जो दूसरों के घरों में साफ-सफाई कर किसी तरह गुजारा करती है। परिवार में तीन बहनें और एक छोटा भाई है। इनमें से एक बहन प्रिया (21 वर्ष) मानसिक रूप से विकलांग है और पूर्णतः बिस्तर पर है। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी भयावह थी कि उन्हें कई दिन भूखा रहना पड़ता था।
समाचार के मुख्य बिंदु:
- दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-20 की जेपी कॉलोनी में माता-पिता विहीन चार भाई-बहनों की दयनीय स्थिति।
- परिवार में तीन बहनें और एक छोटा भाई, जिनमें से एक बहन मानसिक रूप से विकलांग और बिस्तर पर है।
- घर के 8×8 के छोटे कमरे में जर्जर छत, टूटी दीवारें और बिना बिजली के नरकीय जीवन है।
- संत रामपाल जी महाराज ने परिवार को गोद लिया है
- संत रामपाल जी महाराज ने सुनिश्चित की राशन, गैस सिलेंडर, बिस्तर और शिक्षा सामग्री की तत्काल उपलब्धता।
- महाराज जी का संकल्प: जब तक भाई आत्मनिर्भर नहीं होता, तब तक पूरी जिम्मेदारी महाराज जी की।
विपदा का केंद्र: ग्रामीणों ने लगाई संत रामपाल जी महाराज से गुहार
जब स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों ने इस परिवार की असहनीय पीड़ा देखी, तो उन्होंने इस विपदा की सूचना संत रामपाल जी महाराज तक पहुँचाई। जर्जर मकान की छत बारिश में टपकती है और नाली का पानी घर के भीतर भर जाता है, जिससे बच्चों को पूरी रात खड़े होकर गुजारनी पड़ती थी। बिजली का बिल न भर पाने के कारण 15-16 साल से कनेक्शन कटा हुआ था। इस अंधकारमय जीवन की सूचना मिलते ही संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत सेवा का आदेश दिया।
मदद का महाकुंभ: संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई राहत सामग्री
संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार परिवार को राशन और घरेलू उपयोग की सभी वस्तुएं उपलब्ध कराईं गई। प्रदान की गई सामग्री का विवरण नीचे तालिका में दिया गया है:

| श्रेणी | सामग्री का विवरण |
| खाद्य सामग्री | 25 किलो आटा, 5 किलो चावल, 5 किलो आलू, 5 किलो प्याज, 4 किलो चीनी, दालें (मूंग, चना), तेल, मसाले, चाय पत्ती, नमक, अचार आदि। |
| ईंधन | भरा हुआ गैस सिलेंडर और चूल्हा। |
| आवास सामग्री | दो नए पलंग (बेड) और दो आरामदायक गद्दे। |
| शिक्षा सामग्री | स्कूल ड्रेस, जूते, स्कूल बैग, किताबें, कॉपियां, ज्योमेट्री बॉक्स, टिफिन और वाटर बोतल। |
| संपर्क सुविधा | आपातकालीन सहायता और राशन समाप्ति हेतु विशेष संपर्क कार्ड। |
शिक्षा और भविष्य का संकल्प: संत रामपाल जी महाराज की दूरदर्शिता
महाराज जी ने न केवल वर्तमान की भूख मिटाने का प्रबंध किया, बल्कि छोटे भाई की शिक्षा का संपूर्ण भार भी अपने कंधों पर लिया। महाराज जी का स्पष्ट आदेश है कि जब तक यह बालक पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो जाता, तब तक इस परिवार के राशन, चिकित्सा और शिक्षा का संपूर्ण व्यय संत रामपाल जी महाराज द्वारा ही वहन किया जाएगा। परिवार को आश्वासन दिया गया है कि अब उन्हें अंधेरे में रहने की आवश्यकता नहीं है, प्रशासन से बात कर बिजली की समस्या का भी समाधान महाराज जी के आशीर्वाद से कराया जाएगा।
मदद की शर्तें और समाज सुधार का संदेश
संत रामपाल जी महाराज की इस अन्नपूर्णा मुहिम का एक महत्वपूर्ण पहलू समाज सुधार भी है। राहत सामग्री प्राप्त करने वाले लाभार्थी के लिए अनिवार्य है कि वह नशा मुक्त जीवन जिए और मांसाहार का पूर्ण त्याग करे। महाराज जी का उद्देश्य केवल पेट भरना नहीं, बल्कि एक स्वच्छ और नैतिक समाज का निर्माण करना है। यदि कोई सहायता प्राप्त करने के बाद नशा या मांस का सेवन करता है, तो उसकी सहायता तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाती है।
संत रामपाल जी महाराज के चरणों में ही सुरक्षित है मानवता का भविष्य
आज के स्वार्थी युग में जहाँ लोग अपनों को भूल जाते हैं, वहाँ संत रामपाल जी महाराज बिना किसी भेदभाव के संपूर्ण मानव समाज के कल्याण में लगे हैं। रोहिणी के इन अनाथ बच्चों के आँसू पोंछकर महाराज जी ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे ही इस धरा पर सच्चे सतगुरु हैं। उनकी अन्नपूर्णा मुहिम केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि गिरते हुए इंसानों को आत्मसम्मान के साथ जीने का सहारा दे रही है। समाज के प्रत्येक वर्ग को महाराज जी की इन शिक्षाओं और परोपकारी कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए। ऐसे महान दयालु संत के चरणों में कोटि-कोटि नमन है, जिन्होंने अंधकार में डूबे अनाथ बच्चों के जीवन को खुशियों से आलोकित कर दिया।

