शिमली (रोहतक), हरियाणा: रोहतक जिले के गांव शिमली में एक परिवार पिछले 4 सालों से घोर निराशा और गरीबी के अंधेरे में जी रहा था। घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य नरेंद्र जी सात बार एक्सीडेंट होने के कारण बिस्तर पर पड़े थे। कोई सहारा नहीं था, कर्ज़ लेकर गुज़ारा हो रहा था। समाज और रिश्तेदारों ने मुंह मोड़ लिया था। लेकिन, जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ने इस परिवार की सुध ली और उन्हें न केवल राशन दिया, बल्कि इलाज और आजीवन सहायता का वादा भी किया।
परिवार की दयनीय स्थिति का विवरण
नरेंद्र जी और उनके परिवार की कहानी दिल दहला देने वाली है:
- पारिवारिक मुखिया: नरेंद्र जी, जो पिछले 4 साल से चारपाई पर हैं। इनके 7 बार एक्सीडेंट हो चुके हैं।
- परिवार के सदस्य: घर में केवल तीन लोग हैं – नरेंद्र जी, उनकी बुजुर्ग माँ और पत्नी।
- आर्थिक संकट: नरेंद्र जी ही घर के एकमात्र कमाने वाले थे। उनके बिस्तर पर होने से आय का कोई स्रोत नहीं बचा। परिवार कर्ज़ लेकर अपना पेट भर रहा था।
- स्वास्थ्य: एक्सीडेंट की चोटों के अलावा, नरेंद्र जी को पिछले 3 साल से गंभीर शुगर (Diabetes) की बीमारी है (लेवल 500 तक पहुंच जाता है), जिस कारण उनके जख्म नहीं भर रहे हैं।
- निराशा: नरेंद्र जी ने बताया कि उन्होंने मंदिरों और समाज में बहुत हाथ-पैर मारे, लेकिन उन्हें पत्थरों में भगवान नहीं मिले और न ही किसी इंसान ने मदद की।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा मिली राहत
संत रामपाल जी महाराज के शिष्यों ने सर्वे के दौरान इस परिवार को ढूंढा। फिर शिष्यों ने अपने गुरूदेव से प्रार्थना की और उनके आदेशानुसार “रोटी, कपड़ा, चिकित्सा, शिक्षा और मकान, हर गरीब को देगा कबीर भगवान” के संकल्प के साथ सेवादारों ने परिवार को तुरंत राहत सामग्री पहुंचाई।
राहत सामग्री का विवरण
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सामग्री की सूची निम्न प्रकार है:
| क्रम संख्या | सामग्री का नाम | मात्रा/विवरण |
| 1 | आटा | 15 किलोग्राम |
| 2 | चावल | 5 किलोग्राम |
| 3 | आलू | 5 किलोग्राम |
| 4 | प्याज | 5 किलोग्राम |
| 5 | चीनी | 2 किलोग्राम |
| 6 | दालें (मूंग और चना) | 1-1 किलोग्राम |
| 7 | दूध (अमूल) | 1 पैकेट |
| 8 | सरसों तेल | 1 लीटर |
| 9 | चाय पत्ती (टाटा) | 1 पैकेट |
| 10 | नमक (टाटा) | 1 पैकेट |
| 11 | मसाले (हल्दी, मिर्च, जीरा) | 1-1 पैकेट |
| 12 | आचार | 1 डब्बा |
| 13 | डिटर्जेंट/साबुन | नहाने और कपड़े धोने के साबुन, सर्फ |
| 14 | विशेष सहायता | गैस सिलेंडर रिफिल और शुगर की दवाईयां (मांग पर) |
लाभार्थियों और सेवादारों की प्रतिक्रिया
नरेंद्र जी (लाभार्थी):
“मेरे 7 एक्सीडेंट हुए, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। मैंने मंदिरों में पत्थर देखे, भगवान नहीं। आज संत रामपाल जी महाराज के रूप में मुझे भगवान मिले हैं। पहली बार किसी ने मेरे घर आकर मदद की है। मैं ठीक होते ही सबसे पहले आश्रम जाऊंगा।”
सेवादार (संत रामपाल जी महाराज के शिष्य)
“गुरुजी का आदेश है कि जब तक यह परिवार अपने पैरों पर खड़ा नहीं होता, तब तक इनकी हर ज़रूरत (राशन, सिलेंडर, दवाई) हम पूरी करेंगे। इन्हें एक कार्ड दिया गया है, बस एक फोन करने पर राशन घर पहुंच जाएगा।”
विशेष सूचना एवं नियम
इस सेवा का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य है:
- नशा मुक्ति: लाभार्थी परिवार को पूर्ण रूप से नशा मुक्त जीवन जीना होगा।
- सात्विक आहार: मांस, अंडा या किसी भी प्रकार का मांसाहार पूरी तरह वर्जित है।
- चेतावनी: यदि सहायता प्राप्त करने के बाद कोई व्यक्ति नशा या मांसाहार करता पाया गया, तो उसकी मदद तुरंत प्रभाव से बंद कर दी जाएगी।


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